FIFA World Cup 2026: VAR के फैसले पर मचा बवाल, जर्मनी का गोल रद्द होने के बाद पराग्वे ने पेनल्टी शूटआउट में जीता मुकाबला

फीफा विश्व कप 2026 के राउंड ऑफ 32 में पराग्वे ने पेनल्टी शूटआउट में जर्मनी को हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। हालांकि मैच के बाद सबसे ज्यादा चर्चा उस VAR फैसले की रही, जिसमें एक्स्ट्रा टाइम में जर्मनी का विजयी गोल रद्द कर दिया गया। इस फैसले पर कई दिग्गज खिलाड़ियों और विशेषज्ञों ने सवाल उठाए हैं।

Jun 30, 2026 - 15:30
FIFA World Cup 2026: VAR के फैसले पर मचा बवाल, जर्मनी का गोल रद्द होने के बाद पराग्वे ने पेनल्टी शूटआउट में जीता मुकाबला

New Delhi: फीफा विश्व कप 2026 के राउंड ऑफ 32 मुकाबले में पराग्वे ने पेनल्टी शूटआउट में जर्मनी को 4-3 से हराकर अगले दौर में जगह बना ली। लेकिन मैच खत्म होने के बाद जीत से ज्यादा चर्चा वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) के उस फैसले की रही, जिसमें अतिरिक्त समय में जर्मनी का संभावित विजयी गोल रद्द कर दिया गया। इस फैसले को लेकर फुटबॉल जगत में अलग-अलग राय सामने आई है।

रोमांचक रहा मुकाबला

मैच की शुरुआत में पराग्वे ने शानदार खेल दिखाया। 42वें मिनट में जूलियो एनसिसो ने गोल कर अपनी टीम को बढ़त दिलाई। इसके बाद दूसरे हाफ में जर्मनी ने वापसी की और काई हैवर्ट्ज ने बेहतरीन हेडर लगाकर स्कोर 1-1 कर दिया। निर्धारित 90 मिनट तक कोई टीम बढ़त हासिल नहीं कर सकी और मुकाबला अतिरिक्त समय में पहुंच गया।

फीफा वर्ल्ड कप: पराग्वे का चमत्कार, पेनल्टी शूटआउट में चार बार की विश्व चैंपियन जर्मनी को हराकर रचा इतिहास

एक गोल और फिर बदल गया फैसला

एक्स्ट्रा टाइम में जर्मनी को कॉर्नर मिला। कॉर्नर पर आई गेंद को डिफेंडर जोनाथन ताह ने हेडर के जरिए गोल में बदल दिया। जर्मन खिलाड़ी जीत का जश्न मनाने लगे, लेकिन तभी VAR ने रेफरी को घटना की समीक्षा करने के लिए बुलाया। वीडियो देखने के बाद रेफरी ने गोल रद्द कर दिया। इसके बाद मैच फिर 1-1 की बराबरी पर जारी रहा।

क्यों रद्द हुआ गोल?

VAR की समीक्षा में यह माना गया कि कॉर्नर के दौरान जर्मनी के खिलाड़ी वाल्डेमार एंटोन ने पराग्वे के गोलकीपर ऑरलैंडो गिल की मूवमेंट में अवैध बाधा डाली थी। रेफरी का मानना था कि इस वजह से गोलकीपर गेंद तक नहीं पहुंच सके। फुटबॉल के नियमों के अनुसार यदि आक्रमण करने वाली टीम का खिलाड़ी गोलकीपर को गलत तरीके से रोकता है और उसका सीधा असर खेल पर पड़ता है, तो गोल को अमान्य घोषित किया जा सकता है।

फैसले पर उठे सवाल

गोल रद्द होने के बाद कई पूर्व खिलाड़ियों और विशेषज्ञों ने इस फैसले की आलोचना की। उनका कहना था कि खिलाड़ियों के बीच हल्का संपर्क कॉर्नर के दौरान सामान्य बात होती है और इसे फाउल नहीं माना जाना चाहिए। उनका तर्क था कि इतने अहम मुकाबले में ऐसे मामूली संपर्क के आधार पर गोल रद्द करना सही नहीं था।

क्लॉप, मुलर और शियरर ने जताई नाराजगी

पूर्व लिवरपूल मैनेजर युर्गेन क्लॉप ने कहा कि यदि ऐसे फैसले हर मैच में दिए जाएं तो सेट-पीस से होने वाले कई गोल रद्द हो जाएंगे। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि ऐसी स्थिति में कई बड़ी टीमें अपने महत्वपूर्ण गोल खो सकती थीं। जर्मनी के अनुभवी खिलाड़ी थॉमस मुलर ने भी फैसले पर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि जोनाथन ताह ने पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से गोल किया था और VAR ने टीम से जीत का मौका छीन लिया। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान एलन शियरर ने भी कमेंट्री के दौरान कहा कि उन्हें यह फाउल नहीं लगा। उनके अनुसार गोलकीपर और खिलाड़ियों के बीच हुआ संपर्क बहुत मामूली था। वहीं, पूर्व रेफरी डैरेन कैन ने माना कि संपर्क हल्का जरूर था, लेकिन मौजूदा नियमों में गोलकीपर की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाती है। इसलिए तकनीकी रूप से रेफरी का फैसला नियमों के दायरे में माना जा सकता है।

पेनल्टी शूटआउट में पराग्वे ने मारी बाजी

गोल रद्द होने के बाद मैच का फैसला पेनल्टी शूटआउट से हुआ। जर्मनी के काई हैवर्ट्ज, निक वोल्टेमाडे और जोनाथन ताह अपनी पेनल्टी को गोल में नहीं बदल सके। दूसरी ओर पराग्वे ने भी दो मौके गंवाए, लेकिन जोसे कनाले ने निर्णायक पेनल्टी पर गोल कर अपनी टीम को 4-3 से जीत दिला दी।

फैसले पर जारी है बहस

नियमों के अनुसार यदि गोलकीपर पर फाउल साबित होता है तो VAR गोल रद्द कर सकता है। इसलिए तकनीकी दृष्टि से रेफरी का फैसला सही माना जा रहा है। हालांकि फुटबॉल जगत में बहस इस बात पर है कि क्या इस मामले में हुआ संपर्क वास्तव में फाउल की श्रेणी में आता था। यही वजह है कि यह फैसला विश्व कप 2026 के सबसे चर्चित विवादों में शामिल हो गया है।

MpToday Editor MP Today के पास 27 years का journalism experience है। इस दौरान MP Today ने Madhya Pradesh की कई बड़ी media agencies और news organizations के साथ काम किया है और ground reporting से लेकर editorial analysis तक मजबूत पहचान बनाई है। MP Today की टीम ने राजनीति, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, विकास, crime और public interest news पर लगातार काम किया है। लंबे अनुभव और reliable sources की वजह से MP Today हमेशा accurate, fast और trustworthy news देने के लिए जाना जाता है।