मध्यप्रदेश: UCC को लेकर विधानसभा में कांग्रेस का हंगामा, भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा बोले- बंद होगा हलाला जैसा महापाप
मध्य प्रदेश विधानसभा में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) विधेयक पेश होते ही सदन में सियासी पारा चढ़ गया। मानसून सत्र के दूसरे दिन इस विधेयक को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली, जिसके चलते सदन की कार्यवाही को दो बार स्थगित करना पड़ा। सरकार द्वारा यूसीसी विधेयक सदन में
मध्य प्रदेश विधानसभा में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) विधेयक पेश होते ही सदन में सियासी पारा चढ़ गया। मानसून सत्र के दूसरे दिन इस विधेयक को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली, जिसके चलते सदन की कार्यवाही को दो बार स्थगित करना पड़ा। सरकार द्वारा यूसीसी विधेयक सदन में प्रस्तुत किए जाने के साथ ही विपक्ष ने इसे प्रवर समिति के पास भेजने की जोरदार मांग उठाई। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार इस मांग पर लगातार अड़े रहे और सरकार से इसे स्वीकार करने का आग्रह करते रहे। हालांकि, उनकी मांग को स्वीकार नहीं किया गया, जिसके बाद सदन में माहौल गरमा गया।
विपक्ष की मांग पर सहमति न बनने के कारण कांग्रेस विधायक तत्काल वेल में पहुंच गए। उन्होंने यूसीसी के विरोध में जमकर नारेबाजी की और सरकार के कदम पर सवाल उठाए। इस दौरान भाजपा विधायक और मंत्री अपनी सीटों पर शांतिपूर्वक बैठे रहे और विधेयक पर विस्तृत चर्चा कराने की मांग करते रहे। सदन में बढ़ते हंगामे और गतिरोध को देखते हुए पीठासीन अधिकारी को पहले 10 मिनट और फिर 15 मिनट के लिए कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। यह घटनाक्रम दर्शाता है कि मध्य प्रदेश में यूसीसी को लेकर राजनीतिक खींचतान अपने चरम पर है।
कांग्रेस ने सरकार की मंशा पर उठाए सवाल
यूसीसी पर चल रही इस गरमागरम बहस के दौरान कांग्रेस विधायक बाला बच्चन ने सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने तर्क दिया कि सरकार जल्दबाजी में यह विधेयक लाकर कुछ खास उद्देश्यों को साधना चाहती है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के साथ-साथ कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ विधायकों जैसे आरिफ फकीर और आरिफ मसूद ने भी विधेयक का पुरजोर विरोध किया। उन्होंने विधेयक को प्रवर समिति के पास भेजने की अपनी मांग दोहराई और जोर देकर कहा कि अनुच्छेद 29 के तहत अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा की जानी चाहिए। इन विधायकों ने इस विधेयक को महज एक राजनीतिक एजेंडा करार देते हुए आरोप लगाया कि सरकार इसका इस्तेमाल वोटों के ध्रुवीकरण के लिए कर रही है।
कांग्रेस के विरोध पर रामेश्वर शर्मा की प्रतिक्रिया
मानसून सत्र की कार्यवाही के बीच यूसीसी पर जमकर बयानबाजी भी हो रही है। इस बीच, भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने विधानसभा के अंदर कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन और यूसीसी पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कांग्रेस को विरोध प्रदर्शन करने का उनका अधिकार बताते हुए कहा कि यह उनका लोकतांत्रिक हक है। शर्मा ने यूसीसी का समर्थन करते हुए कहा कि इस देश में एक से ज़्यादा शादी की प्रथा अब खत्म होगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि चाहे राम हों या रहीम, देश का कानून एक ही शादी को ज़रूरी बनाता है; और यह बाबासाहेब अंबेडकर का बिल्कुल यही विजन था। उन्होंने दावा किया कि आज मध्य प्रदेश में मोहन यादव सरकार उसी विजन पर काम कर रही है, जिसे बाबासाहेब ने देखा था।
रामेश्वर शर्मा ने हलाला जैसी प्रथाओं को बताया महापाप
भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने अपने बयान में आगे कहा कि यूसीसी लागू होने से “5 वीबी और 25 बच्चों की फैक्ट्री पर ताला लगेगा।” उन्होंने हलाला जैसी प्रथाओं को “महापाप” बताते हुए कहा कि यह भी बंद होगा। यूसीसी के समर्थन में उन्होंने यह भी कहा कि अगर रहमान तीन शादियां करेगा तो जेल जाएगा। शर्मा ने स्पष्ट किया कि सरकार लोगों को उलझाने की नहीं, बल्कि समाज में व्यवस्था और समानता लाने की कोशिश कर रही है। उनके इस बयान ने यूसीसी को लेकर चल रही बहस को और अधिक तीखा कर दिया है, क्योंकि इसमें सामाजिक और धार्मिक प्रथाओं पर सीधे टिप्पणी की गई है। सदन के बाहर और भीतर दोनों जगह इस विधेयक को लेकर गरमागरम माहौल बना हुआ है।