इंदौर में पानी को लेकर फूटा लोगों का गुस्सा, सड़कों पर उतरे नागरिक, ‘पानी दो-पानी दो’ के नारों से गूंजा शहर
इंदौर में इस बार गर्मी सिर्फ तापमान ही नहीं बढ़ा रही, बल्कि लोगों का गुस्सा भी बढ़ा रही है। शहर के कई इलाकों में पानी की भारी किल्लत के कारण हालात ऐसे बन गए हैं कि लोग अब सड़कों पर उतरने को मजबूर हो गए हैं। रविवार को पालदा और सुखलिया इलाके में बड़ी संख्या
इंदौर में इस बार गर्मी सिर्फ तापमान ही नहीं बढ़ा रही, बल्कि लोगों का गुस्सा भी बढ़ा रही है। शहर के कई इलाकों में पानी की भारी किल्लत के कारण हालात ऐसे बन गए हैं कि लोग अब सड़कों पर उतरने को मजबूर हो गए हैं। रविवार को पालदा और सुखलिया इलाके में बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग और युवा खाली बर्तन लेकर सड़क पर बैठ गए और पानी दो-पानी दो के नारे लगाने लगे।
हालात इतने बिगड़ गए कि शहर के प्रमुख चौराहों पर घंटों तक चक्काजाम लगा रहा। सिटी बसें बीच सड़क पर फंसी रहीं, यात्री परेशान होते रहे और तपती धूप में बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा दिक्कत उठानी पड़ी। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना था कि जब तक पानी की समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
पालदा और सुखलिया में सड़क पर उतरे लोग
रविवार सुबह से ही इंदौर के पालदा चौराहे और दीनदयाल उपाध्याय चौराहे पर लोगों की भीड़ जुटने लगी थी। कांग्रेस पार्षदों के नेतृत्व में रहवासियों ने सड़क पर बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। पालदा इलाके में वार्ड-75 और वार्ड-64 के लोग लंबे समय से पानी की समस्या से परेशान बताए जा रहे हैं। यहां कई कॉलोनियों में अब तक नियमित नर्मदा जल सप्लाई नहीं पहुंच पाई है। लोगों का कहना है कि उन्हें कई दिनों तक पानी का इंतजार करना पड़ता है।
वहीं सुखलिया जोन-5 में प्रदर्शन और ज्यादा उग्र नजर आया। यहां लोगों ने आरोप लगाया कि पहले जो फ्री पानी वितरण की व्यवस्था थी, उसे अचानक बंद कर दिया गया। इससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों की परेशानी और बढ़ गई है। महिलाएं खाली बाल्टी और डिब्बे लेकर सड़क पर बैठ गईं और नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कई लोगों ने कहा कि गर्मी में पीने तक का पानी नहीं मिल रहा, जबकि जिम्मेदार अधिकारी सिर्फ आश्वासन दे रहे हैं।
चक्काजाम से शहर की रफ्तार थमी
इंदौर में पानी संकट का असर सिर्फ रहवासियों तक सीमित नहीं रहा। चक्काजाम के कारण शहर का ट्रैफिक पूरी तरह प्रभावित हो गया। पालदा और सुखलिया दोनों ही शहर के बड़े मार्ग माने जाते हैं। यहां जाम लगने से सैकड़ों वाहन फंस गए। सिटी बसों में बैठे यात्री घंटों तक गर्मी में परेशान होते रहे। कई लोग अपने जरूरी कामों पर नहीं पहुंच पाए।
कई इलाकों में अब तक नहीं पहुंची नर्मदा लाइन
शहर की नई कॉलोनियों और कई पुराने इलाकों में आज भी नर्मदा जल की पाइपलाइन नहीं पहुंची है। लोग टैंकर और बोरिंग के भरोसे हैं। पालदा और आसपास के क्षेत्रों में यही सबसे बड़ी समस्या बताई जा रही है। रहवासियों का कहना है कि हर साल गर्मी में यही हाल हो जाता है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकलता।
टैंकरों की कमी से बढ़ी परेशानी
जिन इलाकों में पाइपलाइन नहीं है, वहां नगर निगम के टैंकर ही लोगों का सहारा हैं। लेकिन इस बार टैंकरों की संख्या कम पड़ रही है। लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत के बाद भी समय पर टैंकर नहीं पहुंचते। कुछ क्षेत्रों में दो-दो दिन तक पानी नहीं मिलता।
बोरिंग और हैंडपंप भी सूखे
भीषण गर्मी का असर अब भूजल स्तर पर भी दिखाई देने लगा है। शहर के कई इलाकों में बोरिंग सूख चुके हैं। पहले लोग बोरिंग के पानी से काम चला लेते थे, लेकिन अब वह विकल्प भी खत्म होता जा रहा है। यही वजह है कि नगर निगम पर निर्भरता बढ़ गई है।
कांग्रेस ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी
कांग्रेस पार्षदों और नेताओं ने प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर जल्द पानी की समस्या दूर नहीं हुई तो आंदोलन और बड़ा किया जाएगा। नेताओं का कहना है कि इंदौर जैसे बड़े शहर में लोगों को पीने का पानी नहीं मिलना बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम पानी संकट को लेकर गंभीर नहीं है। अगर अगले कुछ दिनों में टैंकरों की संख्या नहीं बढ़ी और सप्लाई ठीक नहीं हुई, तो शहरभर में उग्र आंदोलन किया जाएगा।