भोपाल में शासकीय भूमि पर अवैध उत्खनन का आरोप, रहवासियों ने सौंपा कलेक्टर को ज्ञापन, कार्रवाई की मांग

भोपाल में शासकीय भूमि पर अवैध उत्खनन का मामला सामने आया है। रहवासियों का कहना है कि अकबरपुर के सर्वे क्रमांक-3 स्थित लगभग 400-500 करोड़ रुपये मूल्य की शासकीय भूमि पर कथित अवैध उत्खनन किया जा रहा है। पहाड़ों और पेड़ों की अंधाधुंध कटाई हो रही है। अवैध प्लॉटिंग करने के आरोप भी उन्होंने लगाए

Jul 15, 2026 - 19:30
भोपाल में शासकीय भूमि पर अवैध उत्खनन का आरोप, रहवासियों ने सौंपा कलेक्टर को ज्ञापन, कार्रवाई की मांग

भोपाल में शासकीय भूमि पर अवैध उत्खनन का मामला सामने आया है। रहवासियों का कहना है कि अकबरपुर के सर्वे क्रमांक-3 स्थित लगभग 400-500 करोड़ रुपये मूल्य की शासकीय भूमि पर कथित अवैध उत्खनन किया जा रहा है। पहाड़ों और पेड़ों की अंधाधुंध कटाई हो रही है। अवैध प्लॉटिंग करने के आरोप भी उन्होंने लगाए हैं।

दानिश हिल्स व्यू के रहवासियों ने भोपाल कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। इस मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। रहवासियों का कहना है कि सैकड़ों पेड़ों को काटकर लगभग 100 से 125 बड़े प्लॉट बनाए जा रहे हैं। जिन्हें बाद में करोड़ों रुपये में बेचा जा रहा है।

वन्यजीवों पर खतरा

ज्ञापन में कहा गया है की भूमि बाघों का सक्रिय भ्रमण क्षेत्र है। यहां मोर समेत और कई दुर्लभ पशु-पक्षी एवं वन्य जीव रहते हैं। अवैध कटाई और मशीनों के शोर से वन्य जीवों को खतरा है। उनका प्राकृतिक आवास पूरी तरीके से बर्बाद हो रहा है। पर्यावरण को भी नुकसान हो रहा है। जिसका सीधा रहवासियों पर पड़ेगा।  वन्यजीव आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आने को मजबूर हो सकते हैं।

मशीनों पर कोई नंबर नहीं

ज्ञापन में कहा गया है कि उत्खनन में इस्तेमाल हो रहे जेसीबी और पोकलेन मशीनों पर कोई रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं लिखा गया है। जब रहवासियों ने मजदूरों और ठेकेदारों से बात पूछताछ की तो उन्होंने से कोई भी सरकारी वैध दस्तावेज दिखाने से भी इनकार कर दिया। उनका कहना है कि यह काम दानिश कंपनी द्वारा उन्हें सौंपा गया है। सरकारी भूमि पर निजी कंपनी के नाम पर काम किया जा रहा है, जो वैधता पर सवाल खड़े कर रहा है।

पहले भी हो चुकी है कार्रवाई, रहवासियों ने की ये मांग 

10 जुलाई को तहसीलदार और पटवारी समेत प्रशासन की टीम ने स्थल का निरीक्षण किया गया था। अवैध उत्खनन और पहाड़-पेड़ों की कटाई को देखते हुए काम को तुरंत बंद करवाया गया। एक पोकलेन मशीन जब्त कर ली गई थी। अब रहवासियों ने जब्त मशीन को प्रशासन की सुपुर्दगी में करने की मांग की है।

रहवासियों ने कलेक्टर से शासकीय भूमि का तत्काल सीमांकन करावाने की मांग की है। अवैध उत्खनन और निर्माण पर रोक लगाने और बिना नंबर वाली मशीनों को जब्त करने की मांग भी की गई है। संबंधित ठेकेदारों एवं अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ शासकीय भूमि पर अतिक्रमण, पर्यावरण संरक्षण अधिनियम और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज करने और सख्त कार्रवाई की मांग भी रहवासियों ने कलेक्टर से सामने रखी है। यहां देखें कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन की कॉपी

Anand Sahay पत्रकारिता के क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है और ब्रेकिंग न्यूज़ तथा राष्ट्रीय खबरों को कवर करने में विशेष रुचि रखते हैं। महत्वपूर्ण घटनाओं का विश्लेषण कर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।