प्रियंका गांधी ने लगाया गंभीर आरोप, कहा – ‘NEET स्टूडेंट्स से ₹1.32 लाख करोड़ वसूले जा रहे, पसंदीदा कारोबारियों का 16 लाख करोड़ लोन माफ’
देशभर में नीट परीक्षा को लेकर जारी विवाद के बीच कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया है कि हर साल नीट परीक्षा देने वाले 22 लाख छात्रों और उनके परिवारों से इस व्यवस्था के जरिए ₹1.32 लाख करोड़ खर्च कराए जाते हैं। प्रियंका गांधी ने
देशभर में नीट परीक्षा को लेकर जारी विवाद के बीच कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया है कि हर साल नीट परीक्षा देने वाले 22 लाख छात्रों और उनके परिवारों से इस व्यवस्था के जरिए ₹1.32 लाख करोड़ खर्च कराए जाते हैं। प्रियंका गांधी ने इस बड़ी रकम की तुलना देश के पूरे शिक्षा बजट से की है। उन्होंने कहा कि यह राशि देश के कुल शिक्षा बजट ₹1.40 लाख करोड़ के लगभग बराबर है, जो छात्रों और उनके परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को साफ दिखाती है।
दरअसल प्रियंका गांधी ने बुधवार रात अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक और अहम बात कही। उन्होंने लिखा कि भारत सरकार ने अपने पसंदीदा कारोबारियों के जो लोन माफ किए हैं, उनकी कुल राशि 16 लाख करोड़ रुपए है। इस टिप्पणी के जरिए प्रियंका गांधी ने छात्रों और उनके परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक दबाव की तुलना सरकार द्वारा बड़े कारोबारियों को दी गई राहत से की है, जिससे सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े हुए हैं।
राहुल गांधी ने भी साधा था निशाना
यह टिप्पणी कांग्रेस नेता राहुल गांधी के कोटा दौरे के ठीक बाद आई है। राहुल गांधी ने बुधवार को ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के तहत छात्रों से बातचीत की थी। इस दौरान उन्होंने देश की शिक्षा व्यवस्था में बढ़ते दबाव और छात्रों को होने वाली परेशानियों पर विस्तार से बात की थी। कांग्रेस लगातार नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर सरकार पर हमला बोल रही है और छात्रों के मुद्दों को प्रमुखता से उठा रही है।
जानिए कोटा में राहुल गांधी ने क्या कहा था?
राजस्थान के कोटा में हुए ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी ने सैकड़ों छात्रों से सीधे बात की। 17 जून को कोटा के दशहरा मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में राहुल गांधी ने कहा कि हिंदुस्तान का एजुकेशन सिस्टम अपने बच्चों पर बहुत ज्यादा दबाव डालता है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था छात्रों को भारी तनाव देती है। राहुल गांधी ने सभी से मिलकर इसके खिलाफ आवाज उठाने की अपील की, ताकि भविष्य में किसी भी बच्चे को आत्महत्या जैसा कदम न उठाना पड़े। उन्होंने छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और भविष्य को लेकर चिंता जताई।
राहुल गांधी ने कार्यक्रम के दौरान एक और बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि पांच प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में छात्रों के परिवारों की जेब से उतना पैसा खर्च हो जाता है, जितना देश के पांच मंत्रालयों का कुल बजट होता है। राहुल गांधी ने बताया कि नीट (NEET), जेईई (JEE) सहित पांच प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर परिवारों की जेब से कुल 5 लाख करोड़ रुपए खर्च हो जाते हैं। यह आंकड़ा छात्रों के परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को सामने लाता है।
NTA ने एडमिट कार्ड डाउनलोड करने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया
इधर, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने नीट (UG) 2026 री-एग्जाम के एडमिट कार्ड डाउनलोड करने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। एजेंसी ने छात्रों की सुविधा के लिए यह कदम उठाया है। अब उम्मीदवार बैंक खाते का वेरिफिकेशन पूरा किए बिना भी अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे। पहले इस शर्त की वजह से कई छात्रों को एडमिट कार्ड डाउनलोड करने में परेशानी हो रही थी, जिससे उनकी चिंता बढ़ गई थी।
एनटीए ने बुधवार को अपने आधिकारिक X अकाउंट पर पोस्ट करके इस बदलाव की जानकारी दी। एजेंसी ने बताया कि छात्र अब पहले अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं और बाद में परीक्षा शुल्क रिफंड प्रक्रिया के लिए जरूरी बैंक खाता वेरिफिकेशन पूरा कर सकते हैं। एनटीए ने साफ किया कि बैंक वेरिफिकेशन बाद में करने पर भी उम्मीदवार फीस रिफंड के लिए पूरी तरह पात्र रहेंगे। यह फैसला छात्रों को बेवजह की देरी और तनाव से बचाने के लिए लिया गया है।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने यह भी कहा कि अगर बैंक डिटेल्स लंबित होने की वजह से छात्र पहले एडमिट कार्ड डाउनलोड नहीं कर पा रहे थे, तो अब वे तुरंत अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। एजेंसी ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि वे बैंक खाता वेरिफिकेशन बाद में पूरा कर सकते हैं और फिर भी फीस रिफंड प्रक्रिया के लिए पात्र बने रहेंगे। यह सुविधा उन छात्रों के लिए राहत लेकर आई है, जिनकी बैंक डिटेल्स में कोई तकनीकी दिक्कत थी।
नीट-यूजी 2026 की दोबारा परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी। यह री-एग्जाम एक ही शिफ्ट में दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक होगा। जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के लिए छात्रों को अतिरिक्त 15 मिनट का समय भी दिया जाएगा। एनटीए के अनुसार, दोबारा होने वाली इस परीक्षा में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के शामिल होने की उम्मीद है। परीक्षा को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं