राम मंदिर चढ़ावा विवाद: कांग्रेस के आरोपों पर गजेंद्र सिंह शेखावत का करारा जवाब, बोले- जनेऊ पहनकर खुद को राम भक्त दिखाने..
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर सियासी बयानबाजी बढ़ती जा रही है। विपक्ष भाजपा सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को लगातार घेर रही है। हालांकि इस मामले में राज्य सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल समिति (SIT) जांच में जुटी है और अंतिम जांच रिपोर्ट आना बाकी है। वहीं कांग्रेस इस मुद्दे पर
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर सियासी बयानबाजी बढ़ती जा रही है। विपक्ष भाजपा सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को लगातार घेर रही है। हालांकि इस मामले में राज्य सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल समिति (SIT) जांच में जुटी है और अंतिम जांच रिपोर्ट आना बाकी है। वहीं कांग्रेस इस मुद्दे पर सरकार, आरएसएस और मंदिर ट्रस्ट पर कई गंभीर आरोप लगा रही है।
कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे आरोपों के बीच अब केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की प्रतिक्रिया सामने आई है। केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस के बयानों और आरोपों पर करारा जवाब दिया है। उन्होंंने निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी के इरादे, चाल-चरित्र और चेहरा देश की जनता के सामने पहले से ही स्पष्ट हैं। यह वही कांग्रेस है, जिसके शासनकाल में सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दायर कर भगवान श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल उठाए गए थे।
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि जनता का समर्थन खोने के बाद कांग्रेस नेताओं को कभी जनेऊ पहनकर शिव मंदिरों में जलाभिषेक करते देखा गया। अब भगवान श्रीराम को राजनीतिक अवसर के रूप में देखते हुए, कांग्रेस के नेता एक बार फिर ‘जनेऊ’ पहनकर स्वयं को रामभक्त के रूप में दिखाने की कोशिश कर रहे हैं।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर कांग्रेस का अभियान
बता दें कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में कांग्रेस ने देशव्यापी अभियान शुरू कर दिया है। कांग्रेस लगातार प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस मामले को गांव-गांव तक पहुंचाने में जुटी है। इतना ही नहीं पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की चुप्पी पर भी कई सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने हाल ही में कहा था कि लाखों लोगों ने आस्था के कारण श्रीराम मंदिर में दान दिया मगर आज प्रधानमंत्री चोरी पर चुप हैं तो मोदी सरकार चोरी को करने वाले लोगों को बचाना चाहती है। इसके अलावा कांग्रेस के शीर्ष नेता भी इस मामले में अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं और सरकार पर नए नए आरोप लगा रहे हैं।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ी कार्रवाई
बता दें कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में कई लोगों पर कार्रवाई की गई है। साथ ही 6 जुलाई को आयोजित राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए गए, जबकि विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव को ट्रस्ट से हटा दिया गया। इसके अलावा बैठक में सेवानिवृत्त भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी कृष्ण मोहन को ट्रस्ट का नया कार्यकारी महासचिव नियुक्त किया गया। वह अब चंपत राय के स्थान पर ट्रस्ट के प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी संभालेंगे।
सीईओ चयन के लिए समिति का गठन
इसके अलावा मंदिर के प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से सीईओ की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करने के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। इस समिति में सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रमोद कोहली, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और सुरेश हावड़े को शामिल किया गया है।