TMC विवाद चुनाव आयोग तक पहुंचा, बागी नेताओं पर ममता बनर्जी का बड़ा एक्शन, फिरहाद हकीम समेत 8 बड़े नेता सस्पेंड

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रहा विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। दरअसल पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने कोलकाता के पूर्व मेयर फिरहाद हकीम सहित आठ नेताओं पर कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें पार्टी से सस्पेंड कर दिया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब

Jun 23, 2026 - 20:30
TMC विवाद चुनाव आयोग तक पहुंचा, बागी नेताओं पर ममता बनर्जी का बड़ा एक्शन, फिरहाद हकीम समेत 8 बड़े नेता सस्पेंड

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रहा विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। दरअसल पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने कोलकाता के पूर्व मेयर फिरहाद हकीम सहित आठ नेताओं पर कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें पार्टी से सस्पेंड कर दिया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब बागी खेमे ने समानांतर नेतृत्व का दावा करते हुए संगठन में बड़े बदलाव की घोषणा कर दी है।

दरअसल ममता बनर्जी गुट का कहना है कि नई राष्ट्रीय कार्यसमिति का गठन पहले ही किया जा चुका था और इसकी जानकारी चुनाव आयोग को भेज दी गई थी। वहीं बागी गुट ने अलग बैठक कर नए अध्यक्ष और नई राष्ट्रीय कार्यसमिति की घोषणा कर दी। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद और तेज हो गया।

फिरहाद हकीम समेत किन नेताओं पर हुई कार्रवाई?

वहीं पार्टी की ओर से सस्पेंड किए गए नेताओं को पहले कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था, जिसमें उन पर पार्टी लाइन के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया गया था। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने कोलकाता के पूर्व मेयर फिरहाद हकीम सहित कुल आठ नेताओं को पार्टी से सस्पेंड किया है। इनमें जावेद अहमद खान, अरूप रॉय, रथिन घोष, बिप्लब मित्रा, सबीना यास्मीन, अरूप विश्वास और स्नेहासिस चक्रवर्ती के नाम शामिल हैं। जानकारी दे दें कि बागी गुट का नेतृत्व विपक्ष के नेता ऋतब्रता बनर्जी कर रहे हैं।

30 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यसमिति के गठन का ऐलान

दरअसल इस गुट ने विधायक अरूप रॉय को ममता बनर्जी की जगह पार्टी का अध्यक्ष घोषित किया है। साथ ही 30 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यसमिति के गठन का भी ऐलान किया गया है। बागी नेताओं ने यह भी कहा कि वे चाहते हैं कि ममता बनर्जी पार्टी में मार्गदर्शक की भूमिका निभाएं। बता दें कि है कि ममता बनर्जी ने वर्ष 1998 में कांग्रेस से अलग होकर तृणमूल कांग्रेस की स्थापना की थी और तब से वह पार्टी का नेतृत्व करती रही हैं।

दरअसल तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी इस विवाद का मामला अब चुनाव आयोग तक पहुंच गया है। ममता बनर्जी गुट का दावा है कि संगठन से जुड़े जरूरी दस्तावेज और नई राष्ट्रीय कार्यसमिति की जानकारी पहले ही आयोग को भेजी जा चुकी थी। वहीं बागी गुट भी अपने फैसलों और नेतृत्व परिवर्तन को लेकर सक्रिय है।