पेपर लीक मुद्दे पर कन्हैया कुमार का केंद्र सरकार पर तीखा हमला, शिक्षा को ‘प्रोडक्ट’ बनाने का आरोप, जानें और क्या कहा

देश के भविष्य की नींव कही जाने वाली शिक्षा व्यवस्था आज सवालों के घेरे में है। एक के बाद एक सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने छात्रों और अभिभावकों का भरोसा तोड़ दिया है। इसी मुद्दे पर कांग्रेस नेता और नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के AICC इंचार्ज कन्हैया कुमार ने केंद्र

Jun 19, 2026 - 17:30
पेपर लीक मुद्दे पर कन्हैया कुमार का केंद्र सरकार पर तीखा हमला, शिक्षा को ‘प्रोडक्ट’ बनाने का आरोप, जानें और क्या कहा

देश के भविष्य की नींव कही जाने वाली शिक्षा व्यवस्था आज सवालों के घेरे में है। एक के बाद एक सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने छात्रों और अभिभावकों का भरोसा तोड़ दिया है। इसी मुद्दे पर कांग्रेस नेता और नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के AICC इंचार्ज कन्हैया कुमार ने केंद्र सरकार और बीजेपी पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि आज शिक्षा को एक ‘प्रोडक्ट’ बना दिया गया है और इसके लिए सीधे तौर पर केंद्र सरकार जिम्मेदार है।

कन्हैया कुमार ने शुक्रवार को बीजेपी और केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि देश में शिक्षा के प्रति सरकार का रवैया बेहद लापरवाह हो गया है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि ओडिशा के पाठ्यक्रम में एक वैज्ञानिक को पायलट बता दिया गया है, और ऐसी कई गलतियां हैं जो शिक्षा की गुणवत्ता पर सवाल उठाती हैं। वहीं राजस्थान में परीक्षा के दौरान प्रश्न पत्र की जगह आंसर शीट दे दी गई, जो सरकारी व्यवस्था की पोल खोलती है। उन्होंने तीखे सवाल करते हुए पूछा कि जब लोगों को अशिक्षित रखा जाएगा और लाखों युवा बेरोजगार रहेंगे, तो भारत एक विकसित राष्ट्र कैसे बन पाएगा? यह एक गंभीर चिंता का विषय है जिस पर सरकार को जवाब देना चाहिए।

‘पर्ची वाले प्रधानमंत्री’ के राज में शिक्षा बनी प्रोडक्ट: कन्हैया कुमार

कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि ‘पर्ची वाले प्रधानमंत्री’ के राज में शिक्षा को पूरी तरह से एक ‘प्रोडक्ट’ में बदल दिया गया है। आज शिक्षा किसी के लिए भी आसान नहीं रह गई है और इसका मुख्य कारण उन अयोग्य लोगों का पदों पर बैठना है, जिन्हें शिक्षा के महत्व की कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने साफ कहा कि मोदी सरकार का शिक्षा को लेकर अप्रोच ही पूरी तरह से गड़बड़ है, जिसके दुष्परिणाम अब सामने आ रहे हैं।

पीएम मोदी के बयान पर कन्हैया कुमार का तंज

कन्हैया कुमार ने पेपर लीक के बढ़ते मामलों पर भी हमला बोला। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के उस जुमले को याद दिलाया जिसमें उन्होंने कहा था, ‘हम हार्वर्ड वाले नहीं, बल्कि हार्डवर्क वाले हैं।’ कन्हैया कुमार ने तंज कसते हुए कहा कि इनका यही ‘हार्डवर्क’ है कि देश में लगातार पेपर लीक हो रहे हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जो सरकार ‘वोट चोरी’ करेगी, वो निश्चित तौर पर ‘पेपर चुराएगी’ भी। यह एक सीधा संबंध है जो आज देश की जनता देख रही है। उन्होंने यह भी कहा कि जिस सरकार में बैठे लोग ‘एजुकेशन’ का ‘ई’ भी नहीं जानते, वे ऐसे ही शिगूफे छोड़ेंगे और समस्याओं का समाधान करने की बजाय टेलीग्राम जैसे माध्यमों को बैन करने की बात करेंगे। कन्हैया कुमार ने कड़े शब्दों में कहा कि पेपर लीक रोकने के लिए सरकार को कड़े कदम उठाने होंगे और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को बैन करना होगा। उन्होंने हैरानी जताई कि प्रधानमंत्री मोदी जो ‘परीक्षा पर चर्चा’ करते हैं, वे पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर एक शब्द भी नहीं बोलते, जो छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ है।

उन्होंने आगे कहा कि आज देश में कोई ऐसी परीक्षा नहीं बची है, जिसका पेपर लीक न हो रहा हो। अब तो संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा पर भी सवाल उठने लगे हैं। इन सबका कारण सरकार में बैठे लोगों का नाकारापन और शिक्षा के प्रति गंभीरता की कमी है, जिसने इस महत्वपूर्ण व्यवस्था को मजाक बनाकर रख दिया है।

शिक्षा व्यवस्था से उठ गया लोगों का भरोसा: कन्हैया कुमार

कन्हैया कुमार ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज शिक्षा व्यवस्था पर से आम आदमी का भरोसा पूरी तरह टूट चुका है। उन्होंने नेता विपक्ष राहुल गांधी के बयान का हवाला देते हुए कहा कि राहुल गांधी ने साफ-साफ कहा है कि कांग्रेस शिक्षा पर राजनीति नहीं करना चाहती, लेकिन आज हर मां-बाप को यह डर सता रहा है कि उनका बच्चा कहीं कोई गलत कदम न उठा ले। छात्र भयंकर डिप्रेशन में हैं, लेकिन बीजेपी का एक भी नेता यह नहीं कह रहा कि नीट का एग्जाम दोबारा होना चाहिए। वे जिम्मेदारी लेने की बजाय राहुल गांधी से ही सवाल पूछ रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या केंद्र में कांग्रेस पार्टी की सरकार है? कन्हैया कुमार ने प्रधानमंत्री मोदी से आग्रह किया कि उन्हें नेता विपक्ष राहुल गांधी जी की बात सुननी चाहिए, क्योंकि शिक्षा राजनीति का मसला नहीं है, यह देश के भविष्य का सवाल है।

उन्होंने अपनी बात दोहराते हुए कहा कि आज शिक्षा व्यवस्था पर से आम व्यक्ति का भरोसा पूरी तरह उठ गया है। छात्रों से उनके सपने देखने का अधिकार छीन लिया गया है। देश की सरकार आम जनता की जेब काट रही है और मोदी सरकार ने शिक्षा को पूरी तरह से एक ‘प्रोडक्ट’ में तब्दील कर दिया है। देश में बड़े-बड़े पदों पर अयोग्य लोगों को बैठाया जा रहा है और जब कांग्रेस ऐसे गंभीर मुद्दों पर सवाल उठाती है, तो हम पर राजनीति करने का आरोप लगाया जाता है। उन्होंने अंत में एक गंभीर सवाल उठाया कि क्या पेपर लीक करवाना देशभक्ति का काम है? यह सवाल आज देश के हर युवा और अभिभावक के मन में है।