पश्चिम बंगाल: हार नहीं मान रहीं ममता बनर्जी, अब खटखटाया हाईकोर्ट का दरवाजा, भवानीपुर के नतीजे को कलकत्ता हाईकोर्ट में दी चुनौती
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव में मिली करारी शिकस्त के बाद तृणमूल कांग्रेस और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर संकट के काले बादल छा गए हैं। एक ओर अपनी हार का गम और दूसरी ओर पार्टी में टूट। ममता बनर्जी को अपने गढ़ भवानीपुर में करारी हार का सामना करना पड़ा। जिसके बाद ममता बनर्जी
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव में मिली करारी शिकस्त के बाद तृणमूल कांग्रेस और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर संकट के काले बादल छा गए हैं। एक ओर अपनी हार का गम और दूसरी ओर पार्टी में टूट। ममता बनर्जी को अपने गढ़ भवानीपुर में करारी हार का सामना करना पड़ा। जिसके बाद ममता बनर्जी ने भाजपा और चुनाव आयोग पर गड़बड़ी के आरोप लगाए थे। नतीजों के बाद ममता ने अपनी हार स्वीकार करने से मना कर दिया था। ममता का कहना था कि भाजपा ने गड़बड़ी करके चुनाव जीता है।
अब टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने भवानीपुर की हार को कलकत्ता हाईकोर्ट में चुनौती दी है। ममता बनर्जी ने इस चुनावी हार के खिलाफ हाईकोर्ट में एक चुनाव याचिका दायर की है। ममता ने भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र के सभी चुनाव संबंधी रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने का आग्रह किया है। इनमें मतदान प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों के साथ ईवीएम भी शामिल हैं। ममता बनर्जी ने मांग की है कि इन सभी उपकरणों और दस्तावेजों को तत्काल सील किया जाए, ताकि उनके साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, बदलाव या नष्ट किए जाने की आशंका को रोका जा सके।
अपने गढ़ में ममता बनर्जी को मिली करारी हार
बता दें कि कोलकाता के भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र को ममता बनर्जी का गढ़ माना जाता है लेकिन 2026 के विधानसभा चुनाव में ममता को अपनी ही सीट गंवानी पड़ी। इस सीट पर भाजपा के शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को 15,105 वोटों से हराया था। इस अप्रत्याशित हार ने राज्य के राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया है। इसके बाद ममता बनर्जी ने हार को स्वीकार करने से मना कर दिया और भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए।
भवानीपुर क्षेत्र में नतीजों से पहले हंगामा
इतना ही नहीं भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में रिजल्ट से एक दिन पहले काउंटिंग सेंटर के बाहर हंगामा हुआ था। टीएमसी कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि भाजपा के झंडे वाली कार को बिना जांच स्ट्रॉन्गरूम परिसर में एंट्री दी गई। वहीं भवानीपुर के काउंटिंग सेंटर में ममता बनर्जी करीब 4 घंटे रहीं थीं। बाहर आकर उन्होंने आरोप लगाया था कि मुझे अंदर धक्का दिया गया और पीटा गया। भाजपा की यह जीत नहीं बल्कि लूट है।
साल 2021 में भी हार के बाद ममता बनर्जी ने हाईकोर्ट में दायर की थी याचिका
बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब हार की वजह से ममता बनर्जी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया हो। इससे पहले 2021 के विधानसभा चुनाव में जब ममता को नंदीग्राम से हार मिली थी तब उन्होंने इस हार को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था। दिलचस्प बात तो यह है कि नंदीग्राम में भी शुभेंदु अधिकारी ने ही ममता को हराया था। इसके बाद ममता बनर्जी ने नंदीग्राम की हार को कलकत्ता हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
ममता ने हाईकोर्ट में खाचिका दायर कर फिर से मतगणना कराने की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि वोटों की गिनती में धांधली की गई हैं। हालांकि यहां बाजी उल्टी पड़ गई। जज ने कोर्ट का समय बर्बाद करने के आरोप में 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था, इसके बाद मामले की सुनवाई दूसरी बेंच को सौंप दी गई। आज भी यह इस मामले की सुनवाई कोर्ट में जारी है। ठीक ऐसा ही फिर से ममता बनर्जी ने 2026 में किया है। अब उन्होंंने भवानीपुर की हार को कलकत्ता हाईकोर्ट में चुनौती दी है।