विदिशा जिला अस्पताल के गेट पर हुई महिला की डिलीवरी, उमंग सिंघार ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर उठाए सवाल, दोषियों पर कार्रवाई की मांग
विदिशा जिला अस्पताल में एक गर्भवती महिला की डिलीवरी अस्पताल के मुख्य द्वार पर हो गई और नवजात शिशु करीब पच्चीस मिनट तक फर्श पर तड़पता रहा। परिजनों ने डॉक्टरों और स्टाफ की भारी लापरवाही का आरोप लगाया है। इस घटना को लेकर कांग्रेस ने फिर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं। नेता
विदिशा जिला अस्पताल में एक गर्भवती महिला की डिलीवरी अस्पताल के मुख्य द्वार पर हो गई और नवजात शिशु करीब पच्चीस मिनट तक फर्श पर तड़पता रहा। परिजनों ने डॉक्टरों और स्टाफ की भारी लापरवाही का आरोप लगाया है। इस घटना को लेकर कांग्रेस ने फिर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि मानवता को शर्मसार करने वाली इस घटना ने मध्यप्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाल स्थिति को उजागर कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल के मुख्य द्वार पर प्रसूता की डिलीवरी होना और समय पर चिकित्सकीय सहायता नहीं मिलना गंभीर प्रशासनिक विफलता का उदाहरण है। उन्होंने दोषी डॉक्टरों, अस्पताल स्टाफ और सिविल सर्जन के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि ऐसी संवेदनहीनता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकती है।
क्या है मामला
मामला गुरुवार दोपहर का है। सिरोंज तहसील के सहस्त्राबाद निवासी सुनील यादव अपनी गर्भवती पत्नी सुखवती बाई को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे थे। सातवें महीने की गर्भवती महिला को भर्ती कराया गया लेकिन परिजनों का कहना है कि इलाज और निगरानी में लापरवाही बरती गई। रात करीब साढ़े नौ बजे महिला कोतेज दर्द शुरू होने पर जब परिजन उन्हें बाहर ले जा रहे थे, उसी दौरान अस्पताल के मुख्य गेट पर डिलीवरी हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि इस दौरान न कोई डॉक्टर मौजूद था और न ही कोई नर्स। नवजात शिशु पच्चीस मिनट तक फर्श पर पड़ा रहा। बाद में बच्चे को गंभीर हालत में आईसीयू में भर्ती कराया गया। सुनील यादव ने कहा कि उन्हें कोई मदद नहीं मिली और उन्हें खुद बच्चे को उठाना पड़ा।
उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा
उमंग सिंघार ने इस घटना को मानवता को शर्मसार करने वाली बताते हुए कहा, “यह घटना साबित करती है कि मध्यप्रदेश का स्वास्थ्य विभाग गंभीर रूप से बीमार है। जिला अस्पतालों में डॉक्टरों की गैरमौजूदगी और स्टाफ का अमानवीय रवैया आम हो गया है।” कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि स्वास्थ्य विभाग पर आने वाले करोड़ों रुपये कहां जा रहे हैं और प्रबंधन कहां सोया हुआ था। उन्होंने विदिशा जिला अस्पताल के दोषी डॉक्टरों, स्टाफ और सिविल सर्जन पर तुरंत सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि “मध्यप्रदेश की जनता को भगवान भरोसे छोड़ने वाली इस संवेदनहीन व्यवस्था को कांग्रेस पार्टी बर्दाश्त नहीं करेगी।”