MP में रोजगार के मुद्दे पर उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा, कहा “रोजगार क्रांति का ढिंढोरा पीटना बंद करें”

मध्यप्रदेश में युवाओं की शिक्षा, रोजगार और प्रशिक्षण से जुड़ी स्थिति को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने केंद्र सरकार के जिला स्तर के श्रम बाजार से जुड़े आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि प्रदेश के कई शहरों में बड़ी संख्या में युवा पढ़ाई, रोजगार या प्रशिक्षण […]

Sep 22, 2026 - 13:30
MP में रोजगार के मुद्दे पर उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा, कहा “रोजगार क्रांति का ढिंढोरा पीटना बंद करें”

मध्यप्रदेश में युवाओं की शिक्षा, रोजगार और प्रशिक्षण से जुड़ी स्थिति को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने केंद्र सरकार के जिला स्तर के श्रम बाजार से जुड़े आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि प्रदेश के कई शहरों में बड़ी संख्या में युवा पढ़ाई, रोजगार या प्रशिक्षण से बाहर हैं। उन्होंने इसे लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव से युवाओं के भविष्य और रोजगार के अवसरों पर जवाब मांगा है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि मध्यप्रदेश में युवा शक्ति को बेरोजगार करके भाजपा सरकार किस बात का जश्न मना रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्वालियर में 29.3 प्रतिशत और राजधानी भोपाल में 29.2 प्रतिशत युवा ऐसे हैं जो न पढ़ाई से जुड़े हैं, न रोजगार में हैं और न ही किसी तरह का प्रशिक्षण ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति सिर्फ इन दो शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश के दूसरे हिस्सों में भी युवाओं के सामने इसी तरह की चुनौतियां हैं।

उमंग सिंघार ने रोज़गार के मुद्दे पर घेरा

उमंग सिंघार ने सरकार के रोजगार संबंधी दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब बड़ी संख्या में युवा शिक्षा, रोजगार और प्रशिक्षण से बाहर हैं तो सरकारी मंचों से रोजगार क्रांति की बात करने के बजाय जमीन पर अवसर पैदा करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सिर्फ आयोजनों और घोषणाओं से युवाओं की रोजगार संबंधी समस्याएं दूर नहीं होंगी।

नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से पूछा कि प्रदेश के युवाओं को रोजगार कब मिलेगा और उनकी मौजूदा स्थिति की जिम्मेदारी कौन लेगा। उन्होंने सरकार से युवाओं के लिए रोजगार और प्रशिक्षण के अवसर बढ़ाने को लेकर स्पष्ट जवाब देने की मांग की है।

एनईईटी दर को लेकर सामने आई जिला-स्तरीय तस्वीर

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने पिछले दिनों पहली बार संशोधित पद्धति के आधार पर जिला-स्तरीय श्रम बाजार से जुड़े आंकड़े जारी किए हैं। इसमें 15 से 29 वर्ष के युवाओं के लिए एनईईटी यानी ऐसे लोगों का अनुपात दर्ज किया गया है जो रोजगार, शिक्षा या प्रशिक्षण में शामिल नहीं हैं। रिपोर्ट के अनुसार देश के 76.2 प्रतिशत जिलों में 15 से 29 वर्ष के युवाओं की एनईईटी दर 30 प्रतिशत से कम रही, जबकि 23.7 प्रतिशत जिलों में यह दर 30 प्रतिशत से अधिक थी। 45.9 प्रतिशत जिलों में यह अनुपात 20 से 30 प्रतिशत के बीच दर्ज किया गया।

यहां बेरोजगारी और एनईईटी के बीच अंतर समझना जरूरी है। बेरोजगारी दर उन लोगों को दर्शाती है जो श्रमबल का हिस्सा हैं, लेकिन उनके पास काम नहीं है और वे काम की तलाश में हैं या काम करने के लिए उपलब्ध हैं। इसके विपरीत एनईईटी दर में वे युवा भी शामिल हो सकते हैं जो फिलहाल न पढ़ाई कर रहे हैं, न काम और न ही प्रशिक्षण ले रहे हैं। इस लिहाज से यह आंकड़ा सिर्फ बेरोजगारी को नहीं दर्शाता, बल्कि यह भी बताता है कि युवा पढ़ाई और कौशल प्रशिक्षण से कितने जुड़े हुए हैं। जिला स्तर पर इन आंकड़ों का इस्तेमाल पहली बार संशोधित सर्वेक्षण पद्धति के तहत किया गया है।

Anand Sahay पत्रकारिता के क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है और ब्रेकिंग न्यूज़ तथा राष्ट्रीय खबरों को कवर करने में विशेष रुचि रखते हैं। महत्वपूर्ण घटनाओं का विश्लेषण कर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।