त्विषा शर्मा केस: सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह 5 दिन की CBI रिमांड पर, अब आमने-सामने बैठाकर होगी पूछताछ

अभिनेत्री त्विषा शर्मा की रहस्यमय मौत के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के सामने अब बड़ी चुनौती है। जांच एजेंसी ने शुक्रवार को आरोपित सास रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह को पांच दिन की रिमांड पर लिया है। सीबीआई अब दोनों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करेगी, जिससे मामले की गुत्थियां सुलझ

May 29, 2026 - 15:30
त्विषा शर्मा केस: सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह 5 दिन की CBI रिमांड पर, अब आमने-सामने बैठाकर होगी पूछताछ

अभिनेत्री त्विषा शर्मा की रहस्यमय मौत के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के सामने अब बड़ी चुनौती है। जांच एजेंसी ने शुक्रवार को आरोपित सास रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह को पांच दिन की रिमांड पर लिया है। सीबीआई अब दोनों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करेगी, जिससे मामले की गुत्थियां सुलझ सकें और सच्चाई सामने आ सके।

समर्थ सिंह पहले से ही सात दिन की सीबीआई रिमांड पर था। शुक्रवार को रिमांड अवधि समाप्त होने पर उसे दोबारा विशेष अदालत में पेश किया गया। जांच एजेंसी ने दोनों की पांच-पांच दिन की रिमांड मांगी थी, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया। इस दौरान आरोपी पक्ष के वकील ने भी रिमांड की मांग का विरोध नहीं किया। दोपहर 12:34 बजे से 2:08 बजे तक दोनों आरोपी अदालत कक्ष में मौजूद रहे, जिसके बाद सीबीआई टीम उन्हें अपने साथ लेकर रवाना हो गई।

सास और पति से आमने-सामने पूछताछ करेगी CBI

जानकारी मुताबिक, रिमांड के दौरान सीबीआई गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को आमने-सामने बैठाकर गहन सवाल-जवाब करेगी। जांच एजेंसी समर्थ से उसकी फरारी के दिनों के बारे में भी पूछताछ करेगी कि वह कहां रहा और किन लोगों के संपर्क में था। सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, इस जांच में अब ‘टनल व्यू इन्वेस्टिगेशन’ तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके तहत एजेंसी त्विषा के आखिरी घंटों का वर्चुअल रीक्रिएशन तैयार कर रही है, ताकि घटनाक्रम की हर कड़ी को बारीकी से समझा जा सके।

डिजिटल सबूतों की गहन जांच में जुटी CBI

सीबीआई डिजिटल साक्ष्यों की भी गहराई से पड़ताल कर रही है। 28 मई की सुबह करीब 10:30 बजे सीबीआई की टीम गिरिबाला सिंह के घर पहुंची थी। जहां एक कमरे में सात घंटे से अधिक समय तक पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। जांच एजेंसी ने इस मामले में 25 मई की रात औपचारिक एफआईआर दर्ज की थी। बीते तीन दिन में सीबीआई ने पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया। स्पॉट वेरिफिकेशन के दौरान जांच एजेंसी को ऐसे संकेत मिले, जिनसे सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका मजबूत हुई है। यह भी जांच का एक अहम पहलू है।

सीबीआई अब कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), टावर लोकेशन और अन्य डिजिटल एविडेंस का विश्लेषण कर रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि घटना की रात किन-किन लोगों से संपर्क किया गया था और मौत के बाद घटनास्थल पर क्या बदलाव किए गए। इन सभी पहलुओं पर बारीकी से काम किया जा रहा है ताकि कोई भी महत्वपूर्ण जानकारी छूट न जाए।

CBI ने तैयार किया डिजिटल मूवमेंट ट्रैक

सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई ने घर के भीतर त्विषा के मूवमेंट का डिजिटल ट्रैक तैयार किया है। इसके लिए सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन डेटा, वाई-फाई लॉग, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और कमरों की फॉरेंसिक मैपिंग को एक साथ जोड़ा जा रहा है। एजेंसी तीन मंजिला मकान के भीतर त्विषा की आखिरी लोकेशन, आवाजाही और संपर्कों का क्रम तैयार कर रही है। सीबीआई जांच में त्विषा का डिजिटल अवतार तैयार किया जा रहा है। इसके जरिए यह समझने की कोशिश होगी कि घटना से पहले वह घर के किस हिस्से में थी, कौन-कौन लोग किन कमरों में आए या बाहर गए और किस समय क्या गतिविधि हुई। जांच एजेंसी कैमरों के टाइमस्टैंप, मोबाइल एक्टिविटी और इंटरनेट उपयोग के समय का मिलान कर एक सिम्युलेटेड वर्चुअल वॉकथ्रू तैयार कर रही है। इससे घटना से पहले और बाद के समय में मौजूद गैप, संदिग्ध मूवमेंट और बयानों में विरोधाभास की जांच की जा सकेगी, जिससे केस की परतें खुल सकें।

Anand Sahay पत्रकारिता के क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है और ब्रेकिंग न्यूज़ तथा राष्ट्रीय खबरों को कवर करने में विशेष रुचि रखते हैं। महत्वपूर्ण घटनाओं का विश्लेषण कर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।