दिल्ली में 21 जुलाई को किसानों का बड़ा आंदोलन, 500 से ज्यादा संगठनों के जुटने का दावा, जानें क्या हैं इनकी मांगें

कृषि क्षेत्र में व्याप्त चुनौतियों और अमेरिका के साथ प्रस्तावित व्यापारिक डील के विरोध में देश भर के किसान एक बार फिर राजधानी दिल्ली की ओर कूच कर रहे हैं। इसी क्रम में 21 जुलाई को दिल्ली के किसान घाट पर एक विशाल किसान महापंचायत का आयोजन किया जाएगा। ‘देश बचाओ मोर्चा’ के आह्वान पर

Jul 20, 2026 - 22:30
दिल्ली में 21 जुलाई को किसानों का बड़ा आंदोलन, 500 से ज्यादा संगठनों के जुटने का दावा, जानें क्या हैं इनकी मांगें

कृषि क्षेत्र में व्याप्त चुनौतियों और अमेरिका के साथ प्रस्तावित व्यापारिक डील के विरोध में देश भर के किसान एक बार फिर राजधानी दिल्ली की ओर कूच कर रहे हैं। इसी क्रम में 21 जुलाई को दिल्ली के किसान घाट पर एक विशाल किसान महापंचायत का आयोजन किया जाएगा। ‘देश बचाओ मोर्चा’ के आह्वान पर बुलाई गई इस महापंचायत में देश भर के करीब 550 किसान संगठनों और सामाजिक मंचों के शामिल होने का दावा किया गया है। यह महापंचायत किसानों की एकजुटता और उनके मुद्दों को राष्ट्रीय पटल पर लाने का एक बड़ा प्रयास है।

किसानों का आरोप है कि अमेरिका के साथ होने वाली व्यापारिक डील से छोटे किसान, मजदूर और डेयरी उद्योग गंभीर रूप से प्रभावित होंगे। उनका मानना है कि यह समझौता घरेलू कृषि बाजार को नुकसान पहुंचाएगा और किसानों की आजीविका पर सीधा असर डालेगा। इसलिए वे इस डील को तत्काल रद्द करने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा, किसानों के मुख्य एजेंडे में स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार सभी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी और कृषि ऋण माफी भी शामिल हैं। ये प्रमुख मांगें किसान महापंचायत में जोरदार ढंग से उठाई जाएंगी, जहां किसान अपनी आवाज बुलंद करेंगे।

हरियाणा पुलिस ने किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी को लिया हिरासत में

किसानों के इस बड़े ऐलान के बाद हरियाणा में पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। रविवार को हरियाणा पुलिस ने कुरुक्षेत्र के पेहोवा से भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी और उनके कुछ साथियों को हिरासत में ले लिया। इस पुलिस कार्रवाई के विरोध में किसानों ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए यमुनानगर, अंबाला और सोनीपत में कई टोल प्लाजा और नेशनल हाईवे जाम कर दिए। इस दौरान कई घंटों तक यातायात बाधित रहा, जिससे आम जनता को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। किसानों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनके नेताओं को रिहा नहीं किया जाता, उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।

दिल्ली कूच के लिए कई राज्यों से रवाना हुए किसान

बताया जा रहा है कि पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों से किसान दिल्ली के लिए कूच कर चुके हैं। हरियाणा में किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी के साथ ही अन्य कई बड़े किसान नेताओं को उनके घरों पर ही नजरबंद कर दिया गया है ताकि वे दिल्ली में होने वाली महापंचायत में शामिल न हो सकें। हरियाणा के किसानों ने सुबह 5 बजे दिल्ली कूच का ऐलान किया था, लेकिन वहां की पुलिस इन किसानों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए पूरी तरह तैयार है। प्रमुख मार्गों और सीमाओं पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

अमृतसर से दिल्ली कूच पर निकले किसान

पंजाब से भी किसानों का एक बड़ा जत्था अमृतसर से रवाना होकर रात में फतेहगढ़ साहिब में रुका। इसके बाद, ये किसान सुबह करीब 6 बजे शंभू बॉर्डर से हरियाणा में दाखिल होने की कोशिश करेंगे और फिर आगे दिल्ली की ओर बढ़ेंगे। हालांकि, शंभू बॉर्डर पर हरियाणा पुलिस ने भारी बेरेकेडिंग की है और पंजाब से आने वाले किसानों को यहीं पर रोकने की तैयारी कर रखी है। बैरिकेड्स के साथ अतिरिक्त पुलिस बल और वाटर कैनन भी तैनात किए गए हैं। ऐसे में किसानों और पुलिस के बीच एक बार फिर टकराव होने की आशंका जताई जा रही है। किसान संगठनों ने स्पष्ट किया है कि वे हर हाल में दिल्ली पहुंचेंगे और अपनी मांगों को रखेंगे, जबकि पुलिस प्रशासन भी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए मुस्तैद है। दोनों पक्षों की ओर से कड़ा रुख अपनाया गया है।