क्राइम ब्रांच में आई शिकायत पर कार्रवाई रोकने मांगी रिश्वत, पुलिस इंस्पेक्टर, दो आरक्षक और एक प्राइवेट व्यक्ति पर मामला दर्ज
लोकायुक्त पुलिस इंदौर ने रिश्वत से जुड़े एक मामले में क्राइम ब्रांच में पदस्थ रहे एक इंस्पेक्टर, दो आरक्षक और उनके एक प्राइवेट साथीके विरुद्ध मामला भ्रष्टाचार निवारण धिनियम की धाराओं में मामला दर्ज किया है। लोकायुक्त की टीम आरोपियों को नोटिस जारी कर उनसे पूछताछ करेगी । इंस्पेक्टर आशुतोष मिश्रा ने मीडिया को जानकारी
लोकायुक्त पुलिस इंदौर ने रिश्वत से जुड़े एक मामले में क्राइम ब्रांच में पदस्थ रहे एक इंस्पेक्टर, दो आरक्षक और उनके एक प्राइवेट साथीके विरुद्ध मामला भ्रष्टाचार निवारण धिनियम की धाराओं में मामला दर्ज किया है। लोकायुक्त की टीम आरोपियों को नोटिस जारी कर उनसे पूछताछ करेगी ।
इंस्पेक्टर आशुतोष मिश्रा ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि तुलसी नगर इंदौर में रहने वाली प्रीति हजारी ने 2 अप्रैल को एक शिकायती आवेदन एसपी राजेश सहाय को दिया था जिसमें उन्होंने क्राइम ब्रांच में पदस्थ पुलिस इंस्पेक्टर और दो आरक्षकों पर रिश्वत मांगने के आरोप लगाये थेl
पुलिस केस से बचाने जाँच टीम ने आरोपी से मांगी रिश्वत
प्रीति हजारी ने आवेदन में बताया कि उनके बेटे प्रांजल को क्राइम ब्रांच में बुलाया गया था और उस एकः कि तुम्हारे विरूद्ध जो शिकायत आई है उसपर कार्रवाई से तुम्हें बचा सकते हैं और छोड़ सकते हैं लेकिन तुम्हें 1 लाख 20 हजार रुपये की रिश्वत देनी होगी l
आरोपियों ने 50,800/- रुपये यूपीआई से लिए शेष 70,000/- कैश लिया
प्रीति ने रिश्वत मांगने के आरोप क्राइम ब्रांच में पदस्थ तत्कालीन इंस्पेक्टर सुजीत श्रीवास्तव, आरक्षक अभय सिंह, विकास सेंधव पर लगाये, उन्होंने बताया कि बात होब्ने के बाद 20 मार्च आरोपियों ने 50,800/- रुपये यूपीआई के माध्यम से प्राइवेट व्यक्ति दीपक पटेल के खाते में ट्रांसफर करा लिए औ रगेल दिन 70,000/- रुपये अगले दिन कैश ले लिए, प्रीति ने इसके तकनीकी साक्ष्य भी लोकायुक्त को दिए l
एक पुलिस इंस्पेक्टर, दो आरक्षक और प्राइवेट व्यक्ति पर मामला दर्ज
शिकायत मिलने के बाद एसपी ने सत्यापन कराया सत्यापन के दौरान तकनीकी साक्ष्यों की जाँच की गई जो सही पाए जाने के बाद आज 24 अगस्त को क्राइम ब्रांच इंदौर के तत्कालीन इंस्पेक्टर सुजीत श्रीवास्तव, तत्कालीन आरक्षक अभय सिंह और विकास सेंधव तथा इनके प्राइवेट साथी दीपक पटेल एक विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज किया कर विवेचना में लिया है l