Nepal Flood: ‘न बारिश, न फटा बादल… फिर कैसे मची नेपाल में तबाही?’ वैज्ञानिकों ने किया चौंका देने वाला खुलासा
नेपाल के रसुवा में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ की वजह बारिश नहीं, बल्कि हिमस्खलन से बना प्राकृतिक बांध टूटना माना जा रहा है।
New Delhi: नेपाल के रसुवा जिले में भोटे कोशी नदी में अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। शुरुआती वैज्ञानिक आकलन बताते हैं कि सामान्य बारिश इस आपदा का मुख्य कारण नहीं थी। विशेषज्ञों को शक है कि पहाड़ों से आए एक बड़े हिमस्खलन (avalanche) ने नदी का रास्ता रोक दिया था; इसके बाद जमा हुए पानी के कारण अचानक और जबरदस्त बहाव पैदा हुआ।
हिमस्खलन से बना प्राकृतिक बांध
काठमांडू यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर और जलवायु शोधकर्ता रिजन भक्त कायस्थ के शुरुआती आकलन के अनुसार, नेपाल की तरफ से आए एक बड़े हिमस्खलन ने ल्हेंडे नदी के बहाव को रोक दिया था। इससे नदी के ऊपरी हिस्सों में पानी जमा हो गया। जब यह प्राकृतिक रुकावट आखिरकार टूटी, तो जमा हुआ पानी तेजी से नीचे की ओर बह निकला, जिससे संभवतः भोटे कोशी नदी में अचानक और भीषण बाढ़ आ गई।
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भूकंप से चिंताएं बढ़ीं
घटना के समय तिब्बत सीमा के पास भूकंप भी दर्ज किया गया था। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के अनुसार, सुबह 8:37 बजे 4.4 तीव्रता का भूकंप आया, जिसका केंद्र गोसाईकुंडा से लगभग 47 किलोमीटर उत्तर में था। विशेषज्ञ अब इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या भूकंप ने पहाड़ी इलाकों में बर्फ या चट्टानों की हलचल को प्रेरित किया।
ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) की जांच
वैज्ञानिक ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) की संभावना से भी इनकार नहीं कर रहे हैं। कायस्थ बताते हैं कि इस इलाके में कई बड़ी ग्लेशियल झीलें हैं। जुलाई 2025 में भी ल्हेंडे नदी में अचानक बाढ़ आई थी; उस समय सैटेलाइट तस्वीरों से ग्लेशियल झील के फटने (outburst) की पुष्टि हुई थी।
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जांच के बाद ही कारण स्पष्ट होगा
नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण की प्रवक्ता शांति महत ने हिमस्खलन के कारण नदी के अवरुद्ध होने की शुरुआती रिपोर्ट मिलने की पुष्टि की। उनके अनुसार, ICIMOD को यह शुरुआती जानकारी चीनी स्रोतों से मिली थी। फिलहाल सरकार का ध्यान राहत और बचाव कार्यों पर है। बाढ़ का असली कारण विस्तृत तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही पता चलेगा।