धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर छात्रों का जश्न, इंदौर से रतलाम-कटनी तक मिठाई बांटी, बोले – ‘अभी संघर्ष खत्म नहीं हुआ’

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद मध्य प्रदेश के कई शहरों में छात्रों के बीच खुशी का माहौल बन गया। दरअसल इंदौर, रतलाम और कटनी में प्रदर्शन कर रहे छात्रों और समर्थकों ने इसे अपने लंबे आंदोलन की बड़ी उपलब्धि बताया। इंदौर के टंट्या भील चौराहे पर पिछले

Jul 25, 2026 - 20:30
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर छात्रों का जश्न, इंदौर से रतलाम-कटनी तक मिठाई बांटी, बोले – ‘अभी संघर्ष खत्म नहीं हुआ’

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद मध्य प्रदेश के कई शहरों में छात्रों के बीच खुशी का माहौल बन गया। दरअसल इंदौर, रतलाम और कटनी में प्रदर्शन कर रहे छात्रों और समर्थकों ने इसे अपने लंबे आंदोलन की बड़ी उपलब्धि बताया। इंदौर के टंट्या भील चौराहे पर पिछले 25 दिनों से चल रहा धरना भी इस घोषणा के साथ समाप्त कर दिया गया।

दरअसल इस्तीफे की खबर मिलते ही प्रदर्शन स्थल पर मौजूद छात्रों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जताई। हाथों में तिरंगा लेकर छात्रों ने नारे लगाए और कहा कि यह उनकी एकजुटता और लगातार किए गए शांतिपूर्ण आंदोलन का परिणाम है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी सभी मांगें अभी पूरी नहीं हुई हैं और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।

इंदौर छात्र आंदोलन का पहला चरण खत्म

वहीं इंदौर के टंट्या भील चौराहे पर पिछले कई दिनों से छात्र परीक्षा व्यवस्था में सुधार, पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को लेकर धरने पर बैठे थे। केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की खबर आने के बाद छात्रों ने अपने आंदोलन के पहले चरण की समाप्ति की घोषणा की। प्रदर्शन स्थल पर मौजूद युवाओं ने इसे छात्र एकता की जीत बताया और कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का असर दिखाई दिया है।

वहीं धरना खत्म होने के दौरान पूरे इलाके में देशभक्ति के गीत और छात्र एकता के नारे सुनाई दिए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल किसी एक व्यक्ति का इस्तीफा नहीं था, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में ऐसे बदलाव लाना है जिससे भविष्य में परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं की पुनरावृत्ति न हो। छात्रों ने दोहराया कि परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, भरोसेमंद और निष्पक्ष बनाने के लिए वे आगे भी अपनी आवाज उठाते रहेंगे। उनका कहना है कि जब तक शिक्षा व्यवस्था में जरूरी सुधार लागू नहीं होते, तब तक आंदोलन की भावना बनी रहेगी।

रतलाम और कटनी में भी खुशी का माहौल

दरअसल इंदौर के अलावा रतलाम और कटनी में भी छात्रों और समर्थकों ने इस्तीफे की खबर पर खुशी जताई। रतलाम में कई स्थानों पर समर्थकों ने पटाखे फोड़े और मिठाई बांटी, जबकि कटनी में भी छात्रों ने एक-दूसरे का मुंह मीठा कराकर इस मौके को यादगार बनाया। इन शहरों में भी छात्रों ने कहा कि यह आंदोलन केवल एक फैसले तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में लंबी प्रक्रिया का हिस्सा है।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आने वाले समय में उनकी प्राथमिकता परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और निष्पक्ष व्यवस्था सुनिश्चित कराना होगी। छात्रों ने कहा कि वे चाहते हैं कि प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े सभी स्तरों पर ऐसी व्यवस्था बने, जिससे मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों का विश्वास बना रहे। उनका मानना है कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार से लाखों छात्रों को लाभ मिलेगा और भविष्य में इस तरह के विवादों की संभावना कम होगी।