इंदौर: जेल परिसर के बाहर प्लास्टर उतारते नजर आए आरोपी, वायरल हुआ वीडियो, पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल

इंदौर के हीरानगर थाना क्षेत्र में एक वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। इस वीडियो में दो आरोपी, जिन्हें पहले पुलिस ने गिरफ्तार किया था, जेल परिसर के बाहर अपने हाथों और पैरों पर लगे प्लास्टर को खोलकर झाड़ियों में फेंकते हुए स्पष्ट रूप से दिखाई

Jul 27, 2026 - 22:30
इंदौर: जेल परिसर के बाहर प्लास्टर उतारते नजर आए आरोपी, वायरल हुआ वीडियो, पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल

इंदौर के हीरानगर थाना क्षेत्र में एक वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। इस वीडियो में दो आरोपी, जिन्हें पहले पुलिस ने गिरफ्तार किया था, जेल परिसर के बाहर अपने हाथों और पैरों पर लगे प्लास्टर को खोलकर झाड़ियों में फेंकते हुए स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। इस घटनाक्रम का वीडियो वायरल होने के बाद इंदौर पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है, और तत्काल प्रभाव से पूरे मामले की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी संपूर्ण प्रकरण की गहराई से पड़ताल कर रही है।

एडिशनल डीसीपी ओमप्रकाश ने इस वायरल वीडियो को स्वीकार करते हुए पूर्व में हुई घटना की विस्तृत जानकारी मीडिया को दी। उनके अनुसार, यह पूरा मामला हीरानगर थाना क्षेत्र से जुड़ा है। उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले मामूली विवाद पर इन दोनों युवकों ने मारपीट की थी। इस मामले में पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उन पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई और उन्हें जेल भी भेजा गया था।

भागने के दौरान गिरने से आरोपियों को आई थीं चोटें

आरोपियों के चोटिल होने के संबंध में जानकारी देते हुए एडिशनल डीसीपी ओमप्रकाश ने स्पष्ट किया कि पुलिस से बचकर भागने के दौरान वे दोनों गिर गए थे, जिससे उन्हें चोटें आई थीं। चोटिल होने के कारण ही उन्हें तुरंत उपचार प्रदान किया गया था और उनके हाथ-पैरों में प्लास्टर लगाए गए थे। पुलिस का दावा है कि ये चोटें गिरफ्तारी के दौरान भागने के प्रयास में लगी थीं, न कि पुलिस की किसी कार्रवाई के कारण। अधिकारी ने जोर देकर कहा कि पुलिस ने हमेशा नियमों का पालन किया है।

वायरल वीडियो में जेल परिसर के बाहर प्लास्टर उतारते दिखे आरोपी

हालांकि, वायरल वीडियो इस दावे के विपरीत एक अलग ही तस्वीर पेश कर रहा है। वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि जेल परिसर के ठीक बाहर पहुंचने के बाद दोनों आरोपी, जो कथित तौर पर चोटिल थे और जिनके हाथ-पैरों में प्लास्टर लगे थे, अपने हाथों और पैरों से पट्टियां और प्लास्टर खोलकर पास की झाड़ियों में फेंक रहे हैं। यह पूरी गतिविधि किसी व्यक्ति ने अपने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर ली थी, और अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे पुलिस के दावों पर संदेह उत्पन्न हो रहा है।

पूरे प्रकरण की गहराई से होगी पड़ताल: एडिशनल डीसीपी

वायरल वीडियो के सामने आने के बाद एडिशनल डीसीपी ओमप्रकाश ने पुनः दोहराया कि पुलिस द्वारा गठित जांच कमेटी इस पूरे प्रकरण की गहराई से पड़ताल करेगी। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन का कहना है कि जांच निष्पक्ष होगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। यह घटना पुलिस की कार्यप्रणाली और आरोपियों के चोटिल होने के दावों पर नए सिरे से बहस छेड़ रही है, जिससे जांच कमेटी पर गहन दबाव बना हुआ है कि वह जल्द से जल्द अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करे। इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है, यह जांच रिपोर्ट पर निर्भर करेगा।