रसोई गैस किल्लत और पेट्रोल को लेकर अफरा-तफरी पर कमलनाथ ने सरकार को घेरा, पूछा “कब तक रहेंगे ऐसे हालात”

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में रसोई गैस सिलेंडर की किल्लत और पेट्रोल पंपों पर अफरा-तफरी के बीच पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने केंद्र व राज्य सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह समस्या सिर्फ एक शहर की नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की लापरवाही और गलत नीतियों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि “सरकार हर

Mar 26, 2026 - 11:30
रसोई गैस किल्लत और पेट्रोल को लेकर अफरा-तफरी पर कमलनाथ ने सरकार को घेरा, पूछा “कब तक रहेंगे ऐसे हालात”

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में रसोई गैस सिलेंडर की किल्लत और पेट्रोल पंपों पर अफरा-तफरी के बीच पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने केंद्र व राज्य सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह समस्या सिर्फ एक शहर की नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की लापरवाही और गलत नीतियों का परिणाम है।

उन्होंने कहा कि “सरकार हर मंच से “व्यवस्था मजबूत है” का दावा करती है, लेकिन जमीन पर सच्चाई बिल्कुल उलट है। आम आदमी अपनी रसोई चलाने के लिए लाइन में खड़ा है, अपनी गाड़ी चलाने के लिए घंटों भटक रहा है। सवाल ये है कि आखिर ऐसी स्थिति आई क्यों।”

एलपीजी की किल्लत पर सरकार को घेरा 

कमलनाथ ने एलपीजी संकट पर सरकार को घेरते हुए कहा है कि अब रसोई गैस के लिए 11 दिन का इंतज़ार करना होगा। पेट्रोल पंपों पर अफरा-तफरी की स्थिति है। कहीं पेट्रोल खत्म तो कहीं प्रीमियम ही भरवाने की मजबूरी बन रही है। उन्होंने कहा कि यह हालात अचानक नहीं बने हैं बल्कि लगातार लापरवाही और गलत नीतियों का परिणाम हैं। कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि क्या सरकार को पहले से अंदाज़ा नहीं था कि सप्लाई प्रभावित हो सकती है? अगर था तो पहले से तैयारी क्यों नहीं की गईं।

उज्ज्वला योजना पर उठाए सवाल

पूर्व सीएम ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना पर भी निशाना साधा। उन्होंने पूछा कि “उज्ज्वला योजना के नाम पर लाखों कनेक्शन दिए गए, लेकिन जब जरूरत पड़ी तो गैस ही उपलब्ध नहीं। क्या सिर्फ कनेक्शन देना ही सरकार का काम था, या उसकी निरंतर सप्लाई सुनिश्चित करना भी जिम्मेदारी थी?” उन्होंने कहा कि अब गैस सिलेंडर बुकिंग के लिए 35 से 45 दिन का इंतजार हो रहा है। क्या यह 21वीं सदी का भारत है या फिर किसी संकटग्रस्त देश की तस्वीर है।

पेट्रोल-डीजल को लेकर मची अफरा-तफरी पर चिंता जताई

पेट्रोल और डीजल की स्थिति को और भी चिंताजनक बताते हुए कमलनाथ ने कहा कि कहीं पेट्रोल खत्म हो रहा है, कहीं लिमिट लगाई जा रही है और कहीं प्रीमियम पेट्रोल थमाया जा रहा है। कमलनाथ ने कहा कि सिस्टम पूरी तरह चरमरा चुका है, लेकिन सरकार इस पर जवाब देने के बजाय चुप्पी साधे बैठी है।

सरकार से किए सवाल

उन्होंने यह सवाल भी किया कि जब आम जनता परेशान है तो जिम्मेदार लोग कहां हैं? क्या उन्हें सिर्फ चुनाव के समय ही जनता याद आती है? पूर्व सीएम ने कहा है कि यह सिर्फ प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है। सरकार का काम संकट को टालना नहीं, बल्कि उससे पहले तैयारी करना होता है। उन्होंने कहा है कि समय आ गया है कि जनता सवाल पूछे कि क्यों बार-बार ऐसी स्थिति बनती है, क्यों हर बार आम आदमी ही इसकी कीमत चुकाता है और आखिर कब तक यह हालात रहेंगे।

Anand Sahay पत्रकारिता के क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है और ब्रेकिंग न्यूज़ तथा राष्ट्रीय खबरों को कवर करने में विशेष रुचि रखते हैं। महत्वपूर्ण घटनाओं का विश्लेषण कर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।