‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के लिए नेहरू स्टेडियम तैयार, 50 हजार छात्रों के जुटने की संभावना, राहुल गांधी भी हो सकते हैं शामिल
इंदौर में 12 सितंबर को प्रस्तावित राहुल गांधी इंदौर दौरा कांग्रेस के छात्र संपर्क अभियान का अहम हिस्सा माना जा रहा है। दरअसल ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के जरिए पार्टी युवाओं और छात्रों से सीधे संवाद की तैयारी कर रही है। नेहरू स्टेडियम को आयोजन स्थल के रूप में चुना गया है और अनुमति के
इंदौर में 12 सितंबर को प्रस्तावित राहुल गांधी इंदौर दौरा कांग्रेस के छात्र संपर्क अभियान का अहम हिस्सा माना जा रहा है। दरअसल ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के जरिए पार्टी युवाओं और छात्रों से सीधे संवाद की तैयारी कर रही है। नेहरू स्टेडियम को आयोजन स्थल के रूप में चुना गया है और अनुमति के लिए नगर निगम को आवेदन भी भेजा जा चुका है।
दरअसल मध्य प्रदेश कांग्रेस इस कार्यक्रम को सिर्फ एक राजनीतिक सभा नहीं, बल्कि छात्रों की समस्याओं और सुझावों को सामने लाने वाले मंच के रूप में पेश करना चाहती है। इसी उद्देश्य से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के निवास पर वरिष्ठ नेताओं और संगठन पदाधिकारियों की बैठक हुई। इसमें कार्यक्रम की रूपरेखा, आयोजन व्यवस्था, छात्र भागीदारी और जिम्मेदारियों के बंटवारे पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में केबी बायजु, सतनारायण पटेल, शोभा ओझा, विपिन वानखेड़े, चिंटू चौकसे, सदाशिव यादव, संजय कामले और रीना बोरासी सहित कई नेता मौजूद रहे।
इंदौर को क्यों चुना गया?
बता दें कि कांग्रेस की शुरुआती चर्चा में इंदौर और जबलपुर दोनों शहरों के नाम सामने आए थे, लेकिन आखिरकार इंदौर को प्राथमिकता दी गई। इसकी सबसे बड़ी वजह शहर का प्रदेश का प्रमुख एजुकेशन हब होना है। यहां बड़ी संख्या में कॉलेज, विश्वविद्यालय और प्रोफेशनल संस्थान हैं, जिससे अलग-अलग जिलों के छात्र आसानी से इस कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। कार्यक्रम के लिए नेहरू स्टेडियम को प्रस्तावित स्थल बनाया गया है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे के मुताबिक, नगर निगम से अनुमति के लिए आवेदन दिया जा चुका है। उन्होंने बताया कि आयोजन में 50 हजार से अधिक छात्रों और युवाओं के पहुंचने की संभावना है। हालांकि अंतिम कार्यक्रम और राहुल गांधी के दौरे का विस्तृत शेड्यूल दिल्ली स्तर पर तय किया जाएगा। कांग्रेस का मानना है कि बड़ी छात्र मौजूदगी के जरिए युवाओं से सीधा संवाद करने का मौका मिलेगा और पार्टी अपनी बात अधिक प्रभावी तरीके से रख सकेगी।
कार्यक्रम में छात्रों के मुद्दों पर रहेगा फोकस
वहीं कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाना है। पार्टी की कोशिश है कि शिक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं और छात्र सुविधाओं जैसे विषयों पर युवाओं की राय सुनी जाए और उन्हें एक साझा मंच दिया जाए। इसके लिए प्रदेश कांग्रेस और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के पदाधिकारियों के बीच पहले ही प्रारंभिक स्तर पर चर्चा हो चुकी है।