यहां विस्तार से पढ़िए मोहन कैबिनेट बैठक के 10 बड़े फैसले, किसानों, युवाओं और आमजन को मिलेगा लाभ
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 28 जुलाई को मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में अहम कैबिनेट बैठक हुई, जिसमें कई बड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई और कुछ महत्वपूर्ण फैसले भी लिए गए। बैठक में खेल गतिविधियों, सिंचाई, महिला सशक्तिकरण, सूचना प्रौद्योगिकी और किसान कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णयों पर मुहर लगाई गई।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 28 जुलाई को मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में अहम कैबिनेट बैठक हुई, जिसमें कई बड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई और कुछ महत्वपूर्ण फैसले भी लिए गए। बैठक में खेल गतिविधियों, सिंचाई, महिला सशक्तिकरण, सूचना प्रौद्योगिकी और किसान कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णयों पर मुहर लगाई गई। बैठक में प्रदेश के सर्वांगीण विकास, के लिए लगभग 2 हजार 480 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी गई। प्रमुख निर्णयों में अक्टूबर 2026 में भोपाल में ‘महिला एशियन हॉकी चैम्पियन्स ट्रॉफी’ के भव्य आयोजन के लिए 18 करोड़ 74 लाख रुपये की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई, जिससे राज्य की खेल अवसंरचना और पर्यटन को वैश्विक पहचान मिलेगी। आइए जानते हैं मोहन कैबिनेट बैठक के प्रमुख 10 बड़े फैसले…
भोपाल में होगा महिला एशियन हॉकी चैम्पियन्स ट्रॉफी 2026 का आयोजन
- महिला एशियन हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी 2026 का आयोजन नाथू बरखेड़ा, भोपाल में अक्टूबर-नवंबर में होने जा रहा है। आयोजन के लिए 18 करोड़ 74 लाख रुपये के व्यय की सैद्धांतिक सहमति प्रदान की है।
- हॉकी इण्डिया को अन्तर्राष्ट्रीय हॉकी महासंघ द्वारा देश में हॉकी खेल का संचालन, प्रोत्साहन और अन्तर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय हॉकी प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए अधिकृत किया गया है।
- प्रतियोगिता वर्ष 2010 से निरन्तर 2 वर्ष के अन्तराल में आयोजित की जा रही है। महिला एशियन हॉकी चैम्पियन्स ट्रॉफी 2026 में एशिया की प्रमुख 6 महिला टीमों (भारत, चीन, जापान, मलेशिया, साउथ कोरिया, एवं थाईलैण्ड) के लगभग 200 खिलाडी व सपोर्ट स्टॉफ के सम्मिलित होने की संभावना है।
- यह अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता हॉकी इण्डिया और खेल और युवा कल्याण विभाग द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित की जायेगी।
अनुबंध अनुसार हॉकी इण्डिया को खेल और युवा कल्याण विभाग द्वारा ‘पेजेंटिंग पार्टनर’ राईटस के लिए 11 करोड़ दिये जाएंगे। अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए विभाग दवारा 7 करोड़ 74 लाख रूपये का व्यय किया जायेगा। इस प्रकार आयोजन पर लगभग 18 करोड़ 74 लाख का व्यय होना संभावित है।
रिहन्द माइक्रो सिंचाई परियोजना के संचालन के लिए 111 करोड़
- सिंगरौली की रिहन्द माइक्रो सिंचाई परियोजना को 16वें केन्द्रीय वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरन्तर संचालन के लिए 111 करोड़ 4 लाख की स्वीकृति दी है।
- इसका मुख्य उद्देश्य गोविन्द वल्लभ पंत सागर रिजर्वायर (रिहन्द नदी पर स्थित) से संचित जल का उद्वहन कर सिंगरौली, माड़ा, वैढन और जावद तहसील के 119 गांवों में 38,000 हेक्टेयर क्षेत्र में सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के माध्यम से सिंचाई के लिए जल प्रदान करना है।
मल्हारगढ़ दाबयुक्त वृहद उद्वहन सिंचाई परियोजना के लिए 184 करोड़
- मंदसौर की मल्हारगढ़ दाबयुक्त वृहद उद्वहन सिंचाई परियोजना के सोलहवें केन्द्रीय वित्त आयोग की अवधि 01 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरन्तर संचालन के लिए 184 करोड़ 20 लाख की स्वीकृति दी है।
- मल्हारगढ़ दाबयुक्त वृहद उद्वहन सिंचाई परियोजना लिफ्ट सिंचाई परियोजना है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य मंदसौर जिले की 46,500 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित करना है।
विभिन्न योजनाओं के लिए 857 करोड़ रुपये की स्वीकृति
- आईसर में ड्रोन टेक्नोलॉजी पर आधारित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना के लिए 85 करोड़ 51 लाख सहित विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की विभिन्न योजनाओं के 16वें केन्द्रीय वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरन्तर संचालन के लिए 857 करोड़ 21 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।
ग्वालियर में विद्युत सुरक्षा निरीक्षकालय के नवीन वृत्त कार्यालय की स्थापना
- ग्वालियर में विद्युत सुरक्षा निरीक्षकालय के नवीन वृत्त कार्यालय और 9 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति दी है।
- सृजन संबंधी कार्यवाही के लिए ऊर्जा विभाग को अधिकृत किया गया है। इससे विशेषत: मुरैना के बामौर और भिंड के मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र को लाभ प्राप्त हो सकेगा।
- भविष्य में मुरैना में 600 मेगावाट का बैटरी स्टोरेज सोलर पॉवर प्लांट स्थापित किया जाना है जिसके लिए भी ग्वालियर में नवीन वृत्त कार्यालय स्थापित किया जाना आवश्यक है।
- बता दें कि सभी बड़े राजस्व संभागों (सागर, शहडोल, नर्मदापुरम को छोडकर) में विद्युत निरीक्षकालय के वृत्त कार्यालय स्थापित है। वर्तमान में ग्वालियर एवं चंबल संभाग के विद्युत सुरक्षा और राजस्व संग्रहण संबंधी कार्य भोपाल मुख्यालय से संपादित होते हैं।
नारायणगढ में 9 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति
- मंदसौर के नारायणगढ़ में जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश का एक नवीन पद सहित 9 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति दी है।
- इससे नियमित रूप से न्यायालय का संचालन हो सकेगा
- स्थानीय अधिवक्ताओं और लोगों की मांग के साथ प्रकरणों का निराकरण किया जा सकेगा ।
- आम जन को सुलभ व त्वरित न्याय मिल सकेगा।
प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी के संचालन के लिए 129 करोड़
- सामान्य प्रशासन विभाग के अंतर्गत RCVP नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी की गतिविधियों से संबंधित योजनाओं के 16वें केन्द्रीय वित्त आयोग की अवधि 01 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरन्तर संचालन के लिए 129 करोड़ 12 लाख रुपये की स्वीकृति दी है।
- इससे अकादमी के स्थापना एवं कार्यालयीन व्यय, मिशन कर्मयोगी, विभागीय परिसंपतियों का संधारण एवं प्रशासन अकादमी परिसर में प्रशिक्षण गतिविधियों के लिए भौतिक सुविधाओं का निर्माण संबंधित कार्य किए जायेंगे।
कर्मचारी पेंशन, भविष्य निधि और बीमा योजना के लिए 982 करोड़
- वित्त विभाग के अंतर्गत कर्मचारी कल्याण, पेंशन, भविष्य निधि और बीमा की योजनाओं के 16वें केन्द्रीय वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल, 2026 से मार्च 2031 तक के लिए निरंतर संचालन के लिए 982 करोड़ 49 लाख रुपये की स्वीकृति दी है।
- संचालनालय पेंशन, भविष्य निधि एवं बीमा की योजनाओं, पेंशन तथा कर्मचारी कल्याण संचालनालय, जिला पेंशन कार्यालय, विभागीय परिसंपत्तियों का संधारण, पेंशनर कल्याण कोष, शासकीय सेवक परिवार कल्याण निधि पर ब्याज, शासकीय कर्मचारी समूह बीमा योजना, शासकीय कर्मचारी सह समूह बीमा योजना को संचालित किया जायेगा।
समर्थन मूल्य पर उपार्जन पर किसानों को बोनस, भुगतान योजना जारी रहेगी
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग अंतर्गत 500 करोड़ से अधिक की योजना अंतर्गत समर्थन मूल्य पर किसानों को उपार्जन पर बोनस भुगतान के 16वें केन्द्रीय वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक में निरंतर संचालन की स्वीकृति दी है।
संकल्प-हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वुमेन, शक्ति सदन और सखी निवास के लिए 198 करोड़
- मंत्रि-परिषद ने मिशन शक्ति- उपयोजना सामर्थ्य अंतर्गत संकल्प-हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ़ वुमेन, शक्ति सदन और सखी निवास योजना के वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर क्रियान्वयन के लिए 198 करोड़ 59 लाख की स्वीकृति दी है।
- इसका उद्देश्य महिलाओं को उनके कल्याण और सशक्तिकरण के लिए योजनाओं और नीतियों के बारे में जागरूकता के साथ-साथ पहुंच प्रदान करना है। यह योजना पूर्व से सभी 52 जिलों में संचालित है और अब इसे 3 नवगठित जिलों में संचालित किया जायेगा।
- शक्ति सदन का उद्देश्य महिलाओं के लिए एक सुरक्षित और सक्षम वातावरण बनाना तथा अवैध व्यापार, संकट में फंसी महिलाओं को कठिन परिस्थितियों से उबार कर एक नई शुरुआत करवाना है। वर्तमान में प्रदेश में 14 शक्ति सदन अशासकीय संस्थाओं के माध्यम से संचालित है। भारत सरकार द्वारा 5 नये शक्ति सदन स्वीकृत किये गये हैं।
- शहरी/ग्रामीण कामकाजी महिलाओं को सुविधाजनक व सुरक्षित आवास प्रदान करने के लिए सखी निवास योजना को लागू किया गया है। पूर्व में इस योजना का नाम महिला विश्रामालय था।
- सखी निवास में सभी वर्ग की कामकाजी महिलाओं को प्रवेश दिया जाता है। सखी निवास में महिला कर्मचारियों के छोटे बच्चों के लिए डे-केयर सेंटर संचालन का भी प्रावधान है। प्रदेश में 3 शासकीय सखी निवास संचालित है।
IT पार्क स्थापना की निरंतरता को मंजूरी, 8000 को मिलेगा रोजगार
- प्रदेश में IT पार्क की स्थापना’ संबंधी योजना के लिए 595 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना अंतर्गत प्रदेश में इन्दौर, भोपाल, जबलपुर एवं ग्वालियर में IT पार्को की स्थापना की गई है।
- IT पार्क एवं IT टावर्स की स्थापना से प्रदेश में आधुनिक तकनीकी अधोसंरचना का विकास होगा और देश-विदेश के निवेशकों को आकर्षित कर निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा। प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के व्यापक अवसर सृजित होंगे तथा 8000 से अधिक स्थानीय युवाओं को कौशल आधारित रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।
- उल्लेखनीय है कि अब तक लगभग 22000 युवाओ को रोजगार प्राप्त हो चुका है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) के अंतर्गत संपादित एमओयू के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से IT एवं ESDM क्षेत्र का विस्तार होगा।
IISER भोपाल में ड्रोन टेक्नोलॉजी आधारित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस/ IT पार्कों के लिए 857 करोड़
- विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग अंतर्गत भोपाल स्थित भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER) में ड्रोन तकनीक आधारित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना को मंजूरी प्रदान की है।
- स्थापना के लिए कुल लागत 85 करोड़ 51 लाख रुपये में से 17 करोड़ 90 लाख रुपये को आगामी तीन वर्षों तक प्रदाय किए जाने की स्वीकृति दी है।
- यह एक उन्नत अनुसंधान एवं विकास (R&D) आधारित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में कार्य करेगा, जिसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), ड्रोन सिमुलेशन, डिजिटल ट्विन प्रौद्योगिकी, UAV डिजाइन एवं निर्माण, स्वायत्त प्रणालियों तथा उन्नत अनुप्रयोगों पर अनुसंधान को बढावा दिया जाएगा।
- केंद्र में स्टार्टअप इन्क्यूबेशन, प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट (PoC), प्रोटोटाइप विकास एवं परीक्षण जैसी सुविधाएँ विकसित की जाएंगी, जिससे राज्य में ड्रोन प्रौद्योगिकी का एक समग्र एवं आत्मनिर्भर पारिस्थितिकी तंत्र विकसित हो सकेगा।