बदले की आग में जला पाकिस्तान: एयरस्ट्राइक का जवाब देने आधी रात को PAK में घुसी तालिबान सेना, ठिकानों को किया तबाह
Pak Afghan Conflict: पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक का अफगानिस्तान ने लिया बदला। तालिबान सेना ने बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में घुसकर दागे ड्रोन, ISIS ठिकानों को किया तबाह। पढ़ें दोनों देशों के बीच छिड़े इस नए युद्ध की पूरी इनसाइड स्टोरी
New Delhi: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है। सोमवार रात को पाकिस्तान द्वारा की गई एयरस्ट्राइक का अफगानिस्तान के तालिबान शासन ने 24 घंटे के भीतर ही बेहद आक्रामक और मुंहतोड़ जवाब दिया है।
अफगान सेना ने कल देर रात पाकिस्तान की सीमा के भीतर घुसकर बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा प्रांतों में ताबड़तोड़ जवाबी कार्रवाई की। तालिबान के रक्षा मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर इस बड़े हमले की पुष्टि कर दी है, जिससे दोनों देशों के बीच युद्ध जैसी स्थिति बन गई है।
पाकिस्तान की हिमाकत पर तालिबान का पलटवार
दरअसल, यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब सोमवार की रात पाकिस्तानी वायुसेना ने अफगानिस्तान के तीन अलग-अलग प्रांतों में हवाई हमले किए थे। तालिबान सरकार के मुताबिक, पाकिस्तान के इस कायराना हमले में 36 आम बेकसूर नागरिकों की जान चली गई थी। इस खूनखराबे से भड़के तालिबान ने बिल्कुल भी वक्त नहीं गंवाया और अगली ही रात ठीक 11 बजे पाकिस्तान के दो बड़े प्रांतों को अपने ड्रोन्स से निशाना बनाकर तहलका मचा दिया।
ISIS और भ्रष्ट नेटवर्क के जॉइंट कैंप पर सटीक निशाना
अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, उनके निशाने पर कोई आम नागरिक नहीं बल्कि वैश्विक आतंकी संगठन ‘इस्लामिक स्टेट खोरासान’ (ISKP) के ठिकाने थे। अफगान सेना ने बलूचिस्तान के पिशनी जिले के सरनान बाजार इलाके में एक इमारत पर बेहद सटीक ड्रोन स्ट्राइक की। तालिबान का दावा है कि यह इमारत ISKP और अफगानिस्तान विरोधी ‘उपद्रवी एवं भ्रष्ट’ नेटवर्क का एक जॉइंट मिलिट्री कैंप थी, जिसे पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया गया है।
पाकिस्तानी दावों ने खोली पोल
दूसरी तरफ, इस हमले के बाद पाकिस्तान की तरफ से जो रिपोर्ट सामने आई है, वह बेहद चौंकाने वाली है। पाकिस्तान ने दावा किया कि जिस इमारत पर हमला हुआ वह एक स्कूल था, जहाँ अफगान सेना के पूर्व सैनिक रह रहे थे। पाकिस्तानी अधिकारियों के मुताबिक, इस हमले में 3 पूर्व सैनिक घायल हुए हैं।
असल में ये वही पूर्व सैनिक हैं जो तालिबान के डर से भागकर अहमद मसूद जूनियर की ‘नेशनल रेजिस्टेंस फ्रंट’ (NRF) में शामिल हो गए थे और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI ने 2023 में इन्हें अपने यहाँ पनाह देकर तालिबान के खिलाफ एक जॉइंट ब्रिगेड तैयार की थी।
पेशावर और क्वेटा तक गूंजे धमाके
बलूचिस्तान के अलावा अफगान ड्रोन्स ने खैबर पख्तूनख्वा के कंबर खेल और चित्राल में भी आतंकियों के कैंपों को निशाना बनाया। हालांकि, पेशावर के पास हसन खेल इलाके में एक बड़ा हादसा हो गया, जहाँ पाकिस्तान के एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा इंटरसेप्ट किए जाने के कारण एक ड्रोन रिहायशी इलाके पर गिर गया।
इस मलबे की चपेट में आने से 1 महिला की मौत हो गई और 6 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके अलावा बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा में भी एक मकान पर ड्रोन गिरने की खबर है, लेकिन वहां कोई हताहत नहीं हुआ।
नागरिक ठिकानों को नहीं बनाया निशाना
अफगान रक्षा मंत्रालय ने कड़े शब्दों में साफ किया है कि उनकी सेना के सभी हमले बेहद सटीक थे और उन्होंने किसी भी नागरिक ठिकाने को जानबूझकर निशाना नहीं बनाया। तालिबान ने साफ कर दिया है कि वे अपनी संप्रभुता पर आंच नहीं आने देंगे। अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या दोनों देशों के बीच यह खूनी संघर्ष यहीं थमेगा, या फिर पाकिस्तानी सेना इस जवाबी हमले का बदला लेने के लिए कोई नया मोर्चा खोलेगी।