2 साल में तीन गुना हुई ट्रंप की संपत्ति, क्रिप्टो से कमाए करोड़ों डॉलर; विरोधियों के आरोपों पर दिया करारा जवाब
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्रिप्टो करेंसी से हुई अपनी बंपर कमाई पर उठ रहे सवालों का जवाब दिया है। ट्रंप का कहना है कि उनका पैसा ब्लाइंड ट्रस्ट में है और शेयर बाजार में तेजी की वजह से इस समय हर कोई मुनाफा कमा रहा है।
Washington: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की क्रिप्टोकरेंसी (Crypto) से हुई भारी-भरकम कमाई को लेकर इस समय अमेरिका की राजनीति में बहस तेज हो गई है। आलोचकों और विरोधियों द्वारा उठाए जा रहे सवालों का जवाब देते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ कहा है कि इस कमाई में कुछ भी गलत नहीं है।
ट्रंप के मुताबिक, इस समय सिर्फ वही नहीं बल्कि ‘हर कोई मुनाफा कमा रहा है।’ उन्होंने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया कि वह अपने राष्ट्रपति पद का इस्तेमाल अपनी निजी संपत्ति को बढ़ाने के लिए कर रहे हैं। ट्रंप ने यह बयान बुधवार को कतर की तरफ से अमेरिका को तोहफे में मिले नए ‘एयर फोर्स वन’ विमान से अपनी पहली उड़ान पर निकलने से पहले पत्रकारों से बातचीत में दिया।
‘ब्लाइंड ट्रस्ट’ का दिया हवाला
जब पत्रकारों ने ट्रंप से उनकी बढ़ती संपत्ति और हितों के टकराव पर सवाल पूछा, तो उन्होंने कहा कि उनकी संपत्तियों का प्रबंधन एक ‘ब्लाइंड ट्रस्ट’ के जरिए किया जाता है। ट्रंप ने कहा, “मेरे पैसों का सारा मैनेजमेंट फंड मैनेजर देखते हैं। मैंने राष्ट्रपति बनने से पहले ही अपने बिजनेस करियर में काफी पैसा कमाया था।
वे लोग मेरे पैसे को सही जगह निवेश करते हैं और मैं खुद अपने निवेश से जुड़े फैसलों में कोई दखल नहीं देता, न ही मैं उनसे इस बारे में कोई बात करता हूँ।” ट्रंप का दावा है कि उनकी आर्थिक सफलता राजनीति की वजह से नहीं, बल्कि उनके पुराने कारोबारी अनुभवों की बदौलत है।
क्रिप्टो डील्स से कमाए अरबों रुपये, 2 साल में तीन गुना हुई संपत्ति
सरकारी आंकड़ों और वित्तीय खुलासों के मुताबिक, साल 2025 में ट्रंप को ‘वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल’ (WLF) नाम के स्टार्टअप से जुड़े संबंधों के जरिए करीब 55 करोड़ डॉलर (550 मिलियन डॉलर) की भारी आय हुई थी। इसके अलावा, जनवरी 2025 में राष्ट्रपति पद की शपथ लेने से ठीक कुछ घंटे पहले लॉन्च की गई ‘$TRUMP’ क्रिप्टोकरेंसी के लाइसेंसिंग समझौते से भी उन्हें करीब 63.5 करोड़ डॉलर (635 मिलियन डॉलर) की रॉयल्टी मिली।
प्रसिद्ध मैगजीन फोर्ब्स की रिपोर्ट बताती है कि ट्रंप की कुल संपत्ति जो साल 2024 में करीब 2.3 अरब डॉलर थी, वह साल 2026 तक बढ़कर लगभग 6.5 अरब डॉलर पर पहुंच गई है। यानी सिर्फ दो साल में उनकी संपत्ति करीब तीन गुना बढ़ गई, जिसमें सबसे बड़ा रोल क्रिप्टो बिजनेस का रहा।
ट्रंप सरकार की नीतियों और वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल पर उठे सवाल
आपको बता दें कि ‘वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल’ (WLF) की शुरुआत सितंबर 2024 में हुई थी, जिसे ट्रंप के बेटों और उनके मिडिल ईस्ट के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के बेटे ने मिलकर शुरू किया था। राष्ट्रपति बनने के बाद ट्रंप सरकार ने क्रिप्टो सेक्टर के नियमों में काफी ढील दी है, जिससे डिजिटल एसेट्स की कीमतों में भारी उछाल आया।
आलोचकों का आरोप है कि ट्रंप की सरकारी नीतियों से सीधे तौर पर उनके अपने पारिवारिक बिजनेस को फायदा पहुंचा है। हालांकि, व्हाइट हाउस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि ट्रंप की नीतियां किसी निजी फायदे के लिए नहीं हैं, बल्कि उनका मकसद अमेरिका को पूरी दुनिया की ‘क्रिप्टो राजधानी’ बनाना है।