फर्जी IAS मामले में तृप्ति सिंह और भाई को बागमुगालिया स्थित घर लाई पुलिस, फर्जी CBI कार्ड, लेटरहेड और अहम दस्तावेज बरामद
चंदेरी में खुद को मध्यप्रदेश टूरिज्म विभाग की एडिशनल डायरेक्टर बताकर नौकरी दिलाने के नाम पर 9.80 लाख रुपये की ठगी के मामले में गिरफ्तार तृप्ति सिंह राजपूत और उसके भाई सुधांशु सिंह को चंदेरी पुलिस मंगलवार को भोपाल लेकर पहुंची। पुलिस ने दोनों आरोपियों की मौजूदगी में उनके घर और ससुराल में तलाशी ली।
चंदेरी में खुद को मध्यप्रदेश टूरिज्म विभाग की एडिशनल डायरेक्टर बताकर नौकरी दिलाने के नाम पर 9.80 लाख रुपये की ठगी के मामले में गिरफ्तार तृप्ति सिंह राजपूत और उसके भाई सुधांशु सिंह को चंदेरी पुलिस मंगलवार को भोपाल लेकर पहुंची। पुलिस ने दोनों आरोपियों की मौजूदगी में उनके घर और ससुराल में तलाशी ली।
दरअसल भोपाल के बागमुगालिया स्थित घर और अल्कापुरी स्थित ससुराल में हुई कार्रवाई के दौरान पुलिस को कई अहम दस्तावेज और सामान मिले। जांच में फर्जी CBI कार्ड, लेटरहेड और अन्य दस्तावेज मिलने की पुष्टि हुई है। पुलिस इन दस्तावेजों की जांच कर रही है कि उनका इस्तेमाल किन लोगों के सामने सरकारी अधिकारी होने का दावा करने और ठगी के लिए किया गया। जब्त सामान में महंगे आईफोन भी शामिल हैं, जिन्हें भी जांच के दायरे में रखा गया है।
किराए की इनोवा की जांच
वहीं चंदेरी पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी फर्जी अधिकारी का रुतबा दिखाने के लिए किराए की इनोवा कार का इस्तेमाल करते थे। कार पर ‘भारत सरकार’ लिखा हुआ था। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि यह इनोवा किस व्यक्ति या एजेंसी से किराए पर ली गई थी और इसका इस्तेमाल किन मौकों पर किया गया। वहीं तलाशी के दौरान बरामद फर्जी CBI कार्ड और लेटरहेड की भी अलग-अलग स्तर पर जांच की जा रही है। पुलिस यह जानकारी जुटा रही है कि इन दस्तावेजों का इस्तेमाल केवल पहचान दिखाने के लिए किया गया या किसी अन्य मामले में भी इनका उपयोग हुआ। इसके साथ ही आरोपियों के मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान की भी जांच की जा रही है।
महंगे मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते थे
चंदेरी पुलिस के मुताबिक आरोपी महंगे होटलों में ठहरते थे और महंगे मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते थे। जांच में सामने आया है कि इसी तरीके से वे खुद को प्रभावशाली सरकारी अधिकारी बताकर लोगों के सामने पेश होते थे। पुलिस के अनुसार तृप्ति सिंह खुद को मध्यप्रदेश टूरिज्म विभाग की एडिशनल डायरेक्टर बताती थी, जबकि उसका भाई मानव संसाधन विकास मंत्रालय से जुड़ा अधिकारी होने का दावा करता था।
9.80 लाख की ठगी मामले में पूछताछ जारी
पुलिस के अनुसार यह पूरा मामला चंदेरी में नौकरी दिलाने के नाम पर 9.80 लाख रुपये की ठगी से जुड़ा है। इसी मामले में तृप्ति सिंह राजपूत को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। पूछताछ के दौरान पुलिस उसके संपर्कों और इस्तेमाल किए गए दस्तावेजों की भी जांच कर रही है। जांच के दौरान तृप्ति की निजी जिंदगी और उसके संपर्कों से जुड़ी जानकारी भी जुटाई जा रही है। पुलिस यह पता कर रही है कि फर्जी अधिकारी की पहचान का इस्तेमाल किन-किन जगहों पर किया गया। इसके अलावा किराए की इनोवा, फर्जी सरकारी दस्तावेज और मोबाइल फोन से जुड़े रिकॉर्ड भी जांच का हिस्सा हैं।