जीतू पटवारी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को लिखा पत्र, विजय शाह प्रकरण में मध्यप्रदेश सरकार को बर्खास्त करने की मांग

मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर विजय शाह प्रकरण में प्रदेश सरकार को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री विजय शाह द्वारा भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद अब राज्य सरकार द्वारा उनके खिलाफ

Aug 26, 2026 - 13:30
जीतू पटवारी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को लिखा पत्र, विजय शाह प्रकरण में मध्यप्रदेश सरकार को बर्खास्त करने की मांग

मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर विजय शाह प्रकरण में प्रदेश सरकार को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री विजय शाह द्वारा भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद अब राज्य सरकार द्वारा उनके खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति नहीं देना मामले को और गंभीर बनाता है। उन्होंने इसे न्यायिक प्रक्रिया, संवैधानिक व्यवस्था और भारतीय सेना के सम्मान से जुड़ा गंभीर प्रश्न बताया है।

कांग्रेस नेता ने राष्ट्रपति को लिखे पत्र में कहा है कि वह यह पत्र कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर नहीं, बल्कि भारतीय सेना, संविधान और न्याय की गरिमा में विश्वास रखने वाले एक नागरिक के रूप में लिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि विजय शाह की टिप्पणी ने देश की जांबाज बेटी और भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी की गरिमा को ठेस पहुंचाई और यह केवल किसी व्यक्ति का नहीं, बल्कि देश की सेना का भी अपमान था।

अभियोजन स्वीकृति को लेकर सरकार पर निशाना

जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि अब मध्यप्रदेश सरकार द्वारा विजय शाह के खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति नहीं देने का निर्णय एक मंत्री को राजनीतिक संरक्षण देने जैसा है। उन्होंने कहा कि इससे ऐसी व्यवस्था पर सवाल खड़ा होता है जिसमें सत्ता अपने राजनीतिक व्यक्ति को जवाबदेही से बचाने के लिए न्यायिक प्रक्रिया के सामने खड़ी दिखाई दे रही है।

उन्होंने पत्र में उल्लेख किया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित विशेष जांच दल ने अभियोजन की स्वीकृति की मांग की है। ऐसे में सरकार के रुख को लेकर पटवारी ने सवाल उठाया कि क्या सत्ता में बैठे व्यक्ति कानून से ऊपर हैं। उन्होंने इसे गंभीर संवैधानिक प्रश्न बताते हुए राष्ट्रपति से मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।

प्रधानमंत्री से भी स्थिति स्पष्ट करने की मांग

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री कई अवसरों पर भारतीय सेना, सैनिकों और उनकी शहादत के सम्मान को देश के सर्वोच्च गौरव से जोड़ चुके हैं। ऐसे में उन्हें इस मामले में तत्काल और स्पष्ट हस्तक्षेप करना चाहिए। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि मध्यप्रदेश मंत्रिमंडल का ऐसा निर्णय प्रधानमंत्री की राजनीतिक सहमति के बिना संभव नहीं था। हालांकि, उन्होंने कहा कि यदि प्रधानमंत्री इस निर्णय से सहमत नहीं हैं तो उन्हें स्वयं सामने आकर देश को बताना चाहिए कि वह विजय शाह को संरक्षण देने वाले इस रुख से असहमत हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि इस मामले में देश प्रधानमंत्री से भी जवाब चाहता है।

‘राजनीतिक संरक्षण से अपराध को संस्थागत समर्थन’

जीतू पटवारी ने अपने पत्र में आरोप लगाया कि कथित ‘डबल इंजन सरकार’ का अहंकार इस प्रकरण में सामने आया है। उन्होंने कहा कि एक मंत्री के बयान से सेना का अपमान होने के बाद उन्हें बचाने की कोशिश उस अपमान और अपराध को संस्थागत संरक्षण देने जैसी है। उन्होंने कहा कि मामला अब सिर्फ विजय शाह के व्यक्तिगत आचरण तक सीमित नहीं है बल्कि सरकार के रुख के बाद मुख्यमंत्री और पूरे मंत्रिमंडल की संवैधानिक एवं नैतिक जवाबदेही का प्रश्न खड़ा हो गया है।

मुख्यमंत्री समेत पूरे मंत्रिमंडल को बर्खास्त करने की मांग

जीतू पटवारी ने राष्ट्रपति से कहा है कि मध्यप्रदेश के राजनीतिक इतिहास में यह बेहद गंभीर और शर्मनाक स्थिति है। उन्होंने मांग की है कि मुख्यमंत्री सहित पूरे मध्यप्रदेश मंत्रिमंडल को तत्काल बर्खास्त किया जाए। उन्होंने राष्ट्रपति को संविधान और भारतीय सेना के सर्वोच्च संरक्षक के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि देश की जनता उनसे संविधान की मर्यादा, न्यायिक प्रक्रिया की स्वतंत्रता और भारतीय सेना के सम्मान की रक्षा के लिए अपने संवैधानिक दायित्व का निर्वहन करने की अपेक्षा करती है।

न्यायिक प्रक्रिया में राजनीतिक प्रभाव न पड़ने देने की अपील

कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री से भी पूरे मामले पर देश के सामने अपनी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि किसी भी राजनीतिक प्रभाव को न्यायिक प्रक्रिया में बाधा नहीं बनने दिया जाना चाहिए। जीतू पटवारी ने पत्र ने कहा कि सेना का सम्मान किसी राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का राष्ट्रीय स्वाभिमान है। उन्होंने राष्ट्रपति से इस पूरे प्रकरण में तत्काल दखल देने की अपील की है।

Anand Sahay पत्रकारिता के क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है और ब्रेकिंग न्यूज़ तथा राष्ट्रीय खबरों को कवर करने में विशेष रुचि रखते हैं। महत्वपूर्ण घटनाओं का विश्लेषण कर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।