असम बजट 2026: वित्त मंत्री जयंत मल्लबरुवा ने पेश किया 2.85 लाख करोड़ का बजट, शिक्षा और रोजगार पर बड़ा फोकस, पढ़ें खबर
असम विधानसभा के 16वें कार्यकाल के बजट सत्र के पांचवें दिन शुक्रवार को राज्य का वर्ष 2026-27 का पूर्ण बजट पेश किया गया। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की सरकार में वित्त मंत्री जयंत मल्ला बरुआ ने सदन में अपना पहला भाषण देते हुए 2,85,084 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। इसके साथ ही वित्त मंत्री
असम विधानसभा के 16वें कार्यकाल के बजट सत्र के पांचवें दिन शुक्रवार को राज्य का वर्ष 2026-27 का पूर्ण बजट पेश किया गया। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की सरकार में वित्त मंत्री जयंत मल्ला बरुआ ने सदन में अपना पहला भाषण देते हुए 2,85,084 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। इसके साथ ही वित्त मंत्री ने यह भी घोषणा की हैं कि पिछले पांच सालों में शुरू की गईं सभी प्रमुख योजनाओं को जारी रखा जाएगा।
वित्त मंत्री जयंत मल्ला बरुआ ने सदन में भीषण देते हुए कहा कि छोटे चाय उत्पादकों को राहत देने के उद्देश्य से कृषि आयकर छूट की सीमा 2.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने का प्रस्ताव रखा गया है। उन्होंने बताया कि घरेलू ऊर्जा लागत कम करने, स्वच्छ ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देने और शहरों में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की आपूर्ति का विस्तार करने के लिए पाइप्ड नेचुरल गैस पर वैट की दर 14.5 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करने का भी प्रस्ताव किया गया है।
शिक्षा क्षेत्र में हिमंत सरकार का ऐलान
वित्त मंत्री ने सदन में शिक्षा क्षेत्र पर जोर देते हुए बड़े ऐलान किए हैं। उन्होंने बताया कि सराकर का लक्ष्य एक जिला, एक विश्वविद्यालय, एक मेडिकल कॉलेज और एक इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना करने का है। साथ ही सरकार सरकार एक ऐसे शैक्षणिक परिसर की स्थापना करेगी, जिसमें एक विश्वविद्यालय एक आईटीआई एक इंजीनियरिंग कॉलेज और एक मेडिकल कॉलेज होंगे। वित्त मंत्री ने स्वायत्त कॉलेजों को 2 करोड़ रुपये प्रति कॉलेज देने का ऐलान किया है।
सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में टैक्स राहत का किया प्रस्ताव
राज्य का बजट पेश होने के बाद मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सदन में प्रस्तुत बजट की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2015-16 में राज्य का पूंजीगत व्यय 2,951 करोड़ रुपये था, जो मौजूदा बजट में बढ़कर करीब 29,000 करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में टैक्स में राहत देने का प्रस्ताव रखा है।
वहीं, प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर ग्रीन सेस लगाने का भी प्रस्ताव किया गया है। इस सेस से प्राप्त राशि का उपयोग जलवायु परिवर्तन से जुड़े उपायों और पर्यावरण संरक्षण के कार्यों में किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट राज्य सरकार के संकल्प पत्र में किए गए वादों की झलक प्रस्तुत करता है और विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्य को भी आगे बढ़ाता है।
युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने पर जोर
बता दें कि बजट में सरकार ने युवाओं के लिए रोजगार को ध्यान में रखते हुए बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार 2 लाख युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लक्ष्य पर काम कर रही है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक टास्क फोर्स का गठन किया गया है।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने कहा कि अगस्त महीने से राज्य की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं को फिर से शुरू किया जाएगा। इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सरकार ने 6,000 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान किया है।
महिलाओं के सशक्तिकरण और जेंडर जस्टिस पर सरकार का बड़ा प्रस्ताव
सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने और जेंडर जस्टिस को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार ने महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा है। उन्होंने कहा कि एक से अधिक विवाह करने वाला कोई भी पुरुष राज्य सरकार की अधिसूचित कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पाने का पात्र नहीं होगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि किसी भी आपराधिक कानून के तहत किसी अपराध में दोषी ठहराया गया व्यक्ति भी अधिसूचित सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए पात्र नहीं होगा।
असम माला 4.0 के लिए 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान
मुख्यमंत्री सरमा ने बताया कि सरकार ने असम माला 4.0 परियोजना के लिए 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। सिलचर-सिलीगुड़ी कॉरिडोर के विकास के साथ-साथ डोलू ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट और रूपसी एयरपोर्ट से जुड़ी परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंंने कहा कि डोलू ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के निर्माण पर लगभग 3,000 करोड़ रुपये का खर्च आएगा जिससे राज्य के परिवहन और हवाई संपर्क को नई मजबूती मिलेगी।