शासकीय अभिलेखों में हेराफेरी करना पड़ा भारी, रिकॉर्ड रूम के दो कर्मचारियों एवं एक अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज
ग्वालियर जिले में पदस्थ दो शासकीय कर्मचारियों ने अपने ही शासन के प्रति एक ऐसा षड्यंत्र किया कि अब जल्दी ही उनकी गिरफ़्तारी हो सकती है, कलेक्टर रुचिका चौहान के निर्देश पर उनके खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज की गई है, पुलिस ने कर्मचारियों के साथ षड्यंत्र में शामिल एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ भी
ग्वालियर जिले में पदस्थ दो शासकीय कर्मचारियों ने अपने ही शासन के प्रति एक ऐसा षड्यंत्र किया कि अब जल्दी ही उनकी गिरफ़्तारी हो सकती है, कलेक्टर रुचिका चौहान के निर्देश पर उनके खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज की गई है, पुलिस ने कर्मचारियों के साथ षड्यंत्र में शामिल एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ भी मुकदमा कायम किया है।
अपर कलेक्टर ग्वालियर कुमार सत्यम के मुताबिक जिले के ग्राम महू स्थित एक जमीन से जुआ दीवानी प्रकरण व्यवहार न्यायालय में चल रहा है, जिला प्रशासन को जानकारी मिली कि संबंधित पटवारी एवं रिकॉर्ड रूम में पदस्थ कर्मचारियों द्वारा शासन के विरुद्ध वादी पक्ष (शिकायतकर्ता) को फायदा पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है, मामला संज्ञान में आते ही इसकी जानकारी कलेक्टर रुचिका चौहान को दी गई, मामले की गंभीरता को समझते हुए कलेक्टर के निर्देश पर जांच कराई गई।
प्रशासन की जांच में सामने आया कि न्यायालय में शासन की तरफ से साक्षी के रूप में उपस्थित पटवारी कुलदीप चाहर शासन के पक्ष के विपरीत जाकर वादी के पक्ष में ही दिखाई दे रहे हैं, उन्होंने जमीन के मूल राजस्व अभिलेखों का मिलान किये बिना है वादी धर्मवीर द्वारा न्यायालय में प्रस्तुत दस्तावेजों को स्वीकार कर लिया इतना ही नहीं प्रभारी अधिकारी जो शासकीय अभिलेख लेकर गया था उसे वो न्यायालय में रखने ही नहीं दिया गया, इस गंभीर लापरवाही के चलते पटवारी कुलदीप चाहर को निलंबित कर दिया गया।
जांच में सामने आया शासकीय अभिलेखों में हेराफेरी और षड्यंत्र
जब जांच आगे बढ़ी तो रिकॉर्ड रूम में पदस्थ कर्मचारियों की भी मिली भगत सामने आई , रिकॉर्ड रूम में पदस्थ सहायक वर्ग-3 सतपाल कुशवाह एवं भृत्य वीरेन्द्र कुशवाह की भूमिका संदिग्ध दिखाई दी, उनसे पूछताछ में निकलकर आया कि उन्होंने वादी धर्मवीर से मिलीभगत कर शासकीय अभिलेखों में हेराफेरी करने तथा महत्वपूर्ण अभिलेखों को नष्ट करने का प्रयास किया।
दो कर्मचारियों और शिकायतकर्ता के विरुद्ध एफआईआर दर्ज
कलेक्टर ने कर्मचारियों के इस कृत्य को गंभीर लापरवाही माना और शासन के विरुद्ध षड्यंत्र माना, कलेक्टर के निर्देश पर सहायक वर्ग-3 सतपाल कुशवाह एवं भृत्य वीरेन्द्र कुशवाह और वादी धर्मवीर के खिलाफ एफआईआर कराने के निर्देश दिए जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि शासकीय अभिलेखों से छेड़छाड़ तथा शासन के हितों के विरुद्ध किसी भी प्रकार की अनियमितता या कदाचार को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जायेगी।