कल से शुरू होगी भोपाल में सीलिंग की कार्रवाई, रहवासी इलाकों की दुकानों पर 24 घंटे के नोटिस चस्पाए, पुलिस की मौजूदगी में होगी कार्रवाई

भोपाल में रहवासी क्षेत्रों में संचालित दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर सोमवार से सीलिंग की कार्रवाई शुरू होगी। नगर निगम ने रविवार को प्रभावित दुकानों पर 24 घंटे के नोटिस लगाए। वहीं कार्रवाई के दौरान पुलिस की मौजूदगी रहेगी ताकि विरोध या हंगामे की स्थिति में व्यवस्था बनाए रखी जा सके। यह अभियान सुप्रीम कोर्ट […]

Aug 30, 2026 - 21:30
कल से शुरू होगी भोपाल में सीलिंग की कार्रवाई, रहवासी इलाकों की दुकानों पर 24 घंटे के नोटिस चस्पाए, पुलिस की मौजूदगी में होगी कार्रवाई

भोपाल में रहवासी क्षेत्रों में संचालित दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर सोमवार से सीलिंग की कार्रवाई शुरू होगी। नगर निगम ने रविवार को प्रभावित दुकानों पर 24 घंटे के नोटिस लगाए। वहीं कार्रवाई के दौरान पुलिस की मौजूदगी रहेगी ताकि विरोध या हंगामे की स्थिति में व्यवस्था बनाए रखी जा सके। यह अभियान सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद तेज किया गया है।

बता दें कि 26 अगस्त तक कुल 8,264 नोटिस जारी किए गए थे, जिनका परीक्षण करने के बाद अब पहले चरण में सीलिंग की तैयारी पूरी कर ली गई है। अधिकारियों के मुताबिक कार्रवाई चरणबद्ध तरीके से होगी और जिन प्रतिष्ठानों ने नोटिस के बावजूद नियमों का पालन नहीं किया है उनके खिलाफ पहले कदम उठाए जाएंगे। शहर के कई हिस्सों में कारोबारी पहले से ही वैकल्पिक जगह तलाशने लगे हैं।

सीलिंग कार्रवाई किन इलाकों से होगी शुरू?

दरअसल नगर निगम ने पहले दिन शहर के छह प्रमुख इलाकों में सीलिंग अभियान चलाने की योजना बनाई है। कार्रवाई के दौरान मिसरोद, हबीबगंज, रातीबड़, कोहेफिजा, गोविंदपुरा, ऐशबाग और कोलार थाना क्षेत्रों का पुलिस बल तैनात रहेगा। नगर निगम का कहना है कि पुलिस की मौजूदगी केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए रहेगी, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। इससे पहले गौतम नगर में एक आवासीय भवन में चल रहे होटल को भी सील किया जा चुका है, जिसके बाद अन्य नोटिसधारकों में चिंता बढ़ गई है। अधिकारियों के अनुसार अभियान केवल दुकानों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उन भवनों की भी जांच होगी जहां मास्टर प्लान और निर्माण नियमों का उल्लंघन होने की आशंका है। सर्वे के दौरान मुख्य सड़कों के किनारे स्थित इमारतों, उनसे जुड़ी गलियों और संवेदनशील क्षेत्रों की भी जांच जारी रहेगी।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद क्यों बढ़ी सख्ती?

बता दें कि भोपाल में यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश के बाद तेज हुई है, जिसमें आवासीय भवनों के व्यावसायिक उपयोग और अवैध निर्माण से जुड़े मामले में मध्य प्रदेश सरकार को राहत नहीं मिली थी। अदालत ने राज्य सरकार की जांच समिति की कार्रवाई पर रोक लगाते हुए पहले मिले कई राहत आदेश भी निरस्त कर दिए थे। अब नगर निगम को 15 सितंबर को अदालत में अपनी कार्रवाई की रिपोर्ट पेश करनी है जिसके चलते प्रशासन तेजी से नियमों के पालन पर जोर दे रहा है। इस बीच रहवासी संघों का कहना है कि आवासीय इलाकों में बढ़ती व्यावसायिक गतिविधियों से शोर, भीड़, ट्रैफिक और सुरक्षा संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं।

Anand Sahay पत्रकारिता के क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है और ब्रेकिंग न्यूज़ तथा राष्ट्रीय खबरों को कवर करने में विशेष रुचि रखते हैं। महत्वपूर्ण घटनाओं का विश्लेषण कर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।