अगर समंदर का यह रास्ता बंद हुआ तो घुटनों पर आ जाएगी दुनिया? मच जाएगी तबाही!
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर चल रही चिंताओं के बीच अब दुनिया का ध्यान तुर्किए के बोस्पोरस जलडमरूमध्य Bosphorus Strait पर भी केंद्रित हो गया है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील समुद्री मार्गों में से एक
New Delhi: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर चल रही चिंताओं के बीच अब दुनिया का ध्यान तुर्किए के बोस्पोरस जलडमरूमध्य Bosphorus Strait पर भी केंद्रित हो गया है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील समुद्री मार्गों में से एक माना जाता है, जिसे ग्लोबल ट्रेड और ऊर्जा आपूर्ति की लाइफलाइन भी कहा जाता है। यह प्राकृतिक जलमार्ग तुर्किए के इस्तांबुल शहर के बीच से गुजरता है और काला सागर को मरमारा सागर से जोड़ते हुए आगे भूमध्य सागर तक पहुंचने का रास्ता बनाता है।
हर दिन हजारों जहाजों की आवाजाही
इसकी सबसे खास बात यह है कि यह यूरोप और एशिया को अलग करने वाली एक प्राकृतिक सीमा भी है, जहां हर दिन हजारों जहाजों की आवाजाही होती है। कुछ जगहों पर इसकी चौड़ाई केवल लगभग 750 मीटर रह जाती है, जिससे यह दुनिया के सबसे संकरे और व्यस्त समुद्री रास्तों में शामिल हो जाता है।
दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में
इस जलमार्ग से रूस, यूक्रेन और कजाकिस्तान जैसे देशों से तेल, गैस और अनाज जैसी जरूरी वस्तुएं दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचाई जाती हैं। इसी वजह से इसे वैश्विक अर्थव्यवस्था का एक बेहद अहम चोकपॉइंट माना जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर किसी भी कारण से इस रास्ते में बाधा आती है या इसे बंद किया जाता है, तो दुनिया भर में तेल की कीमतों में तेजी, ऊर्जा संकट और खाद्य आपूर्ति में भारी असर देखने को मिल सकता है।
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बड़े संकट का सीधा असर
इस मार्ग पर तुर्किए का नियंत्रण 1936 की मोंट्रिक्स कन्वेंशन के तहत तय किया गया है, जिसके अनुसार तुर्किए युद्ध या आपात स्थिति में नौवहन पर कुछ प्रतिबंध लगा सकता है, लेकिन इसे पूरी तरह बंद करना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर आर्थिक और राजनीतिक परिणाम पैदा कर सकता है। इसलिए बोस्पोरस जलडमरूमध्य सिर्फ एक भौगोलिक रास्ता नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और सप्लाई चेन का एक बेहद अहम हिस्सा माना जाता है, जिस पर हर बड़े संकट का सीधा असर पड़ सकता है।