इंदौर में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, पांच प्रतिष्ठानों से जांच के लिए भेजे गए 21 नमूने, एक बेकरी का कारोबार बंद
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रदेश में खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देशों का असर अब जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगा है। इंदौर में कलेक्टर शिवम वर्मा के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने अभियान छेड़ दिया है। निरंतर जांच और सैंपलिंग कार्रवाई की जा रही है, जिसका
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रदेश में खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देशों का असर अब जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगा है। इंदौर में कलेक्टर शिवम वर्मा के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने अभियान छेड़ दिया है। निरंतर जांच और सैंपलिंग कार्रवाई की जा रही है, जिसका उद्देश्य आमजन को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना है।
इसी क्रम में, आज दिनांक 29 मई को खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम ने बेक समोसा बनाने वाले विभिन्न प्रतिष्ठानों पर औचक निरीक्षण किया। इस दौरान सबसे बड़ी कार्रवाई छोटा बांगड़दा स्थित आदित्य राज बेकरी पर की गई, जहां गंभीर अनियमितताएं और अत्यंत अस्वच्छ परिस्थितियां सामने आईं। प्रतिष्ठान के पास मौके पर वैध खाद्य लाइसेंस भी उपलब्ध नहीं पाया गया, जो कि खाद्य सुरक्षा मानकों का सीधा उल्लंघन है। परिसर में चारों ओर गंदगी का आलम था, और कार्य कर रहे कारीगरों के मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र भी उपलब्ध नहीं थे, जिससे स्वास्थ्य सुरक्षा पर गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं।
निरीक्षण के दौरान, बिना लेबल लगी सॉस एवं ग्रीन चटनी उपयोग हेतु रखी मिली। इससे इन सामग्रियों की गुणवत्ता और स्रोत पर संदेह पैदा होता है। इससे भी अधिक चौंकाने वाली बात यह थी कि आलू का मसाला सड़ा हुआ पाया गया, जिसका उपयोग बेक समोसे बनाने में किया जा रहा था। यह सीधे तौर पर उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ है। मौके पर ही लगभग 300 बेक समोसा, सड़ा हुआ आलू मसाला, 10 बोतल चटनी और केक को तत्काल विनष्ट कराया गया। परिसर में टूटी हुई टाइल्स और कच्ची खाद्य सामग्री का गंदगी युक्त स्थल पर नीचे रखा होना पाया गया। प्रतिष्ठान के पीछे के परिसर में खराब एवं अनुपयोगी सामग्री का ढेर लगा था, जिससे अत्यधिक दुर्गंध आ रही थी। ऐसी अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य सामग्री का उत्पादन करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
बेकरी का खाद्य कारोबार तत्काल प्रभाव से बंद
इन गंभीर अनियमितताओं के मद्देनजर, खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने मौके पर ही आदित्य राज बेकरी का खाद्य कारोबार तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया। संबंधित प्रतिष्ठान को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के अंतर्गत सूचना पत्र जारी किया जा रहा है, जिसमें निर्धारित समयावधि में सुधार न किए जाने की स्थिति में खाद्य लाइसेंस निलंबित करने की कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। यह कार्रवाई मिलावटखोरों और अस्वच्छता बरतने वालों के लिए एक स्पष्ट संदेश है।
इसी अभियान के तहत, स्कीम नंबर 103 स्थित सुख सिस्टर बेकरी से भी बेक समोसा का नमूना जांच हेतु लिया गया। इसके अतिरिक्त, अन्य प्रतिष्ठानों से भी बेक समोसा, क्रीम रोल, चटनी, नमकीन और व्हिप क्रीम के नमूने लेकर राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला में जांच हेतु भेजे जा रहे हैं। इन नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। कुल मिलाकर पांच प्रतिष्ठानों से 21 नमूने जांच हेतु लिए गए हैं।
किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा: इंदौर कलेक्टर
कलेक्टर शिवम वर्मा ने इस संबंध में स्पष्ट किया है कि आमजन को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने दृढ़ता से कहा है कि खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले किसी भी प्रतिष्ठान के विरुद्ध सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी, और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। कलेक्टर वर्मा ने आमजन से भी अपील की है कि यदि किसी खाद्य प्रतिष्ठान में गंदगी, मिलावट, बिना लाइसेंस खाद्य कारोबार अथवा अन्य अनियमितता दिखाई देती है तो उसकी शिकायत तत्काल कलेक्टर हेल्पलाइन 0731-181 पर दर्ज कराएं। उन्होंने आश्वस्त किया है कि प्राप्त शिकायतों पर त्वरित जांच एवं आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि प्रदेश को मिलावट मुक्त बनाया जा सके।