पश्चिम बंगाल: ममता बनर्जी को फिर लगा बड़ा झटका, बिधाननगर नगर निगम की मेयर कृष्णा चक्रवर्ती ने दिया इस्तीफा, TMC के हाथ से निकले दो निगम

पश्चिम बंगाल की राजनीतिक गलियारों में इन दिनों तीव्र हलचल देखी जा रही है, जहां तृणमूल कांग्रेस को एक के बाद एक झटके लग रहे हैं। कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम के इस्तीफे के ठीक एक दिन बाद, बिधाननगर नगर निगम की मेयर कृष्णा चक्रवर्ती ने भी अपने पद से त्यागपत्र सौंप दिया है, जिससे

Jun 4, 2026 - 22:30
पश्चिम बंगाल: ममता बनर्जी को फिर लगा बड़ा झटका, बिधाननगर नगर निगम की मेयर कृष्णा चक्रवर्ती ने दिया इस्तीफा, TMC के हाथ से निकले दो निगम

पश्चिम बंगाल की राजनीतिक गलियारों में इन दिनों तीव्र हलचल देखी जा रही है, जहां तृणमूल कांग्रेस को एक के बाद एक झटके लग रहे हैं। कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम के इस्तीफे के ठीक एक दिन बाद, बिधाननगर नगर निगम की मेयर कृष्णा चक्रवर्ती ने भी अपने पद से त्यागपत्र सौंप दिया है, जिससे राज्य में राजनीतिक उलटफेर की स्थिति उत्पन्न हो गई है। गुरुवार दोपहर को हुए इस घटनाक्रम ने तृणमूल कांग्रेस के लिए दोहरी चुनौती खड़ी कर दी है, क्योंकि इसके परिणामस्वरूप पार्टी ने कोलकाता और बिधाननगर जैसे दो महत्वपूर्ण नगर निगमों से अपना नियंत्रण खो दिया है। यह उल्लेखनीय है कि बिधाननगर नगर निगम कोलकाता के सॉल्ट लेक इलाके में स्थित है।

निजी कारणों का हवाला देते हुए त्यागपत्र सौंपा गया, किंतु भीतर का दर्द स्पष्ट रूप से उजागर हुआ। मेयर कृष्णा चक्रवर्ती ने गुरुवार दोपहर बिधाननगर नगर निगम के आयुक्त को अपना त्यागपत्र सौंपकर अपने पद से विमुख होने की घोषणा की। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने अपने त्यागपत्र की एक प्रति राज्य की शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल और संबंधित विभाग के सचिव को भी प्रेषित की है। कार्यालय से बाहर निकलते समय कृष्णा चक्रवर्ती ने स्पष्ट किया कि उनका यह निर्णय विशुद्ध रूप से निजी कारणों से प्रेरित है। किंतु, बाद में उनका भीतर का दर्द स्पष्ट रूप से उजागर हुआ, जिसने राजनीतिक गलियारों में कई प्रश्न खड़े कर दिए हैं।

उन्होंने अपनी वेदना व्यक्त करते हुए कहा कि वे अपनी इच्छानुसार कार्य करने में असमर्थ महसूस कर रही थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि बोर्ड की बैठकें नियमित रूप से आयोजित नहीं हो रही थीं, पार्षद उपस्थित नहीं होते थे, और अधिकारी भी सदैव व्यस्त रहते थे। ऐसे में वे जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारियों से मुख नहीं मोड़ सकती थीं और उन्हें धोखा नहीं दे सकती थीं। कृष्णा चक्रवर्ती के इस कथन ने नगर निगमों के भीतर चल रही अंदरूनी कलह और प्रशासनिक अक्षमता को स्पष्ट रूप से उजागर कर दिया है, जिससे तृणमूल कांग्रेस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

करीब आठ माह शेष था कृष्णा चक्रवर्ती का कार्यकाल

कृष्णा चक्रवर्ती का वर्तमान कार्यकाल अभी भी लगभग आठ माह शेष था। उन्होंने वर्ष 2019 से 2022 तक और तत्पश्चात वर्ष 2022 से 4 जून 2026 तक, दो अवधियों में बिधाननगर के मेयर के रूप में अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं प्रदान की थीं। भावुक क्षणों में उन्होंने दृढ़ता से कहा कि वे विगत सोलह वर्षों की भांति ही एक पार्षद के रूप में जनता की सेवा में निरंतर संलग्न रहेंगी। उनके इस बयान से स्पष्ट होता है कि वे भले ही मेयर पद से हट गई हों, किंतु राजनीतिक सक्रियता बनाए रखने का उनका इरादा है।

कृष्णा चक्रवर्ती के इस्तीफे के बाद भाजपा का हमला

कृष्णा चक्रवर्ती के इस त्यागपत्र के उपरांत विपक्षी दलों ने तीखा हमला बोला है, जिससे राजनीतिक पारा और चढ़ गया है। बिधाननगर से भाजपा विधायक तथा राज्य सरकार में मंत्री शरद्वत मुखर्जी ने इस अवसर पर तंज कसते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा, ‘वे पैसों की गद्दी पर आसीन थीं। मुझे बिधाननगर में उनकी अठारह-उन्नीस संपत्तियों के विषय में जानकारी मिली है। उन संपत्तियों का खुलासा होने से पूर्व ही वे शर्म के मारे छिप गई हैं।’ भाजपा के इन आरोपों ने तृणमूल कांग्रेस को बचाव की मुद्रा में ला दिया है और इन इस्तीफों के पीछे के वास्तविक कारणों पर बहस को और तेज कर दिया है।

यह उल्लेखनीय है कि राज्य विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस को मिली पराजय के उपरांत से ही विभिन्न नगर पालिकाओं में टीएमसी के जनप्रतिनिधियों के त्यागपत्रों की एक श्रृंखला देखी जा रही है। इससे पूर्व हुगली जिले के चंदननगर नगर निगम के मेयर राम चक्रवर्ती ने भी अपना पद त्याग दिया था, जिसके परिणामस्वरूप वहां प्रशासक की नियुक्ति करनी पड़ी थी। बुधवार को ही कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने भी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अनुमति से अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इन लगातार हो रहे इस्तीफों ने पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रही अंदरूनी उठा-पटक और पार्टी के घटते प्रभाव को स्पष्ट रूप से दर्शाया है, जिससे राज्य की राजनीतिक स्थिति में एक नया मोड़ आ गया है।