राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को जन्मदिन पर देशभर से मिल रही शुभकामनाएं, जानें कैसा रहा पार्षद से सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचने का सफर

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 20 जून यानी आज जन्मदिन है। इस मौके पर उन्हें देशभर से बधाई संदेश मिल रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार टाइम बड़े नेताओं ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दी है। पीएम मोदी ने ने ये भी कहा कि वो ओडिशा में होने वाले कार्यक्रम में उनसे मिलने के लिए काफी

Jun 20, 2026 - 11:30
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को जन्मदिन पर देशभर से मिल रही शुभकामनाएं, जानें कैसा रहा पार्षद से सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचने का सफर

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 20 जून यानी आज जन्मदिन है। इस मौके पर उन्हें देशभर से बधाई संदेश मिल रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार टाइम बड़े नेताओं ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दी है। पीएम मोदी ने ने ये भी कहा कि वो ओडिशा में होने वाले कार्यक्रम में उनसे मिलने के लिए काफी उत्सुक हैं।

पीएम नरेंद्र मोदी के अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और शिवराज सिंह चौहान सहित कई नेताओं में मुर्मू को शुभकामनाएं दी है। सभी उनके साहस, जन सेवा, सादगी, सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों के उत्थान के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए दिखाई दिए। शुभकामनाओं में उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना भी दी गई।

राष्ट्रपति मूर्मू को पीएम की शुभकानाएं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए द्रौपदी मुर्मू को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी। उन्होंने लिखा भारत के राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। सादगी, साहस, जन सेवा और विनम्रता की अटूट प्रतिबद्धता से भरी उनकी जीवन यात्रा लोगों को प्रेरित करती रही है। प्रधानमंत्री राष्ट्रपति के कार्यकाल के दौरान उत्कृष्ट सेवा की सराहना करते दिखाई दिए और उनकी दीर्घायु की कामना की।

 

पीएम मोदी ने लिखा सार्वजनिक जीवन में अपने लंबे कार्यकाल के दौरान उन्होंने राष्ट्र की उत्कृष्ट सेवा की है। वंचित एवं हाशिए पर रहने वाले लोगों के कल्याण के प्रति उनका समर्पण काबिले तारीफ है। भारत के विकास के प्रति उनका समर्पण प्रेरणादायक है। ईश्वर उन्हें दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करें। आज ओडिशा में होने वाले कार्यक्रम में उनसे मिलने के लिए काफी उत्सुक हूं।

राजनाथ सिंह ने कहा जनसेवा की सच्ची भावना

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी सोशल मीडिया के जरिए बधाई दी है। उन्होंने लिखा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। उन्होंने अपना जीवन समाज सेवा और लोगों को सशक्त बनाने में समर्पित किया। नागरिकों के कल्याण, सामाजिक न्याय और समावेशी विकास के प्रति अपने समझदारी और प्रतिबद्धता के माध्यम से वो जनसेवा की सच्ची भावना का प्रतीक बन गई हैं। भारत में उन्हें सम्मान और स्नेह मिलता रहे।

 

शिवराज सिंह चौहान की बधाई

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ एक तस्वीर शेयर करते हुए उन्हें बधाई दी है। उन्होंने लिखा साधारण पृष्ठभूमि से देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक आपकी यात्रा प्रेरणादायक रही है। आपका जीवन देश के नागरिकों विशेषकर महिलाओं और वंचित वर्ग को बड़े सपने देखने और समर्पण के साथ समाज सेवा के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा प्रभु जगन्नाथ की कृपा आप पर हमेशा बनी रहे। मैं आपके उत्तम स्वास्थ्य, सुखमय जीवन, दीर्घायु और राष्ट्र सेवा के लिए आपके निरंतर मार्गदर्शन की कामना करता हूं।

 

देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भारत की 15वीं और वर्तमान राष्ट्रपति हैं। 25 जुलाई 2022 को अपना पदभार ग्रहण करने के बाद वह देश के विकास में लगातार योगदान दे रही हैं। वह देश की पहली आदिवासी संथाल समुदाय से जुड़ी और प्रतिभा पाटिल के बाद दूसरी महिला राष्ट्रपति हैं। उन्होंने इस सर्वोच्च पद पर आसीन होने वाली सबसे कम उम्र की व्यक्ति होने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया है।

कैसा रहा सफर

द्रौपदी मुर्मू का जन्म 20 जून 1958 को ओडिशा के मयूरभंज जिले के बैदापोसी गांव में रहने वाले संथाल आदिवासी परिवार में हुआ। वह अपने गांव की पहली महिला थी जिन्होंने स्नातक की डिग्री हासिल की थी। अपने करियर की शुरुआत में उन्होंने 1979 से 1983 तक ओडिशा सरकार के सिंचाई और बिजली विभाग में कनिष्ठ सहायक के रूप में काम किया। इसके बाद 1994 से 1997 तक रायरंगपुर के श्री अरविंदो इंटीग्रल एजुकेशन एंड रिसर्च सेंटर में शिक्षिका भी रहीं।

ऐसे शुरू हुआ राजनैतिक जीवन

1997 में उन्हें रायरंगपुर अधिसूचित क्षेत्र परिषद का पार्षद चुना गया और बाद में वो उपाध्यक्ष बनीं। साल 2000 से 2004 के दौरान उन्हें रायरंगपुर विधानसभा से विधायक चुना गया। इसके बाद वह बीजेडी और बीजेपी की गठबंधन सरकार में परिवहन और वाणिज्य तथा मत्स्य पालन एवं पशु संसाधन विकास मंत्री रहीं।

साल 2007 में उन्हें ओडिशा विधानसभा द्वारा सर्वश्रेष्ठ विधायक के लिए नीलकंठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। 2015 से 2021 के दौरान उन्हें झारखंड के राज्यपाल नियुक्त किया गया। वह किसी भी भारतीय राज्य की राज्यपाल बनने वाली पहली आदिवासी महिला थी। 2022 में उन्होंने राष्ट्रपति पद का चुनाव जीता और सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन हुईं और अब तक उसपर काबिज हैं।