557 करोड़ का IT Park-3 बदलेगा इंदौर की पहचान! 22 मंजिला टावर से मिलेगा डिजिटल ग्रोथ को नया पंख

मध्य प्रदेश तेजी से डिजिटल और तकनीकी विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसी कड़ी में इंदौर में बन रहा IT Park-3 प्रदेश की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में शामिल हो गया है। करीब 557 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रही यह आधुनिक इमारत सिर्फ एक कार्यालय परिसर नहीं होगी, बल्कि हजारों

Jun 19, 2026 - 09:30
557 करोड़ का IT Park-3 बदलेगा इंदौर की पहचान! 22 मंजिला टावर से मिलेगा डिजिटल ग्रोथ को नया पंख

मध्य प्रदेश तेजी से डिजिटल और तकनीकी विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसी कड़ी में इंदौर में बन रहा IT Park-3 प्रदेश की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में शामिल हो गया है। करीब 557 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रही यह आधुनिक इमारत सिर्फ एक कार्यालय परिसर नहीं होगी, बल्कि हजारों युवाओं के लिए रोजगार और निवेश के नए अवसर भी पैदा करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने परियोजना का निरीक्षण कर इसकी प्रगति पर संतोष जताया और इसे प्रदेश के आर्थिक भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम बताया।

इंदौर पहले से ही मध्य भारत का प्रमुख आईटी केंद्र माना जाता है। कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियां यहां अपने कार्यालय संचालित कर रही हैं। ऐसे में IT Park-3 का निर्माण शहर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाला माना जा रहा है। आधुनिक सुविधाओं से लैस यह भवन आने वाले वर्षों में तकनीकी कंपनियों के लिए आकर्षण का बड़ा केंद्र बन सकता है।

Indore IT Park-3: रोजगार और निवेश का नया केंद्र

IT Park-3 को विश्वस्तरीय मानकों के अनुसार विकसित किया जा रहा है। 22 मंजिला यह ग्रीन बिल्डिंग करीब 11.25 लाख वर्गफीट क्षेत्र में फैली होगी। परियोजना का उद्देश्य सिर्फ कार्यालय उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि ऐसा माहौल तैयार करना है जहां आईटी कंपनियां, स्टार्टअप्स, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) और सर्विस सेक्टर की बड़ी कंपनियां एक साथ काम कर सकें।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की परियोजनाएं किसी भी राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाती हैं। जब बड़ी कंपनियां किसी शहर में निवेश करती हैं तो उसके साथ रोजगार, आवास, परिवहन, होटल, शिक्षा और अन्य सेवाओं का भी विस्तार होता है। इंदौर में बनने वाला यह नया आईटी पार्क हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा कर सकता है। इससे स्थानीय युवाओं को दूसरे राज्यों में नौकरी के लिए पलायन करने की जरूरत भी कम होगी।

मुख्यमंत्री ने भी साफ कहा है कि प्रदेश सरकार आईटी और सेवा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है, ताकि मध्य प्रदेश देश के प्रमुख तकनीकी राज्यों की सूची में शामिल हो सके।

UIMR और डिजिटल इकोसिस्टम से मिलेगी नई रफ्तार

उज्जैन-इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन (UIMR) को सरकार भविष्य के विकास मॉडल के रूप में देख रही है। IT Park-3 के साथ-साथ IT Park-4, उज्जैन आईटी पार्क और इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर जैसी परियोजनाएं इस क्षेत्र को औद्योगिक और तकनीकी दृष्टि से और मजबूत बनाएंगी।

विशेष बात यह है कि इन परियोजनाओं का असर केवल इंदौर तक सीमित नहीं रहेगा। आसपास के जिलों के युवाओं को भी रोजगार और उद्यमिता के अवसर मिलेंगे। बेहतर सड़क, मेट्रो, डिजिटल कनेक्टिविटी और आधुनिक सुविधाओं के कारण यह क्षेत्र निवेशकों के लिए और आकर्षक बनेगा।

पिछले कुछ वर्षों में मध्य प्रदेश ने उद्योग और निवेश के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। अब सरकार का फोकस तकनीक आधारित विकास पर है। ऐसे में IT Park-3 को सिर्फ एक इमारत नहीं बल्कि प्रदेश की डिजिटल क्रांति की मजबूत नींव माना जा रहा है। आने वाले समय में यह परियोजना मध्य भारत के तकनीकी विकास का नया प्रतीक बन सकती है।