दिल्ली में बड़ा हादसा, साकेत मेट्रो स्टेशन के पास पांच मंजिला इमारत ढही, मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका

राजधानी दिल्ली के साकेत मेट्रो स्टेशन के समीप शनिवार शाम एक भयावह हादसा सामने आया, जब पांच मंजिला एक इमारत अचानक भरभराकर ढह गई। इस घटना के बाद कई लोगों के मलबे के नीचे फंसे होने की आशंका जताई जा रही है, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अधिकारियों के अनुसार, दक्षिण

May 30, 2026 - 23:30
दिल्ली में बड़ा हादसा, साकेत मेट्रो स्टेशन के पास पांच मंजिला इमारत ढही, मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका

राजधानी दिल्ली के साकेत मेट्रो स्टेशन के समीप शनिवार शाम एक भयावह हादसा सामने आया, जब पांच मंजिला एक इमारत अचानक भरभराकर ढह गई। इस घटना के बाद कई लोगों के मलबे के नीचे फंसे होने की आशंका जताई जा रही है, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अधिकारियों के अनुसार, दक्षिण दिल्ली के इस व्यस्त क्षेत्र में स्थित यह बहुमंजिला इमारत पूरी तरह से ढह गई और देखते ही देखते मलबे के एक विशाल ढेर में तब्दील हो गई।

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, ढही हुई इमारत के भूतल पर एक कोचिंग संस्थान संचालित हो रहा था, जबकि उसकी ऊपरी मंजिलों पर निर्माण कार्य जारी था। ऐसी प्रबल आशंका व्यक्त की जा रही है कि मलबे में फंसे हुए लोगों में बड़ी संख्या में छात्र हो सकते हैं, जो कोचिंग संस्थान में मौजूद रहे होंगे या निर्माण कार्य में लगे मजदूर। हालांकि, अभी तक फंसे हुए लोगों की सही संख्या की पुष्टि नहीं की जा सकी है, जिससे बचाव टीमों के लिए चुनौती और बढ़ गई है।

हादसे के बाद घटनास्थल पर मची अफरा-तफरी

हादसे के तुरंत बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का मंजर देखने को मिला। सैदुलाजाब में साकेत मेट्रो स्टेशन के पास वेस्टर्न मार्ग पर हुई इस घटना ने स्थानीय निवासियों को झकझोर कर रख दिया। संकरी गलियां और घनी आबादी वाला यह इलाका बचाव कार्य में बाधाएँ उत्पन्न कर रहा था। स्थानीय निवासी स्वयं आगे आकर बचाव वाहनों और कर्मियों के लिए रास्ता खाली करने की भरसक कोशिश करते दिखाई दिए। अँधेरे के कारण बचाव कार्य में आ रही दिक्कतों को देखते हुए, कई लोगों ने अपने मोबाइल फोन की रोशनी का इस्तेमाल कर खोजबीन में मदद की, ताकि मलबे में दबे किसी भी व्यक्ति का पता लगाया जा सके।

दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) को शनिवार शाम 7 बजकर 44 मिनट पर इस इमारत के गिरने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही, बिना किसी देरी के राहत और बचाव कार्य के लिए दमकल की सात गाड़ियां तुरंत मौके पर रवाना की गईं। घटनास्थल पर पहुंचने पर, दमकल कर्मियों और पुलिस टीमों ने पाया कि पूरा क्षेत्र कंक्रीट के टुकड़ों, मुड़ी हुई धातुओं और टूटे हुए खंभों के ढेर में बदल चुका था। इमारत का मलबा बड़े पैमाने पर पूरे इलाके में बिखरा हुआ था, जो हादसे की भयावहता को बयां कर रहा था।

मलबा हटाकर लोगों को सुरक्षित निकालने में जुटीं टीमें

तत्काल प्रभाव से खोज और बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है। अग्निशमन कर्मियों और पुलिस की टीमें मलबे के विशाल ढेर को हटाने और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए अथक प्रयास कर रही हैं। आसपास की अन्य इमारतों को इस हादसे से कोई बड़ा या तत्काल नुकसान नहीं हुआ है, जो एक राहत की बात है। हालांकि, घनी आबादी वाले क्षेत्र में इस तरह की दुर्घटना ने स्थानीय लोगों में चिंता और भय का माहौल पैदा कर दिया है। बचाव कार्य अभी भी जारी है और अधिकारियों को उम्मीद है कि जल्द ही फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला जा सकेगा, हालांकि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए यह एक चुनौतीपूर्ण कार्य प्रतीत हो रहा है।