महाकाल दर्शन के लिए रेलवे ने किया बड़ा इंतजाम, उज्जैन-भोपाल के बीच चलेंगी 3 स्पेशल ट्रेनें, 5 ट्रेनों के फेरे बढ़े
सावन का महीना शुरू होते ही उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने लगी है। दरअसल हर साल लाखों लोग देश के अलग-अलग हिस्सों से महाकाल मंदिर पहुंचते हैं। इसी बढ़ती संख्या को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने यात्रा को आसान और सुरक्षित बनाने के लिए कई नई सुविधाएं
सावन का महीना शुरू होते ही उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने लगी है। दरअसल हर साल लाखों लोग देश के अलग-अलग हिस्सों से महाकाल मंदिर पहुंचते हैं। इसी बढ़ती संख्या को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने यात्रा को आसान और सुरक्षित बनाने के लिए कई नई सुविधाएं शुरू की हैं। इनमें सबसे अहम फैसला उज्जैन और भोपाल के बीच तीन स्पेशल ट्रेनों का संचालन और कई नियमित ट्रेनों के अतिरिक्त फेरे शामिल हैं।
दरअसल रेलवे अधिकारियों का मानना है कि सावन और भादो के दौरान सामान्य दिनों की तुलना में यात्रियों की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन से यात्रियों पर दबाव कम होगा और टिकट मिलने की संभावना भी बढ़ेगी। इससे भोपाल, इंदौर और आसपास के जिलों से आने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
किन यात्रियों को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा?
वहीं रेलवे ने उज्जैन-भोपाल के बीच तीन स्पेशल ट्रेनें शुरू की हैं, जिनका उद्देश्य सावन में बढ़ी हुई भीड़ को संभालना है। इसके अलावा इंदौर होकर चलने वाली पांच नियमित ट्रेनों के फेरों में भी बढ़ोतरी की गई है। इससे मध्य प्रदेश के कई शहरों से आने वाले यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। खास बात यह है कि अतिरिक्त ट्रेनों के कारण यात्रियों को वेटिंग टिकट की समस्या से भी काफी हद तक राहत मिल सकती है।
रेलवे के मुताबिक, महाकाल मंदिर में सावन के सोमवार, भस्म आरती और शाही सवारी के दौरान सबसे ज्यादा भीड़ रहती है। ऐसे दिनों में ट्रेनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इसी वजह से पहले से योजना बनाकर विशेष ट्रेनें चलाई गई हैं। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा की तारीख के अनुसार टिकट पहले ही बुक करा लें। यदि किसी ट्रेन में भीड़ अधिक हो तो वैकल्पिक स्पेशल ट्रेन का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा। इससे यात्रा अधिक व्यवस्थित और आरामदायक होगी।
सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव
सिर्फ ट्रेनों की संख्या बढ़ाना ही रेलवे की तैयारी का हिस्सा नहीं है। उज्जैन रेलवे स्टेशन पर टिकट व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है। अनारक्षित टिकट (UTS) और आरक्षित टिकट (PRS) काउंटरों की संख्या बढ़ा दी गई है, ताकि यात्रियों को लंबी लाइन में इंतजार न करना पड़े। मुख्य पीआरएस कार्यालय में एक अतिरिक्त काउंटर भी शुरू किया गया है, जहां दोनों तरह के टिकट उपलब्ध रहेंगे। इससे समय की बचत होगी और स्टेशन पर भीड़ कम होगी।
भीड़ प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए स्टेशन के मुख्य प्रवेश क्षेत्र को अस्थायी रूप से नो-व्हीकल जोन बनाया गया है। स्टेशन के सामने की पार्किंग फिलहाल बंद रखी गई है, जबकि केवल एक लेन को पिक एंड ड्रॉप के लिए खुला रखा गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यात्रियों की आवाजाही बिना रुकावट जारी रहे और वाहनों के कारण जाम जैसी स्थिति न बने।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था भी पहले से अधिक मजबूत की गई है। अतिरिक्त स्टाफ, हेल्प डेस्क और यात्रियों के मार्गदर्शन के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। सावन के दौरान महाकाल दर्शन के लिए आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को ध्यान में रखते हुए यह पूरी योजना तैयार की गई है।