राहुल गांधी आज बालाघाट दौरे पर, आदिवासी बच्चों की मौत से प्रभावित परिवारों से करेंगे मुलाकात

राहुल गांधी आज बालाघाट आ रहे हैं। आदिवासी बच्चों की मौत का मामला सामने आने के बाद उनका यह दौरा महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वे बैहर क्षेत्र के जगला गांव पहुंचकर प्रभावित परिवारों से मुलाकात करेंगे। इस दौरान बच्चों की बीमारी, इलाज की उपलब्धता, कुपोषण, पेयजल और गांवों में स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी स्थिति […]

Oct 1, 2026 - 10:30
राहुल गांधी आज बालाघाट दौरे पर, आदिवासी बच्चों की मौत से प्रभावित परिवारों से करेंगे मुलाकात

राहुल गांधी आज बालाघाट आ रहे हैं। आदिवासी बच्चों की मौत का मामला सामने आने के बाद उनका यह दौरा महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वे बैहर क्षेत्र के जगला गांव पहुंचकर प्रभावित परिवारों से मुलाकात करेंगे। इस दौरान बच्चों की बीमारी, इलाज की उपलब्धता, कुपोषण, पेयजल और गांवों में स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी स्थिति की जानकारी लेंगे।

यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब बच्चों की मौत के कारणों, आदिवासी इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं और प्रशासन की व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कांग्रेस इस मुद्दे पर सरकार से जवाब मांग रही है, जबकि भाजपा राहुल गांधी के दौरे को राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश बता रही है।

राहुल गांधी आज बालाघाट में

राहुल गांधी दिल्ली से महाराष्ट्र के गोंदिया के लिए रवाना होंगे। उनका विमान लगभग 11:45 बजे गोंदिया स्थित बिरसी हवाई पट्टी पर पहुंचेगा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी यहां उनकी अगवानी करेंगे। इसके बाद राहुल गांधी सड़क मार्ग से बालाघाट के जगला गांव के लिए रवाना होंगे।

प्रस्तावित कार्यक्रम के मुताबिक वे दोपहर लगभग 2:15 बजे जगला गांव पहुंचेंगे। यहां लगभग 45 मिनट तक प्रभावित परिवारों से मुलाकात करेंगे। इसके बाद दोपहर लगभग 3 बजे मीडिया से बातचीत का कार्यक्रम है। लगभग 3:10 बजे वे जगला गांव से वापस गोंदिया के लिए रवाना होंगे और शाम 5:44 बजे गोंदिया से दिल्ली लौटेंगे।

परिवारों से जानेंगे बीमारी और इलाज के दौरान क्या हुआ

जगला गांव में राहुल गांधी उन परिवारों से मिलेंगे, जिनके बच्चों की बीमारी के दौरान मौत हुई है। इस दौरान बच्चों की बीमारी, उन्हें मिले इलाज, अस्पताल तक पहुंचने में आई दिक्कतों और गांव में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति के बारे में जानकारी ली जाएगी। आदिवासी परिवारों के लिए पोषण और पेयजल की उपलब्धता से जुड़े मुद्दों पर भी बातचीत हो सकती है।

मौत के कारण को लेकर तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं

बालाघाट के आदिवासी इलाकों में बच्चों की मौत का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच और निगरानी बढ़ाई है। अलग-अलग मामलों में मलेरिया, खसरा, सांस संबंधी संक्रमण, डिहाइड्रेशन, एनीमिया और कुपोषण जैसी स्वास्थ्य समस्याओं का उल्लेख सामने आया है। मौत की संख्या को लेकर भी अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं। कांग्रेस ने 30 से अधिक बच्चों की मौत का दावा किया है, जबकि विभिन्न रिपोर्टों और सरकारी स्तर पर सामने आए आंकड़ों में अंतर रहा है।

यह मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित गांवों में मेडिकल टीमों की तैनाती बढ़ाई। स्वास्थ्यकर्मियों ने घर-घर जाकर बच्चों की जांच की और गंभीर रूप से बीमार बच्चों को अस्पताल भेजा। सरकार की ओर से मलेरिया और दूसरी बीमारियों की जांच, टीकाकरण और स्वास्थ्य निगरानी बढ़ाने की जानकारी दी गई है। दूरदराज के इलाकों में मोबाइल मेडिकल यूनिट और अतिरिक्त स्वास्थ्यकर्मियों की व्यवस्था किए जाने की भी बात कही गई है।

हाईकोर्ट भी पहुंच चुका है मामला

बच्चों की मौत का मामला मध्यप्रदेश हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है। जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने राज्य सरकार और संबंधित विभागों से जवाब मांगा है। याचिका में आदिवासी इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं और बच्चों की मौत से जुड़े कई सवाल उठाए गए हैं। इस तरह मामला अब राजनीतिक बहस के साथ न्यायिक प्रक्रिया का भी हिस्सा है।

Anand Sahay पत्रकारिता के क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है और ब्रेकिंग न्यूज़ तथा राष्ट्रीय खबरों को कवर करने में विशेष रुचि रखते हैं। महत्वपूर्ण घटनाओं का विश्लेषण कर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।