CM हेल्पलाइन में फर्जी शिकायतों का आरोप: मऊगंज में 21 मोबाइल नंबरों से 233 शिकायतें, उमंग सिंघार ने कहा “फर्जीवाड़े की फैक्ट्री”
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा सरकार पर CM हेल्पलाइन को फर्जी शिकायतों की फैक्ट्री बनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जनता की शिकायतों के समाधान के लिए बनाई गई व्यवस्था को फर्जी शिकायतों और कागजी निराकरण का माध्यम बना दिया गया है। कांग्रेस नेता ने कहा कि बीजेपी सरकार भ्रष्टाचार और आंकड़ों
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा सरकार पर CM हेल्पलाइन को फर्जी शिकायतों की फैक्ट्री बनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जनता की शिकायतों के समाधान के लिए बनाई गई व्यवस्था को फर्जी शिकायतों और कागजी निराकरण का माध्यम बना दिया गया है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि बीजेपी सरकार भ्रष्टाचार और आंकड़ों की बाजीगरी में हर सीमा पार कर चुकी है और इसका ताजा उदाहरण सीएम हेल्पलाइन से जुड़ा मामला है। उन्होंने कहा कि जिस प्लेटफॉर्म का उद्देश्य आम लोगों की समस्याएं सुनना और उनका समाधान करना था, वहीं अब कागजी खेल और फर्जीवाड़ा चल रहा है।
क्या है मामला
मऊगंज में सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों की जांच में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सिर्फ 21 मोबाइल नंबर्स से यहां 233 शिकायतें दर्ज कराई गई है और कई शिकायतें एक ही व्यक्ति के नाम पर दर्ज हैं। कुछ मामलों में शिकायत दर्ज होने और उसके समाधान के बीच मात्र कुछ मिनट का अंतर था। एक मामले में युवक अंकित चौरसिया के नाम पर दर्ज शिकायत में दावा किया गया कि उनकी बीस साल की बेटी घर से लापता हो गई। जब असली अंकित चौरसिया से संपर्क किया गया तो उन्होंने साफ कहा कि उनकी शादी ही नहीं हुई है, ऐसे में बेटी होने का सवाल ही नहीं उठता। शिकायतों की टाइमिंग भी संदिग्ध बताई जा रही है। कुछ गंभीर शिकायतें मात्र चार मिनट के अंदर दर्ज की गईं, जिसे लेकर सवाल उठ रहे हैं कि क्या कोई सामान्य नागरिक इतनी तेजी से कई शिकायतें दर्ज करा सकता है। इस खुलासे के बाद मऊगंज पुलिस ने एक आरक्षक को लाइन हाजिर कर दिया है।
उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा
इसे मुद्दे पर उमंग सिंघार ने मध्यप्रदेश की बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि भाजपा सरकार भ्रष्टाचार और आंकड़ों की बाजीगरी में हर सीमा पार कर चुकी है और इसका ताजा उदाहरण सीएम हेल्पलाइन से जुड़ा ये मामला है। नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि जनता की शिकायतों को सुनने और उनके समाधान के लिए बनाई गई व्यवस्था को भी फर्जी शिकायतों की फैक्ट्री में बदल दिया गया है।उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के गृह विभाग में सरकार को अपनी उपलब्धियां दिखाने के लिए अब सीएम हेल्पलाइन में भी कागजी खेल और फर्जीवाड़ा करना पड़ रहा है। कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि जब शिकायतें भी फर्जी हों, उनका समाधान भी फर्जी हो और आंकड़े भी फर्जी हों तो जनता न्याय की उम्मीद किससे करे।