अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026: CM मोहन यादव बोले- योग है स्वस्थ और विकसित भारत की मजबूत नींव

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए योग को जीवन का जरूरी हिस्सा बनाने की अपील की है। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में योग शरीर और मन दोनों को संतुलित रखने का सबसे आसान और

Jun 21, 2026 - 08:30
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026: CM मोहन यादव बोले- योग है स्वस्थ और विकसित भारत की मजबूत नींव

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए योग को जीवन का जरूरी हिस्सा बनाने की अपील की है। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में योग शरीर और मन दोनों को संतुलित रखने का सबसे आसान और असरदार माध्यम बनकर सामने आया है। उन्होंने इस बात पर भी खुशी जताई कि भारत की हजारों साल पुरानी योग परंपरा अब पूरी दुनिया में सम्मान और स्वीकार्यता हासिल कर चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों के बाद संयुक्त राष्ट्र द्वारा 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता मिलना भारत के लिए गर्व का विषय है। आज 190 से अधिक देशों में योग का अभ्यास किया जा रहा है। यह भारत की सांस्कृतिक पहचान और वैश्विक प्रभाव को भी दर्शाता है। उन्होंने लोगों से योग को सिर्फ एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि रोजमर्रा की आदत बनाने का आग्रह किया।

मध्य प्रदेश में योग को जन-जन तक पहुंचाने की कोशिश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि राज्य सरकार योग को गांव-गांव और शहरों तक पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है। इसी उद्देश्य से “हर घर योग अभियान” चलाया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हो रहे हैं। प्रदेश के आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों और विभिन्न सरकारी संस्थानों में नियमित योग सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि प्रशिक्षित योग शिक्षक और योग-दूत लोगों को योग के फायदे समझाने के साथ-साथ नियमित अभ्यास भी करवा रहे हैं। खास बात यह है कि योग को केवल स्वास्थ्य कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसे सामाजिक जागरूकता और बेहतर जीवनशैली से भी जोड़ा जा रहा है। हाल ही में इंदौर स्थित मालवांचल यूनिवर्सिटी में हजारों विद्यार्थियों ने सामूहिक योग कर रिकॉर्ड बनाया, जो युवाओं के बीच योग की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित योग तनाव, मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर और जीवनशैली से जुड़ी कई समस्याओं को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है।

स्वास्थ्य के साथ प्रकृति को बचाने की पहल

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में योग और पर्यावरण के बीच गहरे संबंध का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ जीवन के लिए साफ हवा, स्वच्छ वातावरण और प्रकृति का संरक्षण उतना ही जरूरी है जितना नियमित योग अभ्यास। इसी सोच के साथ राज्य सरकार ने “एक पेड़ मां के नाम” जैसे अभियान को योग दिवस कार्यक्रमों से जोड़ा है।

उन्होंने बताया कि विश्व पर्यावरण दिवस से लेकर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस तक विशेष जन-जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। इसका मकसद लोगों को यह समझाना है कि मानव स्वास्थ्य और प्रकृति एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। जब पर्यावरण सुरक्षित रहेगा, तभी स्वस्थ समाज का निर्माण संभव होगा। मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि जनवरी 2027 में मध्य प्रदेश में “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य और एक चेतना” विषय पर वैश्विक सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें दुनिया भर के विशेषज्ञ शामिल हो सकते हैं।

उन्होंने प्रदेश के युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, विद्यार्थियों और सामाजिक संगठनों से अपील की कि वे योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। मुख्यमंत्री के अनुसार, योग केवल शारीरिक फिटनेस का माध्यम नहीं, बल्कि मानसिक शांति, सकारात्मक सोच और बेहतर जीवन का रास्ता भी है। यही कारण है कि आज योग को स्वस्थ, जागरूक और आत्मनिर्भर समाज की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Anand Sahay पत्रकारिता के क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है और ब्रेकिंग न्यूज़ तथा राष्ट्रीय खबरों को कवर करने में विशेष रुचि रखते हैं। महत्वपूर्ण घटनाओं का विश्लेषण कर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।