SIR पर सियासत, CJI को लिखी चिट्ठी में विपक्ष ने चुनाव आयोग पर लगाये पक्षपात के आरोप, BJP ने किया पलटवार

देश की विपक्षी पार्टियों ने एक बार फिर SIR के मुद्दे पर कड़ा विरोध जताया है, पिछले विधानसभा चुनावों में मिली करारी हार के आबाद से इंडिया ब्लाक की पार्टियाँ चुनाव आयोग पर हमलावर है, विरोध को आगे बढ़ाते हुए उन्होएँ अब एसआईआर प्रक्रिया को रुकवाने के लिए भारत के मुख्य न्यायाधीश से गुहार लगाई

Jul 3, 2026 - 21:30
SIR पर सियासत, CJI को लिखी चिट्ठी में विपक्ष ने चुनाव आयोग पर लगाये पक्षपात के आरोप, BJP ने किया पलटवार

देश की विपक्षी पार्टियों ने एक बार फिर SIR के मुद्दे पर कड़ा विरोध जताया है, पिछले विधानसभा चुनावों में मिली करारी हार के आबाद से इंडिया ब्लाक की पार्टियाँ चुनाव आयोग पर हमलावर है, विरोध को आगे बढ़ाते हुए उन्होएँ अब एसआईआर प्रक्रिया को रुकवाने के लिए भारत के मुख्य न्यायाधीश से गुहार लगाई है

कांग्रेस के अध्यक्ष राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नाम के साथ पार्लियामेंट ऑफ़ इंडिया लिखे लैटर हेड पर 24 विपक्षी पार्टियों ने दस्तखत कर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को पत्र लिखा है, पत्र में साझा रूप से कहा गया है कि जब संस्थागत व्यवस्था विफल हो जाती है, तो लोकतंत्र अराजकता में बदल जाता है और जब न्यायपालिका विफल हो जाती है, तो यह गणतंत्र के पूरी तरह टूटने का संकेत देता है।

विपक्षी पार्टियों  ने आग्रह किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया को रोक दिया जाए और ऐसे समय में शुरू की जाए जब अगले विधानसभा चुनाव कम से कम पांच साल दूर हो। उन्होंने केंद्रीय एजेंसियों के कथित तौर पर गलत इस्तेमाल का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, जहां जरूरी हो, वहां मतपत्रों को फिर से शुरू करने पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए, पत्र में चुनाव आयोग पर पक्षपाती रवैया अपनाने के आरोप भी लगाये हैं।

केसी वेणुगोपाल ने X पर शेयर किया मुख्य न्यायाधीश को लिखा पत्र 

आठ पेज के इस पत्र में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, TMC, DMK, RJD, NCP(SP), शिव सेना (UBT), आम आदमी पार्टी, CPI, CPIM सहित इंडिया ब्लाक की 24 पार्टियों के सांसदों और एक निर्दलीय सांसद के हस्ताक्षर हैं, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इस पत्र को आज X एकाउंट पर साझा किया है।

CJI को लिखे पत्र में 24 विपक्षी पार्टियों के सांसदों के हस्ताक्षर  

CJI को लिखे इस पत्र को शेयर करते हुए केसी वेणुगोपाल ने लिखा – हमारे देश में चुनावी लोकतंत्र को मोदी-शाह सरकार से सबसे बड़ा खतरा है। 28 जून को, 24 विपक्षी दलों और एक निर्दलीय सांसद ने भारत के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर गलत SIR प्रक्रिया, भारत के चुनाव आयोग की पक्षपाती भूमिका और चुनाव से जुड़े अन्य मुद्दों के बारे में बताया।

विपक्ष ने न्यायपालिका को पत्र के माध्यम से याद दिलाई जिम्मेदारी 

उन्होंने लिखा, हमारी न्यायपालिका का काम हमारे लोकतंत्र को सरकार (कार्यपालिका) की मनमानी से बचाना है, खासकर ऐसी सरकार से जो उस संवैधानिक ढांचे को खत्म करने पर तुली हो जिससे हमें लोकतंत्र मिला है। हमारे लोकतंत्र में, सुप्रीम कोर्ट की यह अहम जिम्मेदारी है कि वह यह सुनिश्चित करे कि अन्याय न हो। इसलिए, चुनावों के स्वतंत्र और निष्पक्ष स्वरूप की रक्षा करने और यह पक्का करने में उसकी अहम भूमिका है कि चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष दिखें भी। इसके बिना, 1.4 अरब मतदाताओं के साथ हर दिन अन्याय होता रहेगा।

CJI को पत्र लिखना लोकतंत्र पर आघात करने का असफल प्रयास 

विपक्षी पार्टियों द्वारा CJI को लिखे गए पत्र की भाजपा ने निंदा की है, भाजपा के राज्यसभा सदस्य एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ सुधांशु त्रिवेदी ने कहा,  चंद राजनीतिक दलों ने भारत के मुख्य न्यायाधीश को जो पत्र लिखा है और लोकतंत्र पर आघात करने का जो असफल प्रयास किया है  भाजपा उसकी कठोर शब्दों में निंदा करती है। SIR को भिन्न-भिन्न न्यायालयों के द्वारा पूर्णतया युक्तिसंगत और विधिसम्मत ठहराया जा चुका है। ये पूर्व में भी समय-समय पर भारत सरकार और चुनाव आयोग द्वारा होता रहा है। संवैधानिक दृष्टि से विरोधी दल एक बार भी कोई तथ्यात्मक विषय न्यायालय के समक्ष रखने में असफल रहे, और संदिग्ध वोटरों के दम पर राज्यों की सत्ता पर काबिज होने का जो ख्वाब था, वह अब चकनाचूर होता दिख रहा है।

कांग्रेस, अकर्मण्यता और अक्षमता के लिए लोकतंत्र को अपमानित कर रही है 

डॉ सुधांशु त्रिवेदी ने कहा-  मैं कांग्रेस पार्टी से पूछना चाहता हूं कि पिछले 10-12 वर्षों में जितनी बार राहुल गांधी ने विदेश यात्रा की है, उसके 1/10 बार भी कार्यकर्ता सम्मेलन किया है क्या? आप बंगाल में कितने दिन रहे, असम में कितने दिन रहे, केरल में कितने दिन रहे? चुनाव के समय विदेश घूमने चले जाते हैं, यानी ईमानदारी से मेहनत ही नहीं करते हैं, और अपने कार्यकर्ताओं को जलील करते हैं। कांग्रेस पार्टी अपने आलस्य, अकर्मण्यता और अक्षमता के लिए लोकतंत्र को अपमानित करने पर लगी है।