PM मोदी के बयान पर CJP का पलटवार, कहा – ‘सबसे बड़ी कार्रवाई शिक्षा मंत्री का इस्तीफा होगा’, पढ़ें यह खबर
NEET पेपर लीक विवाद को लेकर देशभर में चल रही बहस के बीच अब राजनीतिक टकराव भी तेज हो गया है। दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक के मामलों में फास्ट ट्रैक कोर्ट और कड़ी सजा की बात कही है, लेकिन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने इसे पर्याप्त नहीं मानते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री
NEET पेपर लीक विवाद को लेकर देशभर में चल रही बहस के बीच अब राजनीतिक टकराव भी तेज हो गया है। दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक के मामलों में फास्ट ट्रैक कोर्ट और कड़ी सजा की बात कही है, लेकिन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने इसे पर्याप्त नहीं मानते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई है। पार्टी का कहना है कि केवल नए कानून से नहीं, बल्कि जवाबदेही तय होने से ही छात्रों का भरोसा लौटेगा।
दरअसल प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित बनाने के लिए लगातार कदम उठा रही है और दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जाएंगे। साथ ही पेपर लीक रोकने के लिए कड़े प्रावधान वाला कानून लाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने उठाए सवाल
हालांकि इस घोषणा के तुरंत बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सरकार के रुख पर सवाल उठाए। पार्टी का कहना है कि यदि सरकार वास्तव में छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर है तो केवल नए कानून बनाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि पूरे मामले में जवाबदेही भी तय करनी होगी। CJP ने दावा किया कि परीक्षा प्रणाली में आई गड़बड़ियों की नैतिक जिम्मेदारी तय किए बिना समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। वहीं छात्र आंदोलन के बीच आए इस बयान ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। अब इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के साथ-साथ छात्र संगठनों की प्रतिक्रियाएं भी लगातार सामने आ रही हैं।
CJP की मांग – शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा सबसे बड़ा कदम
प्रधानमंत्री जी,
धर्मेंद प्रधान जी का इस्तीफा होना चाहिए,
जिन्होंने छात्रों को गलत तरीके से पीटा उनको सजा मिलनी चाहिए,
आत्म हत्या करने वाले छात्रों के परिवार को मुआवजा मिलना चाहिए,
पेपर लीक के दोषियों को कठोर सजा मिलनी चाहिए। https://t.co/TKsb8gll7h— Cockroach Janta Party (@CJP_for_India) July 24, 2026
दरअसल कॉकरोच जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने प्रधानमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि सरकार वास्तव में सख्त संदेश देना चाहती है तो सबसे पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाना चाहिए। उनके अनुसार यही सबसे प्रभावी कार्रवाई होगी और इससे छात्रों के बीच जवाबदेही का स्पष्ट संदेश जाएगा।
वहीं पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सरकार की घोषणा को लेकर अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए केवल नए कानूनों की घोषणा पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रशासनिक स्तर पर भी ठोस फैसले लिए जाने चाहिए।
दरअसल CJP ने अपने आधिकारिक बयान में चार प्रमुख मांगें भी रखीं। पार्टी ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के अलावा छात्र आंदोलन के दौरान बल प्रयोग की जांच, आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा और पेपर लीक मामलों में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग दोहराई है।
PM मोदी ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने बयान में कहा कि युवाओं का भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और पेपर लीक जैसे अपराधों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने का निर्णय ले चुकी है और संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जा चुके हैं।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार पहले से ही परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित बनाने के लिए कई कदम उठा रही है। उनके अनुसार जिन मामलों में गड़बड़ी सामने आई है, उनमें जांच एजेंसियां कार्रवाई कर रही हैं और दोषियों की गिरफ्तारी भी की जा रही है। सरकार का उद्देश्य ऐसी व्यवस्था तैयार करना है जिसमें छात्रों की मेहनत और योग्यता सुरक्षित रहे तथा भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
सरकार की ओर से यह भी संकेत दिए गए हैं कि संसद में जल्द ही इस संबंध में कड़े प्रावधान वाला विधेयक लाया जा सकता है, जिससे परीक्षा से जुड़े अपराधों पर और प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।