MP में खनन लीज नवीनीकरण मुद्दे पर कांग्रेस हमलावर, उमंग सिंघार ने 305 करोड़ की पेनल्टी को लेकर सरकार को घेरा
मध्यप्रदेश में खनन लीज के नवीनीकरण और करोड़ों रुपये की बकाया पेनल्टी को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बीजेपी सरकार पर खनन माफियाओं को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए इसे “305 करोड़ रुपये का एक और घोटाला” करार दिया है। कांग्रेस नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं प्रदेश
मध्यप्रदेश में खनन लीज के नवीनीकरण और करोड़ों रुपये की बकाया पेनल्टी को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बीजेपी सरकार पर खनन माफियाओं को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए इसे “305 करोड़ रुपये का एक और घोटाला” करार दिया है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं प्रदेश के खनिज साधन मंत्री भी हैं, इसलिए इस पूरे मामले में जवाबदेही उनसे ही तय होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कार्रवाई करने के बजाय प्रभावशाली खनन कारोबारियों को राहत पहुंचा रही है।
हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब
यह मामला उस समय और चर्चा में आया जब मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने राज्य सरकार से इस विषय पर जवाब तलब किया। न्यायमूर्ति जी.एस. अहलूवालिया और न्यायमूर्ति पुष्पेंद्र यादव की युगलपीठ ने जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान सरकार से पूछा कि जिन खनन संचालकों पर वर्षों से करोड़ों रुपये की पेनल्टी बकाया है, उनसे अब तक वसूली क्यों नहीं हुई और उन्हें दोबारा खनन लीज किस आधार पर प्रदान की गई। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को पूरे मामले में एक सप्ताह के भीतर अपना पक्ष स्पष्ट करने का निर्देश दिया है।
पेनल्टी के बावजूद लीज का नवीनीकरण
याचिका के अनुसार, ग्वालियर जिले के कई खनन संचालकों पर वर्ष 2017 से लगभग 305.97 करोड़ रुपये की पेनल्टी बकाया है। आरोप है कि नियमों के मुताबिक बकाया राशि जमा नहीं करने वाले संचालकों को ब्लैकलिस्ट किया जाना चाहिए था, लेकिन विभाग ने ऐसा नहीं किया। याचिका में यह भी कहा गया है कि पेनल्टी की वसूली लंबित रहने के बावजूद संबंधित संचालकों की पुरानी खदानों की लीज का नवीनीकरण कर दिया गया, जबकि कुछ मामलों में नई खनन लीज भी आवंटित की गईं। याचिकाकर्ता का दावा है कि इससे नियमों के पालन और खनन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं।
उमंग सिंघार ने लगाए आरोप
इसे लेकर उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश सरकार खनन माफियाओं के प्रति नरम रवैया अपना रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कुछ खनन संचालकों पर लगभग 305.97 करोड़ रुपये की पेनल्टी बकाया है, लेकिन सरकार उनसे राशि की वसूली करने और नियमानुसार कार्रवाई करने के बजाय उनकी खनन लीज का नवीनीकरण कर रही है। कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि जिन खनन संचालकों पर बड़ी राशि बकाया है, उनके खिलाफ कार्रवाई के बजाय उन्हें राहत क्यों दी जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता इस पूरे मामले में सरकार से जवाब चाहती है।