इंदौर पुलिस होगी और हाईटेक, मिले फिंगरप्रिंट कंपरेटर समेत कई आधुनिक उपकरण, अब हर मोर्चे पर बढ़ेगी निगरानी
इंदौर: मध्यप्रदेश की इंदौर पुलिस अब कानून-व्यवस्था और अपराधों की जांच को और मजबूत बनाने के लिए तकनीक का दायरा बढ़ा रही है। सोमवार को पुलिस मुख्यालय से मिले आधुनिक उपकरणों का अलग-अलग पुलिस यूनिट्स में वितरण किया गया है। इन उपकरणों में फिंगरप्रिंट कंपरेटर, डेसिबल मीटर, बॉडी-वॉर्न कैमरा, वेबकैम और QR कोड जनरेटर समेत
इंदौर: मध्यप्रदेश की इंदौर पुलिस अब कानून-व्यवस्था और अपराधों की जांच को और मजबूत बनाने के लिए तकनीक का दायरा बढ़ा रही है। सोमवार को पुलिस मुख्यालय से मिले आधुनिक उपकरणों का अलग-अलग पुलिस यूनिट्स में वितरण किया गया है। इन उपकरणों में फिंगरप्रिंट कंपरेटर, डेसिबल मीटर, बॉडी-वॉर्न कैमरा, वेबकैम और QR कोड जनरेटर समेत कई तकनीकी संसाधन शामिल हैं।
पुलिस का दावा है कि इन तकनीकी उपकरणों ही सहायता से अपराधों की गुणवत्तापूर्ण जांच के साथ-साथ फील्ड पुलिसिंग भी बेहतर होगी। पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि इंदौर पुलिस की कार्यप्रणाली में अब तकनीक की भूमिका और बढ़ने जा रही है।
पुलिस को मिली फिंगरप्रिंट कंपरेटर
पुलिस को मिले आधुनिक उपकरणों में फिंगरप्रिंट कंपरेटर भी शामिल है। इसकी मदद से घटनास्थल से मिले फिंगरप्रिंट यानी क्वेश्चन प्रिंट की अन्य फिंगरप्रिंट से तुलना की जा सकेगी। उन्होंने बताया कि इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि घटनास्थल से मिले निशान किसी एक ही व्यक्ति के हैं या अलग-अलग लोगों के। इसके अलावा नॉन-पोरस सरफेस से फिंगरप्रिंट लेने के लिए भी पुलिस को आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं।
पुलिस को मिले डेसिबल मीटर, बॉडी-वॉर्न कैमरों की संख्या बढ़ी
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि शहर में ध्वनि प्रदूषण पर प्रभावी कार्रवाई के लिए पुलिस को डेसिबल मीटर भी उपलब्ध कराए गए हैं। इनकी मदद से मौके पर ध्वनि की तीव्रता को मापा जा सकेगा। निर्धारित सीमा से अधिक आवाज पाए जाने पर कोलाहल अधिनियम और अन्य वैधानिक प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पुलिसकर्मियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने और फील्ड में होने वाली कार्रवाई की रिकॉर्डिंग के लिए बॉडी-वॉर्न कैमरों की संख्या भी बढ़ाई गई है। ट्रैफिक सहित अन्य महत्वपूर्ण ड्यूटी में तैनात पुलिस अधिकारी इन कैमरों का इस्तेमाल करेंगे।
वहीं, वेबकैम की मदद से BNSS के प्रावधानों के तहत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़ी प्रक्रियाओं को भी आसान बनाया जा सकेगा। बता दें कि इन आधुनिक उपकरणों के जरिए अपराध की जांच, ध्वनि प्रदूषण पर कार्रवाई, पुलिस की फील्ड ड्यूटी से लेकर बड़े आयोजनों की निगरानी तक पुलिस की कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाने की कोशिश की जा रही है।