PM मोदी ने की सचिवों संग हाई लेवल बैठक, विकसित भारत मिशन पर बड़ा फोकस, ऊर्जा सुरक्षा से लेकर नागरिक-केंद्रित शासन तक तय हुआ रोडमैप

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्र सरकार के सचिवों के साथ अहम समीक्षा बैठक में विकसित भारत, आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और बेहतर गवर्नेंस पर विस्तार से चर्चा की। वहीं इस बैठक में साफ संदेश दिया गया कि हर मंत्रालय का काम सीधे आम नागरिकों की जरूरतों से जुड़ा होना चाहिए और सभी विभाग

Jul 29, 2026 - 08:30
PM मोदी ने की सचिवों संग हाई लेवल बैठक, विकसित भारत मिशन पर बड़ा फोकस, ऊर्जा सुरक्षा से लेकर नागरिक-केंद्रित शासन तक तय हुआ रोडमैप

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्र सरकार के सचिवों के साथ अहम समीक्षा बैठक में विकसित भारत, आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और बेहतर गवर्नेंस पर विस्तार से चर्चा की। वहीं इस बैठक में साफ संदेश दिया गया कि हर मंत्रालय का काम सीधे आम नागरिकों की जरूरतों से जुड़ा होना चाहिए और सभी विभाग मिलकर तय लक्ष्यों पर तेज गति से काम करें।

दरअसल प्रधानमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सरकार की हर योजना का केंद्र आम नागरिक होना चाहिए। उन्होंने विभागों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर देते हुए कहा कि अलग-अलग मंत्रालयों को एक टीम की तरह काम करना होगा। उनका मानना है कि जब फैसले तेज होंगे और विभागों के बीच समन्वय मजबूत होगा, तभी विकसित भारत का लक्ष्य समय पर हासिल किया जा सकेगा।

अर्थव्यवस्था, टेक्नोलॉजी और ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का बड़ा फोकस

वहीं बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने वित्त, वाणिज्य, उद्योग और तकनीक से जुड़े मंत्रालयों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि भारत तेजी से इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रहा है, लेकिन इसके साथ स्वदेशी तकनीक और रिसर्च को भी बराबर महत्व देना होगा। उनका मानना है कि भविष्य की वैश्विक प्रतिस्पर्धा में वही देश आगे रहेगा, जिसकी तकनीकी क्षमता मजबूत होगी और जो महत्वपूर्ण क्षेत्रों में दूसरे देशों पर कम निर्भर होगा।

ऊर्जा सुरक्षा को लेकर भी प्रधानमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि ऊर्जा सिर्फ बिजली या ईंधन तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह देश की आर्थिक मजबूती और राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़ा है। इसलिए नवीकरणीय ऊर्जा, नई तकनीक, स्टोरेज क्षमता और ऊर्जा के विविध स्रोतों पर तेजी से काम करने की जरूरत है। बैठक में यह भी दोहराया गया कि सुधार एक बार होने वाली प्रक्रिया नहीं, बल्कि लगातार चलने वाला प्रयास है। प्रशासनिक प्रक्रियाओं को आसान बनाना, निवेश के लिए बेहतर माहौल तैयार करना और सरकारी सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।

नागरिक-केंद्रित गवर्नेंस और साइबर सुरक्षा पर भी विशेष जोर

दरअसल प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि डिजिटल इंडिया के तेजी से विस्तार के साथ साइबर सुरक्षा पहले से ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने अधिकारियों से डिजिटल सिस्टम को सुरक्षित बनाने, डेटा सुरक्षा मजबूत करने और साइबर खतरों से निपटने की क्षमता बढ़ाने पर विशेष ध्यान देने को कहा। साथ ही स्टार्टअप, युवा इनोवेटर्स और टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स को इस क्षेत्र में अधिक अवसर देने की बात भी कही, ताकि भारत साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर मजबूत स्थिति बना सके।

बैठक में भविष्य की जरूरतों के अनुसार स्किल डेवलपमेंट पर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने सुझाव दिया कि उद्योग जगत की जरूरतों के हिसाब से नए शैक्षणिक पाठ्यक्रम तैयार किए जाएं, जिससे युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को नई सोच, तेज फैसलों और पारदर्शी कामकाज के साथ आगे बढ़ना होगा।