क्या अगला मामला महाकाल मंदिर का होगा! श्रीराम मंदिर और मां बगलामुखी के बाद उमंग सिंघार ने किया सवाल, सरकार को घेरा
उमंग सिंघार ने अयोध्या के श्रीराम मंदिर और मध्यप्रदेश के आगर मालवा जिले के नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी मंदिर से जुड़े चढ़ावा और आभूषण प्रबंधन के मामलों का जिक्र करते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि पहले अयोध्या के श्रीराम मंदिर में कथित चंदा अनियमितताओं का मामला सामने आया और अब
उमंग सिंघार ने अयोध्या के श्रीराम मंदिर और मध्यप्रदेश के आगर मालवा जिले के नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी मंदिर से जुड़े चढ़ावा और आभूषण प्रबंधन के मामलों का जिक्र करते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि पहले अयोध्या के श्रीराम मंदिर में कथित चंदा अनियमितताओं का मामला सामने आया और अब मां बगलामुखी मंदिर में सोने-चांदी के आभूषणों एवं चढ़ावे के प्रबंधन में कथित अनियमितताओं की जांच चल रही है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि यदि इसी तरह की स्थिति बनी रही तो आने वाले समय में उज्जैन के महाकाल मंदिर में भी ऐसा मामला सामने आ सकता है। उन्होंने दावा किया कि महाकाल मंदिर को लेकर भी इस तरह की शिकायतें मिल रही हैं। नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से सवाल किया कि इस मुद्दे पर वे मौन क्यों हैं और क्या सरकार इन शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराएगी।
उमंग सिंघार ने किए सवाल
उमंग सिंघार ने मंदिरों के चढ़ावे, आभूषणों और दान की कथित अनियमितताओं को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले समय में उज्जैन के प्रसिद्ध महाकाल मंदिर में भी इसी तरह का घोटाला सामने आ सकता है। कांग्रेस नेता ने कहा कि मध्यप्रदेश में कई स्थानों पर मंदिरों में चोरी और अनियमितताओं की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव से सवाल किया कि वह इस पूरे मामले पर मौन क्यों हैं।
सरकार से पूछा “जांच किस दिशा में चल रही है”
कांग्रेस नेता ने पूछा है कि इन घटनाओं के पीछे कौन लोग हैं और क्या सरकार दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि इससे पहले ओरछा के राजा राम सरकार मंदिर से नकदी और आभूषण गायब होने का मामला भी सामने आया था, लेकिन वर्षों बाद भी उसका खुलासा नहीं हो सका। उमंग सिंघार ने कहा कि “मध्यप्रदेश सरकार की जांच आखिर किस दिशा में चल रही है? क्या यह मामला भी अन्य फाइलों की तरह दबा दिया जाएगा, या दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी? प्रदेश की जनता जवाब चाहती है।” उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासन में मंदिरों की संपत्ति की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं और सरकार को इसे लेकर जवाब देना चाहिए।