CBSE का थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी पर बड़ा फैसला: 10वीं बोर्ड में तीसरी भाषा की परीक्षा नहीं होगी, नई गाइडलाइंस जारी

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी को लेकर बड़ा फैसला लिया है। बोर्ड ने साफ किया है कि कक्षा 9 से छात्रों को तीन भाषाएं पढ़नी होंगी लेकिन कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा सिर्फ दो भाषाओं की होगी। तीसरी भाषा की बोर्ड परीक्षा नहीं देनी होगी। CBSE के नए नियम 1 जुलाई 2026

Jun 29, 2026 - 16:30
CBSE का थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी पर बड़ा फैसला: 10वीं बोर्ड में तीसरी भाषा की परीक्षा नहीं होगी, नई गाइडलाइंस जारी

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी को लेकर बड़ा फैसला लिया है। बोर्ड ने साफ किया है कि कक्षा 9 से छात्रों को तीन भाषाएं पढ़नी होंगी लेकिन कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा सिर्फ दो भाषाओं की होगी। तीसरी भाषा की बोर्ड परीक्षा नहीं देनी होगी।

CBSE के नए नियम 1 जुलाई 2026 से लागू होंगे। इसके तहत छात्रों को तीन भाषाएं चुननी होंगी जिनमें कम से कम दो भारतीय भाषाएं होना जरूरी है। अगर कोई छात्र विदेशी भाषा पढ़ना चाहता है तो वह तय नियमों के अनुसार उसे चुन सकता है।

सीबीएसई ने थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी को लेकर जारी की गाइडलाइंस

सीबीएसई ने थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी को लेकर नई गाइडलाइंस जारी की हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान कक्षा 10 के छात्रों को नई भाषा नीति का पालन नहीं करना पड़ेगा। साथ ही, वर्तमान कक्षा 7, 8 और 9 के छात्रों को जब वे कक्षा 10 में पहुंचेंगे तब तीसरी भाषा (R3) में बोर्ड परीक्षा नहीं देनी होगी।

CBSE के अनुसार, तीन भाषाओं (R1, R2, R3) का अध्ययन 1 जुलाई से कक्षा 9 में अनिवार्य होगा, जिसमें कम से कम दो भाषाएं भारतीय मूल की होनी चाहिए। हालांकि, छात्रों पर बोझ कम करने के लिए R3 का मूल्यांकन पूरी तरह स्कूल स्तर पर आंतरिक होगा और बोर्ड परीक्षा में इसका अलग पेपर नहीं होगा।

मुख्य बिंदु

  • वर्तमान कक्षा 10: नई भाषा नीति लागू नहीं होगी।
  • कक्षा 7, 8 और 9 के छात्र: जब ये छात्र कक्षा 10 में पहुंचेंगे, तो उन्हें तीसरी भाषा में बोर्ड परीक्षा नहीं देनी होगी।
  • दो विदेशी भाषाएं लेने वाले छात्र: वर्तमान कक्षा 7, 8 और 9 के उन छात्रों को राहत, जो पहले से दो विदेशी भाषाएं पढ़ रहे हैं। वे इन्हें जारी रख सकेंगे और एक अतिरिक्त भारतीय भाषा (भारतीय भाषा) पढ़नी होगी।

बोर्ड ने कहा कि यह नीति राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) और NCF-SE 2023 के अनुरूप है जिसका लक्ष्य बहुभाषावाद को बढ़ावा देना और भारतीय भाषाओं को प्रोत्साहन देना है। CBSE ने सभी स्कूलों को निर्देश दे दिए हैं कि वे नीति को सुचारू रूप से लागू करें।

छात्रों को राहत

दरअसल नई भाषा व्यवस्था को लेकर छात्रों और अभिभावकों के बीच कई सवाल उठ रहे थे। इसे लेकर अब सीबीएसई ने साफ कर दिया है कि तीसरी भाषा पढ़ना जरूरी होगा, लेकिन उसकी बोर्ड परीक्षा नहीं होगी। तीसरी भाषा का मूल्यांकन स्कूल स्तर पर ही किया जाएगा। वहीं, कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा में सिर्फ दो भाषाओं के अंक शामिल होंगे।

CBSE Three-Language Guideline

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