इंदौर में शातिर चोर गिरोह का पर्दाफाश, सोने-चांदी के आभूषण बरामद, पुलिस ने 5 चोरों को किया गिरफ्तार
इंदौर में लसूड़िया पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए लाखों के आभूषण चोरी करने वाले शातिर चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से सोने-चांदी के आभूषण और वारदात में इस्तेमाल किया गया ऑटो सहित कुल 20 लाख रुपए का मशरूका बरामद किया है। एडिशनल
इंदौर में लसूड़िया पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए लाखों के आभूषण चोरी करने वाले शातिर चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से सोने-चांदी के आभूषण और वारदात में इस्तेमाल किया गया ऑटो सहित कुल 20 लाख रुपए का मशरूका बरामद किया है। एडिशनल डीसीपी अमरेंद्र सिंह ने मीडिया को इस पूरी घटना और आरोपियों की गिरफ्तारी के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस गिरोह को पकड़ा है।
यह मामला तब सामने आया जब महाराष्ट्र के ठाणे निवासी पवन अपनी बेटी खुशबू को इंदौर में उसके ससुराल छोड़ने के लिए ट्रेन से पहुंचे। इंदौर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक के बाहर फरियादी पवन ने एक ई-रिक्शा किया। ऑटो में बैठते समय फरियादी ने अपनी बेटी के सोने और चांदी के आभूषणों से भरा सूटकेस और अन्य सामान ऑटो में रख दिया। ऑटो चालक फरियादी और उसकी बेटी को स्कीम नंबर 78 स्थित उनके घर के पास छोड़कर चला गया।
शिकायत मिलते ही हरकत में आई पुलिस
घर पहुंचने के बाद परिवार ने जब सूटकेस की जांच की तो उसके ताले खुले हुए थे और अंदर रखा सारा सामान गायब था। चोरी का पता चलते ही फरियादी पवन ने तत्काल लसूड़िया थाने पहुंचकर मामले की जानकारी दी। लसूड़िया पुलिस ने बिना देरी किए मामले में अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की। पुलिस ने तत्काल एक टीम का गठन किया और संबंधित मार्ग पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालना शुरू किए। ऑटो के हुलिए और उसके अंतिम चार अंकों के आधार पर पुलिस ने संदिग्ध ऑटो चालक को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ शुरू की। शुरुआत में ऑटो चालक पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करता रहा।
पुलिस पूछताछ में खुला गिरोह का राज
हालांकि, पुलिस द्वारा सख्ती से पूछताछ करने पर उसने टूटकर अपने साथी महबूब, रियाज और कमल के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम देना स्वीकार कर लिया। एडिशनल डीसीपी अमरेंद्र सिंह ने बताया कि इस गिरोह का मुख्य सरगना महबूब है, जो मूल रूप से बिजनौर का रहने वाला है। वह इंदौर में रहकर ही इन वारदातों को अंजाम देता था। महबूब ही चोरी की घटनाओं की पूरी योजना बनाता था और फिर अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर चोरी की वारदातों को अंजाम देता था।
पुलिस ने जब पकड़े गए आरोपियों का रिकॉर्ड खंगाला तो चौंकाने वाले खुलासे हुए। आरोपियों के खिलाफ शहर के अन्य थानों जैसे सराफा, एरोड्रम, तेजाजी नगर और राऊ में भी चोरी की कई वारदातें दर्ज मिली हैं। सरगना महबूब के बारे में यह भी जानकारी सामने आई है कि वह मूल रूप से बिजनौर का निवासी है, लेकिन समय-समय पर इंदौर आकर चोरी की घटनाओं को अंजाम देता था और फिर वापस अपने गृह नगर चला जाता था। पुलिस ने इस मामले में महबूब, रियाज, किशोर, कमल और कालू नामक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने कुल 20 लाख रुपए का मशरूका जब्त किया
चोरी की इस बड़ी वारदात में शामिल आरोपियों से पुलिस ने कुल 20 लाख रुपए का मशरूका जब्त किया है। जब्त किए गए सामान में चोरी किए गए सोने-चांदी के आभूषणों के साथ-साथ वारदात में इस्तेमाल किया गया ऑटो भी शामिल है। पुलिस की इस कार्रवाई से शहर में सक्रिय चोर गिरोहों पर नकेल कसने में मदद मिली है और आम जनता में सुरक्षा का संदेश गया है।