असम के 35 जिलों को मिले ‘गार्जियन मंत्री’, CM सरमा ने सौंपी बड़ी जिम्मेदारी, पढ़ें यह खबर

असम सरकार ने राज्य के 35 जिलों के लिए 16 कैबिनेट मंत्रियों को ‘गार्जियन मंत्री’ बनाने का बड़ा फैसला लिया है। दरअसल रविवार, 7 जून 2026 को CM हिमंत बिस्वा सरमा ने इसकी घोषणा की। इन मंत्रियों को अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी दी गई है, ताकि वे वहां के विकास कार्यों पर नजर रख सकें

Jun 7, 2026 - 22:30
असम के 35 जिलों को मिले ‘गार्जियन मंत्री’, CM सरमा ने सौंपी बड़ी जिम्मेदारी, पढ़ें यह खबर

असम सरकार ने राज्य के 35 जिलों के लिए 16 कैबिनेट मंत्रियों को ‘गार्जियन मंत्री’ बनाने का बड़ा फैसला लिया है। दरअसल रविवार, 7 जून 2026 को CM हिमंत बिस्वा सरमा ने इसकी घोषणा की। इन मंत्रियों को अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी दी गई है, ताकि वे वहां के विकास कार्यों पर नजर रख सकें और सरकारी विभागों के साथ मिलकर काम कर सकें। सरकार का कहना है कि इससे जिला स्तर पर कामकाज और मजबूत होगा और विकास परियोजनाओं में तेजी आएगी।

दरअसल इन ‘गार्जियन मंत्रियों’ को सिर्फ विकास कार्यों की जिम्मेदारी ही नहीं दी गई है, बल्कि आपदा और आपातकालीन स्थितियों में भी इन्हें मुख्य जिम्मेदारी निभानी होगी। ये मंत्री अपने जिलों में जिला प्रशासन के साथ मिलकर काम करेंगे और स्थानीय समस्याओं के समाधान में मदद करेंगे। साथ ही राज्य सरकार की योजनाओं को सही तरीके से लागू कराने की जिम्मेदारी भी इन्हीं की होगी। सरकार को उम्मीद है कि इससे जिलों में काम की रफ्तार बढ़ेगी और लोगों को योजनाओं का फायदा जल्दी मिलेगा।

5 जून 2026 को मंत्रिमंडल का विस्तार किया गया था

वहीं यह फैसला ऐसे समय लिया गया है जब असम में भाजपा सरकार बनने के बाद 5 जून 2026 को मंत्रिमंडल का विस्तार किया गया था। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने उसी दौरान कहा था कि जल्द ही मंत्रियों के बीच जिम्मेदारियां बांटी जाएंगी। अब गार्जियन मंत्रियों की नियुक्ति के बाद जिला प्रशासन और राज्य सरकार के बीच सीधा संपर्क और बेहतर होने की उम्मीद जताई जा रही है। सरकार का मानना है कि इससे विकास कार्यों में पारदर्शिता और तेजी आएगी।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दी जानकारी

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि उन्हें कैबिनेट मंत्रियों को गार्जियन जिलों की जिम्मेदारी सौंपते हुए खुशी हो रही है। उन्होंने भरोसा जताया कि सभी मंत्री जिला प्रशासन के साथ मिलकर राज्य के विकास और समृद्धि को नई गति देंगे। उनका यह बयान सरकार की विकास योजनाओं को लेकर गंभीरता को दिखाता है।

इन्हें मिली जिम्मेदारी

वहीं असम सरकार में जिन मंत्रियों को गार्जियन जिले दिए गए हैं, उनमें रमेश्वर तेली को तिनसुकिया और जोरहाट की जिम्मेदारी मिली है। अतुल बोरा को कामरूप मेट्रोपॉलिटन और धेमाजी जिलों का प्रभार दिया गया है। चरण बोरो को कोकराझार, बक्सा और चिरांग जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं अजंता नियोग को मोरीगांव और कामरूप जिले दिए गए हैं।

इन चार मंत्रियों ने 12 मई को मुख्यमंत्री के साथ मंत्री पद की शपथ ली थी और इन्हें पहले ही विभाग सौंपे जा चुके थे। इसके अलावा 5 जून 2026 को शपथ लेने वाले बाकी 12 मंत्रियों को अभी विभाग नहीं मिले हैं, लेकिन उन्हें गार्जियन जिलों की जिम्मेदारी दे दी गई है।

दरअसल अश्विनी राय सरकार को बोंगाईगांव और बरपेटा जिले मिले हैं। अशोक सिंघल को दरांग और धुबड़ी की जिम्मेदारी दी गई है। बिमल बोरा को शिवसागर और चराइदेव जिलों का प्रभार मिला है। बिस्वजीत दैमारी को नलबाड़ी और सोनितपुर जिलों का गार्जियन मंत्री बनाया गया है। जयंत मल्ला बरुआ को तामुलपुर और ग्वालपाड़ा जिले दिए गए हैं। कौशिक राय को श्रीभूमि और हैलाकांडी की जिम्मेदारी मिली है। केशव महंत को दक्षिण सलमारा-मनकाचर और उत्तर लखीमपुर जिलों का प्रभार सौंपा गया है। कृष्णेंदु पॉल को दीमा हसाओ और कछार जिलों की जिम्मेदारी दी गई है।

नीलिमा देवी को बजाली और उदालगुड़ी जिलों की जिम्मेदारी मिली है। पीयूष हजारिका को नगांव, होजाई, कार्बी आंगलोंग और पश्चिम कार्बी आंगलोंग जैसे चार जिलों का बड़ा प्रभार दिया गया है। रणोज पेगू को बिस्वनाथ और गोलाघाट जिले मिले हैं। वहीं सुशांत बोरगोहेन को डिब्रूगढ़ और माजुली जिलों का गार्जियन मंत्री बनाया गया है।