समृद्ध मध्यप्रदेश@2047: सीएम डॉ. मोहन यादव बोले ‘स्किल नई करेंसी, इनोवेशन नई इकोनॉमी’, वन इंस्टीट्यूट-वन प्रॉमिस’ का मंत्र दिया

मध्यप्रदेश को वर्ष 2047 तक विकसित और समृद्ध राज्य बनाने की दिशा में केंद्रीय शैक्षणिक एवं अनुसंधान संस्थानों की भूमिका तय करने के लिए भोपाल में एक दिवसीय राज्य स्तरीय कॉन्क्लेव आयोजित किया गया। कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में “कंट्रीब्यूशन ऑफ सेंट्रली फंडेड इंस्टीट्यूशंस फॉर समृद्ध मध्यप्रदेश@2047” विषय पर आयोजित इस कॉन्क्लेव का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ.

Aug 24, 2026 - 17:30
समृद्ध मध्यप्रदेश@2047: सीएम डॉ. मोहन यादव बोले ‘स्किल नई करेंसी, इनोवेशन नई इकोनॉमी’, वन इंस्टीट्यूट-वन प्रॉमिस’ का मंत्र दिया

मध्यप्रदेश को वर्ष 2047 तक विकसित और समृद्ध राज्य बनाने की दिशा में केंद्रीय शैक्षणिक एवं अनुसंधान संस्थानों की भूमिका तय करने के लिए भोपाल में एक दिवसीय राज्य स्तरीय कॉन्क्लेव आयोजित किया गया। कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में “कंट्रीब्यूशन ऑफ सेंट्रली फंडेड इंस्टीट्यूशंस फॉर समृद्ध मध्यप्रदेश@2047” विषय पर आयोजित इस कॉन्क्लेव का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम की थीम “वन इंस्टीट्यूट-वन प्रॉमिस” रखी गई।

कॉन्क्लेव का आयोजन अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान (AIGGPA) द्वारा किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश में संचालित केंद्रीय शैक्षणिक, अनुसंधान और अन्य संस्थानों के प्रतिनिधियों ने मध्यप्रदेश के विकास में अपनी विशेषज्ञता और भविष्य की कार्ययोजनाओं को साझा किया। इस दौरान शिक्षा, कौशल, अनुसंधान, तकनीक, कृषि, खेल, उद्योग और नवाचार समेत विभिन्न क्षेत्रों में संस्थागत सहयोग पर चर्चा हुई।

‘पीएम मोदी ने भारत को उसके सामर्थ्य से परिचित कराया’

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज सभी क्षेत्रों में तेजी से सशक्त हो रहा है। भारत के पास अपने सामर्थ्य के बल पर हर प्रकार की चुनौती से निपटने की क्षमता है। उन्होंने रामायण का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस प्रकार जामवंत ने समुद्र लांघने से पहले हनुमान जी को उनकी शक्ति का स्मरण कराया था, उसी प्रकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को उसकी क्षमता और सामर्थ्य से परिचित कराया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के दौर में “स्किल नई करेंसी है और इनोवेशन नई इकोनॉमी।” इसलिए संस्थानों को केवल पारंपरिक शिक्षा और शोध तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें कौशल, अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता के केंद्र के रूप में विकसित करना होगा। उन्होंने कहा कि पब्लिकेशन से पेटेंट, पेटेंट से प्रोटोटाइप और प्रोटोटाइप से एंटरप्राइज तक एक मजबूत इकोनॉमिक और नॉलेज वैल्यू चेन विकसित करने की जरूरत है। शोध का अंतिम उद्देश्य समाज और अर्थव्यवस्था में उसका वास्तविक उपयोग सुनिश्चित करना होना चाहिए।

‘वन इंस्टीट्यूट-वन प्रॉमिस’ का मंत्र दिया

कार्यक्रम में सीएम मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में मौजूद केंद्रीय संस्थानों के पास ज्ञान, तकनीक, विशेषज्ञता और मानव संसाधन की बड़ी क्षमता है। इन क्षमताओं को मध्यप्रदेश की विकास आवश्यकताओं से जोड़ना इस कॉन्क्लेव का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि “एक संस्थान-एक संकल्प” सिर्फ एक विचार नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश के भविष्य के निर्माण की कार्ययोजना है। प्रत्येक संस्थान को प्रदेश के विकास से जुड़ा ऐसा व्यावहारिक संकल्प लेना चाहिए, जिसे निश्चित समय सीमा में धरातल पर उतारा जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ऐसे संकल्पों और नवाचारों को लागू करने में संस्थानों को पूरा सहयोग देगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संस्थानों में तैयार होने वाला ज्ञान और तकनीक केवल प्रयोगशालाओं और परिसरों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए।

मध्यप्रदेश के पास प्रतिभा, संसाधन और औद्योगिक क्षमता

इस अवसर पर सीएम ने कहा कि मध्यप्रदेश अवसरों की धरती है। प्रदेश के पास प्रतिभाशाली युवा, प्राकृतिक संसाधन, कृषि शक्ति, उद्यमशीलता और औद्योगिक क्षमता जैसे महत्वपूर्ण संसाधन हैं। जरूरत इन संसाधनों को आधुनिक तकनीक, शोध और नवाचार से जोड़ने की है। उन्होंने केंद्रीय और राज्य स्तरीय संस्थानों से कौशल विकास, डिजिटल तकनीक, स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा, ऊर्जा, पर्यावरण, उद्योग और नवाचार जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम करने का आह्वान किया। इससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा और प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों का संतुलित विकास सुनिश्चित किया जा सकेगा।

राज्यों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के साथ सहयोग जरूरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया के कई देशों ने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद ज्ञान, अनुशासन और तकनीकी क्षमता के आधार पर उल्लेखनीय प्रगति की है। भारत भी रक्षा, अंतरिक्ष, विज्ञान, डिजिटल तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में तेजी से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक ने देश की सुरक्षा और विभिन्न चुनौतियों से निपटने की क्षमता को मजबूत किया है। विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए राज्यों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के साथ परस्पर सहयोग जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने राजस्थान के साथ वर्षों से लंबित जल संबंधी विषयों का उदाहरण देते हुए कहा कि संवाद और सहयोग के माध्यम से जटिल समस्याओं का समाधान किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि स्पष्ट दृष्टि और सामूहिक इच्छाशक्ति के साथ बड़े से बड़े लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

युवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप कौशल देना होगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में भूमि, प्राकृतिक संसाधन, युवा शक्ति और संस्थागत क्षमता पर्याप्त मात्रा में मौजूद है। अब आवश्यकता युवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने की है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल तकनीक और नई तकनीकों का प्रभाव तेजी से बढ़ेगा। ऐसे में शिक्षा और कौशल विकास की दिशा को भी बदलती तकनीकी जरूरतों के अनुरूप तैयार करना होगा। मुख्यमंत्री ने शासन, शैक्षणिक संस्थानों, अनुसंधान संगठनों और उद्योगों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर देते हुए कहा कि प्रदेश को ज्ञान और नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए सभी पक्षों की साझेदारी बहुत जरूरी है।

13 एमओयू साइन हुए, शिक्षा शोध और नवाचार को मिलेगा बढ़ावा

कॉन्क्लेव के दौरान शिक्षा, अनुसंधान, कौशल विकास और नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न प्रतिष्ठित शैक्षणिक और शोध संस्थानों के साथ 13 एमओयू किए गए। इनमें आईआईटी इंदौर, एलएनआईपीई ग्वालियर, आईआईएसईआर भोपाल, आईसीएआर-राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान इंदौर, एनआईटीटीटीआर भोपाल, राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान भोपाल, एबीवी-आईआईआईटीएम ग्वालियर, आईआईआईटी भोपाल, सीएसआईआर-एएमपीआरआई भोपाल, स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर भोपाल, राष्ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय भोपाल और प्रेस्टीज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च इंदौर सहित अन्य संस्थान शामिल रहे। इसके अलावा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय, भोपाल और डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर के बीच भी एमओयू का आदान-प्रदान हुआ।

Anand Sahay पत्रकारिता के क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है और ब्रेकिंग न्यूज़ तथा राष्ट्रीय खबरों को कवर करने में विशेष रुचि रखते हैं। महत्वपूर्ण घटनाओं का विश्लेषण कर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।