कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने ममता बनर्जी पर साधा निशाना, बोले – ‘बीजेपी को बंगाल आप ही लेकर आई हैं’

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद बदले सियासी समीकरणों के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला है। दरअसल भाजपा सरकार बनने के बाद ममता बनर्जी द्वारा विपक्षी एकता की अपील पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए

May 11, 2026 - 20:30
कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने ममता बनर्जी पर साधा निशाना, बोले – ‘बीजेपी को बंगाल आप ही लेकर आई हैं’

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद बदले सियासी समीकरणों के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला है। दरअसल भाजपा सरकार बनने के बाद ममता बनर्जी द्वारा विपक्षी एकता की अपील पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बघेल ने तंज कसा और कहा कि जब सब कुछ हाथ से निकल गया है, तब आप जाग रही हैं। उन्होंने ममता बनर्जी को सीधे तौर पर भाजपा को कोलकाता तक लाने वाली नेता करार दिया। बघेल का स्पष्ट मानना है कि ममता बनर्जी को अन्य भाजपा-विरोधी ताकतों की अहमियत का एहसास तब हुआ, जब उन्हें बंगाल में करारी हार का सामना करना पड़ा और उनकी पार्टी सत्ता से बेदखल हो गई।

दरअसल भूपेश बघेल ने अपने बयान में ममता बनर्जी के पुराने रुख पर सवाल उठाते हुए कहा, “उन्हें यह बात बहुत जल्दी समझ में आ गई। भाजपा तो वहां थी ही नहीं। भाजपा को बंगाल में, कोलकाता ले जाने का काम तो आपने किया। आपने ही भाजपा के बारे में कहा था कि ये हमारे बिल्कुल नैसर्गिक मित्र हैं। आज जब सब कुछ हाथ से चला गया है, तो आप जाग रही हैं।” बघेल के इन कड़े शब्दों से साफ है कि कांग्रेस पार्टी, पश्चिम बंगाल में भाजपा की विजय के लिए कहीं न कहीं ममता बनर्जी की पुरानी नीतियों और बयानों को भी जिम्मेदार मानती है। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब पश्चिम बंगाल में राजनीतिक परिदृश्य पूरी तरह बदल चुका है और टीएमसी को सत्ता गंवानी पड़ी है।

ममता बनर्जी ने क्या कहा था?

दरअसल, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पूरे देश में भाजपा को रोकने के लिए समान विचारधारा वाली पार्टियों को एकजुट होने की अपील की थी। 9 मई को दिए अपने बयान में ममता बनर्जी ने कहा था, “राज्य में हर जगह चुनाव के बाद हिंसा की गूंज सुनाई दे रही है। मैं सभी भाजपा विरोधी ताकतों, सभी छात्र और युवा संगठनों, और सभी गैर-सरकारी संगठनों से एकजुट होने का आह्वान करती हूं। हम भाजपा के खिलाफ एक संयुक्त मोर्चा बनाना चाहते हैं।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस संयुक्त मोर्चे में उनकी कभी कट्टर राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी रही मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) के नेतृत्व वाले वाम मोर्चा का भी भाजपा के खिलाफ पश्चिम बंगाल में स्वागत योग्य है। यह बयान ममता बनर्जी की बदली हुई रणनीति का संकेत देता है, जहां हार के बाद वे अपने पुराने विरोधियों को भी साथ लेने को तैयार दिख रही हैं।

बीजेपी ने हासिल की ऐतिहासिक जीत

उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को बड़ी हार का सामना करना पड़ा है। 294 सीटों वाली विधानसभा में टीएमसी महज 80 सीटों पर सिमट गई, जबकि भाजपा ने प्रचंड बहुमत हासिल करते हुए 207 सीटें जीतकर दो-तिहाई से अधिक बहुमत प्राप्त किया। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही भाजपा ने टीएमसी के 15 साल के शासन का अंत कर दिया। खुद ममता बनर्जी को अपनी पारंपरिक भवानीपुर सीट पर भाजपा के शुभेंदु अधिकारी से 15 हजार से अधिक वोटों के अंतर से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बाद शुभेंदु अधिकारी अब मुख्यमंत्री बन चुके हैं, जिन्होंने 9 मई 2026 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इस करारी हार के बाद ही ममता बनर्जी का विपक्षी एकता का आह्वान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसे भूपेश बघेल जैसे नेता ‘देर से जागी हुई’ प्रतिक्रिया करार दे रहे हैं। बघेल की टिप्पणी पश्चिम बंगाल के राजनीतिक घटनाक्रमों और राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी दलों के बीच संबंधों की जटिलता को उजागर करती है।