विवेक अग्रवाल बने FATF के वाइस चेयरमैन, पहली बार भारत को मिली यह बड़ी जिम्मेदारी, जानिए क्यों है यह खास?

भारत ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। दरअसल मध्य प्रदेश कैडर के 1994 बैच के आईएएस अधिकारी विवेक अग्रवाल को फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह पहली बार है जब किसी भारतीय अधिकारी को इस प्रभावशाली वैश्विक संस्था में इतनी बड़ी जिम्मेदारी

Jun 20, 2026 - 11:30
विवेक अग्रवाल बने FATF के वाइस चेयरमैन, पहली बार भारत को मिली यह बड़ी जिम्मेदारी, जानिए क्यों है यह खास?

भारत ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। दरअसल मध्य प्रदेश कैडर के 1994 बैच के आईएएस अधिकारी विवेक अग्रवाल को फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह पहली बार है जब किसी भारतीय अधिकारी को इस प्रभावशाली वैश्विक संस्था में इतनी बड़ी जिम्मेदारी मिली है। मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद को मिलने वाली आर्थिक मदद पर नजर रखने वाली संस्था में भारत की यह उपलब्धि वैश्विक स्तर पर उसकी बढ़ती साख का संकेत मानी जा रही है।

दरअसल पेरिस में आयोजित FATF की बैठक के दौरान विवेक अग्रवाल को जुलाई 2026 से जून 2027 तक के कार्यकाल के लिए उपाध्यक्ष चुना गया है। भारत वर्ष 2010 से FATF का सदस्य है, लेकिन अब तक उसे शीर्ष नेतृत्व में जगह नहीं मिली थी। ऐसे में यह नियुक्ति भारत की बढ़ती भूमिका और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सुरक्षा मामलों में उसके प्रभाव को दर्शाती है। विदेश मंत्रालय और वित्त मंत्रालय दोनों ने इसे भारत के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।

जानिए कौन हैं विवेक अग्रवाल?

दरअसल विवेक अग्रवाल मध्य प्रदेश कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं और प्रशासनिक क्षेत्र में लंबा अनुभव रखते हैं। उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं और वित्तीय अपराधों से जुड़े मामलों में भी उनकी विशेषज्ञता मानी जाती है। वह FATF में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर चुके हैं और भारतीय वित्तीय खुफिया इकाई (FIU-IND) के निदेशक के रूप में भी काम कर चुके हैं।

FATF के बारे में जानिए

जानकारी दे दें कि FATF दुनिया की सबसे प्रभावशाली वित्तीय निगरानी संस्थाओं में से एक है। यह तय करती है कि कौन से देश मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी फंडिंग के खिलाफ प्रभावी कदम उठा रहे हैं और किन देशों को सुधार की जरूरत है। FATF की रिपोर्ट और फैसलों का असर वैश्विक निवेश, बैंकिंग व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी पड़ता है। वहीं भारत लंबे समय से आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति की वकालत करता रहा है। यही कारण है कि FATF में उसकी भूमिका लगातार मजबूत हुई है। विदेश मंत्रालय के अनुसार विवेक अग्रवाल का नेतृत्व वैश्विक आतंकवादी फंडिंग नेटवर्क पर लगाम लगाने और अवैध वित्तीय गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई को और प्रभावी बनाने में मदद करेगा।