पश्चिम बंगाल: फलता में बीजेपी की जीत, अभिषेक बनर्जी ने चुनाव आयोग पर बोला हमला, पूछा- आज साढ़े 3 बजे तक कैसे पूरी हुई 21 राउंड की काउंटिंग?
पश्चिम बंगाल की राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर चुनाव आयोग की भूमिका पर प्रश्नचिह्न लग गए हैं। फलता विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी की बंपर जीत के बाद तृणमूल कांग्रेस के सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने मतगणना प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसने राज्य की
पश्चिम बंगाल की राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर चुनाव आयोग की भूमिका पर प्रश्नचिह्न लग गए हैं। फलता विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी की बंपर जीत के बाद तृणमूल कांग्रेस के सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने मतगणना प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसने राज्य की सियासत में हलचल तेज कर दी है। बनर्जी ने सीधे तौर पर चुनाव आयोग से यह सवाल पूछा है कि जब 4 मई को दोपहर साढ़े तीन बजे तक महज 2 से 4 राउंड की गिनती ही पूरी हो पाई थी, तो आज उसी समय तक 21 राउंड की मतगणना कैसे संपन्न हो गई। यह विसंगति अपने आप में कई अनुत्तरित प्रश्न खड़े करती है, जिस पर आयोग को देश के सामने स्पष्टीकरण प्रस्तुत करना होगा।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी बात रखते हुए अभिषेक बनर्जी ने फलता में हुए रीपोल में स्पष्ट विसंगतियों का जिक्र किया। उन्होंने आंकड़ों के माध्यम से बताया कि मतगणना की गति में यह असमानता न केवल संदेह पैदा करती है, बल्कि चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी सवालिया निशान लगाती है। बनर्जी ने इस बात पर जोर दिया कि 4 मई और आज की मतगणना के समय में यह तुलनात्मक अंतर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है, जिसकी गहन जांच आवश्यक है।
फलता में TMC कार्यकर्ताओं को बेदखल करने का आरोप
टीएमसी सांसद ने अपने पोस्ट में यह गंभीर आरोप भी लगाया कि पिछले दस दिनों के भीतर फलता क्षेत्र में एक हजार से अधिक पार्टी कार्यकर्ताओं को उनके घरों से बेदखल होने के लिए मजबूर किया गया। इसके बावजूद, चुनाव आयोग ने इस पूरे मामले पर आंखें मूंद रखीं, जो आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का सीधा संकेत है। उन्होंने यह भी कहा कि आदर्श आचार संहिता लागू होने के बावजूद दिनदहाड़े पार्टी कार्यालयों में तोड़फोड़ की गई, जिस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। यह घटनाएं स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के माहौल को बाधित करने वाली मानी जा सकती हैं, और आयोग की निष्क्रियता पर प्रश्नचिह्न लगाती हैं।
अभिषेक बनर्जी ने मुख्य सचिव की नियुक्ति पर भी उठाए सवाल
इससे भी अधिक चिंताजनक बात यह है कि अभिषेक बनर्जी ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव की नियुक्ति पर भी प्रश्न उठाए हैं। उन्होंने इंगित किया कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ), जिन पर कथित रूप से चुनाव आयोग की आड़ में नामों को हटाने और चुनावी प्रक्रिया में हेरफेर करने का आरोप है, उन्हें ही पश्चिम बंगाल की नई सरकार में मुख्य सचिव के तौर पर नियुक्त कर दिया गया। यह नियुक्ति उस समय हुई जब फलता में आदर्श आचार संहिता अभी भी प्रभावी थी और मतदान की प्रक्रिया पूरी तरह से संपन्न नहीं हुई थी। यह घटनाक्रम स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की अवधारणा पर गहरा प्रहार करता है और सत्ता के गलियारों में अनुचित प्रभाव का संकेत देता है।
अभिषेक बनर्जी ने मतगणना एजेंट्स के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने अपने एक्स पोस्ट में लिखा कि 4 मई को तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी को छोड़कर अन्य राजनीतिक दलों के मतगणना एजेंट्स को चुनाव आयोग द्वारा तैनात अधिकारियों और केंद्रीय बलों ने कथित तौर पर मतगणना केंद्र से बाहर निकाल दिया था। यह एक बेहद गंभीर उल्लंघन है, जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों के मूल सिद्धांतों पर सीधा हमला माना जा सकता है। यह दर्शाता है कि चुनावी प्रक्रिया में सभी हितधारकों को समान अवसर नहीं मिल रहे थे और एक विशेष पक्ष को अनुचित लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया था।
अभिषेक बनर्जी ने मतगणना के सीसीटीवी ऑडिट की उठाई मांग
अंत में, अभिषेक बनर्जी ने जनादेश के सीसीटीवी ऑडिट की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक भ्रष्ट अधिकारियों को जवाबदेह नहीं ठहराया जाता और मतगणना की पूरी प्रक्रिया का स्वतंत्र तरीके से सीसीटीवी ऑडिट नहीं कराया जाता, तब तक जनादेश की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न बढ़ते ही जाएंगे। उनका मानना है कि सत्य को हमेशा के लिए दबाया नहीं जा सकता और इन विसंगतियों का खुलासा होना आवश्यक है ताकि लोकतंत्र में जनता का विश्वास बना रहे। यह मांग चुनावी प्रक्रिया की शुचिता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के तौर पर देखी जा रही है।
The Falta AC repoll counting today exposes glaring inconsistencies. By 3:30 pm in the afternoon today all 21 rounds were completed. On 4th May, till the same time, only 2- 4 rounds had taken place. The country deserves an explanation from the ECI.
Although more than 1000…
— Abhishek Banerjee (@abhishekaitc) May 24, 2026